नई दिल्ली: एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में इथेनॉल मिलाने को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। सरकार ने कहा है कि ATF में इथेनॉल मिलाने की कोई योजना नहीं है और इस तरह के दावे पूरी तरह भ्रामक एवं गैर-जिम्मेदाराना हैं। सरकार ने दोहराया कि हवाई यात्रियों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि सरकार ATF में इथेनॉल मिलाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें सूत्रों से ऐसी जानकारी मिली है और विशेषज्ञों के अनुसार इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
सरकार ने दावों को बताया निराधार
Sources indicate that Modi govt plans to mix ethanol in Aviation Turbine Fuel (ATF). Experts say that this cud seriously compromise the safety of flights
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 6, 2026 इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने X पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि सरकार के पास ATF में इथेनॉल मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
उन्होंने कहा कि इथेनॉल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) पूरी तरह अलग ईंधन हैं और दोनों को एक-दूसरे से जोड़कर देखना गलत है।
मंत्री के अनुसार, SAF एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित विमानन ईंधन है, जिसे इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) की मान्यता प्राप्त है। इसे दुनिया के कई देशों में उपयोग किया जा रहा है और यह कड़े तकनीकी परीक्षणों तथा वैश्विक सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है।
यात्रियों में भ्रम फैलाने से बचने की अपील
राम मोहन नायडू ने कहा कि हवाई सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर गलत जानकारी फैलाने से यात्रियों में अनावश्यक डर और भ्रम पैदा होता है। उन्होंने कहा कि भारत का विमानन क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन करता है और यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
केजरीवाल ने क्या कहा?
अरविंद केजरीवाल ने X पर एक लेख साझा करते हुए दावा किया कि देश में ATF में इथेनॉल और अन्य सिंथेटिक हाइड्रोकार्बन मिलाने की अनुमति दी जा चुकी है। उन्होंने लिखा कि यदि ऐसा होता है तो विमान का इंजन उड़ान के दौरान बंद होने जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है और यात्रियों को मिलावटी एविएशन फ्यूल से चलने वाले विमान में यात्रा करने का जोखिम नहीं उठाना चाहिए।
हालांकि, सरकार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि ATF में इथेनॉल मिश्रण की कोई नीति या योजना मौजूद नहीं है।
E20 पेट्रोल और SAF में क्या अंतर है?
The claim that the Government plans to blend ethanol with Aviation Turbine Fuel (ATF) is completely false and irresponsible. There is no such proposal.
Ethanol and Sustainable Aviation Fuel (SAF) are entirely different and should not be conflated. SAF is an internationally…
— Ram Mohan Naidu Kinjarapu (@RamMNK) August 6, 2026 हाल के दिनों में देश में E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर भी बहस चल रही है। यह ईंधन केवल सड़क परिवहन के लिए तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य पेट्रोल पर निर्भरता कम करना तथा प्रदूषण घटाना है।
वहीं सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) विमानन क्षेत्र के लिए विकसित विशेष ईंधन है, जिसे इस्तेमाल करने से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रमाणन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। इसलिए E20 और SAF की तुलना करना तकनीकी रूप से सही नहीं माना जाता।
निष्कर्ष
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल में इथेनॉल मिलाने की कोई योजना नहीं है। सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रहे दावों का वास्तविक नीति से कोई संबंध नहीं है और विमानन सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।


