नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के बीच केंद्र सरकार ने किसानों और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े दो बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने का फैसला किया है। इसके लिए ₹3.15 लाख करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) को भी मंजूरी मिली है, जिसके तहत देशभर में फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं का विकास किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे हजारों रोजगार पैदा होंगे और कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कमी आएगी।
Highlights
- PM-Kisan योजना को 2030-31 तक बढ़ाने का फैसला।
- योजना के लिए ₹3.15 लाख करोड़ का बजट मंजूर।
- किसानों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।
- PM सूर्य सरोवर योजना को ₹5,070 करोड़ के बजट के साथ मंजूरी।
- 5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर क्षमता विकसित होगी।
- 16,000 से 17,000 नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद।
- सालाना लगभग 10 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन में कमी का अनुमान।
PM-Kisan योजना को मिला पांच साल का विस्तार
केंद्र सरकार की सबसे लोकप्रिय किसान योजनाओं में शामिल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) को अब वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखा जाएगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस विस्तार को मंजूरी देते हुए ₹3.15 लाख करोड़ का वित्तीय प्रावधान भी स्वीकृत किया है।
इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। इससे देश के करोड़ों किसानों को अगले पांच वर्षों तक नियमित वित्तीय सहायता मिलती रहेगी।
किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?
PM-Kisan योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों की आय में सहयोग करना है। खेती से जुड़े खर्च जैसे बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए मिलने वाली यह सहायता किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कई राज्य सरकारें भी इस केंद्रीय योजना के साथ अपनी ओर से अतिरिक्त आर्थिक सहायता जोड़कर किसानों के खातों में राशि भेजती हैं। ऐसे में केंद्र के इस फैसले से किसानों को भविष्य में भी लगातार लाभ मिलता रहेगा।
PM सूर्य सरोवर योजना को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना (PM-SSY) को भी मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत ₹5,070 करोड़ की लागत से देशभर में जलाशयों और बड़े जल निकायों पर 5,000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर क्षमता विकसित की जाएगी।
इस परियोजना में कम से कम 2 घंटे (10,000 MWh) ऊर्जा भंडारण क्षमता भी विकसित की जाएगी, जिससे बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और विश्वसनीय बन सकेगी।
भारत में फ्लोटिंग सोलर की बड़ी संभावनाएं
सरकार के अनुसार, यह योजना राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) के आकलन पर आधारित है। संस्थान के मुताबिक भारत के जलाशयों और जल निकायों में करीब 102.18 गीगावाट (GWp) फ्लोटिंग सोलर क्षमता विकसित करने की संभावना मौजूद है।
फिलहाल देश में लगभग 700 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर क्षमता है, जिसे इस योजना के जरिए बढ़ाकर 5,000 मेगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
17 हजार नौकरियों के अवसर
सरकार का अनुमान है कि प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना से 16,000 से 17,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा फ्लोटेशन सिस्टम, सोलर पीवी सेल, मॉड्यूल और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के घरेलू विनिर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस योजना का लाभ देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलेगा।
पर्यावरण को भी होगा फायदा
सरकार के मुताबिक इस योजना के लागू होने से हर वर्ष लगभग 10 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन कम होने की संभावना है। इससे भारत को स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य हासिल करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी मदद मिलेगी।
किसानों और ऊर्जा क्षेत्र दोनों को मिलेगा लाभ
एक ओर जहां PM-Kisan योजना के विस्तार से करोड़ों किसानों को अगले पांच वर्षों तक आर्थिक सहायता मिलती रहेगी, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, रोजगार सृजन और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि ये दोनों फैसले कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक विकास को गति देंगे।


