Asian Stocks Today: एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज बिकवाली के चलते जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी दबाव में रहे। हालांकि AI से जुड़ी कंपनियों की मजबूत कमाई के बावजूद निवेशकों के बीच ऊंचे वैल्यूएशन और बढ़ते खर्च को लेकर चिंता बनी हुई है।
टेक्नोलॉजी शेयरों ने बढ़ाया दबाव
एशियाई बाजारों में सबसे ज्यादा दबाव टेक्नोलॉजी सेक्टर पर देखने को मिला। दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनी Samsung Electronics के शेयर तिमाही नतीजों में मजबूत मुनाफा दर्ज करने के बावजूद 5% से अधिक टूट गए। कंपनी ने AI डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स की मजबूत मांग के चलते तिमाही लाभ में करीब 19 गुना बढ़ोतरी दर्ज की, लेकिन निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
वहीं, SK Hynix के शेयर भी करीब 1% फिसल गए। कंपनी द्वारा अमेरिकी लिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू करने की खबर के बाद भी निवेशकों का उत्साह सीमित रहा।
एशियाई बाजारों का हाल
मंगलवार के कारोबार में प्रमुख एशियाई बाजारों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- दक्षिण कोरिया का Kospi लगभग 4% तक लुढ़का।
- Kosdaq Index में करीब 0.72% की गिरावट दर्ज हुई।
- जापान का Nikkei 225 हल्की कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा।
- Topix Index लगभग 0.60% मजबूत रहा।
- ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 करीब 0.12% फिसला।
- हांगकांग Hang Seng Index Futures 23,571 पर कारोबार करते दिखे, जो पिछले बंद स्तर 23,616.32 से नीचे था।
AI रैली की मजबूती पर उठे सवाल
हाल के महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। हालांकि अब निवेशक यह आकलन कर रहे हैं कि क्या कंपनियों का बढ़ता पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure), बढ़ती प्रतिस्पर्धा और उत्पादन क्षमता में विस्तार भविष्य में पर्याप्त मुनाफा दे पाएगा।
हालांकि अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनियों ने पिछली तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया, लेकिन बाजार अब आगे की कमाई की संभावनाओं पर ज्यादा ध्यान दे रहा है।
कच्चे तेल में भी आई नरमी
कमोडिटी बाजार में भी दबाव देखने को मिला। WTI Crude Oil की कीमत 69 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गई।
तेल की कीमतों पर दबाव के प्रमुख कारण:
- सऊदी अरब द्वारा कीमतों में कटौती।
- वैश्विक सप्लाई बढ़ने के संकेत।
- होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग गतिविधियों का सामान्य होना।
बॉन्ड मार्केट और करेंसी पर नजर
अमेरिका में शॉर्ट-टर्म ट्रेजरी बॉन्ड्स में खरीदारी बढ़ी, क्योंकि हालिया मजबूत रोजगार आंकड़ों के बाद निवेशकों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व फिलहाल ब्याज दरों में कटौती को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा।
वहीं, जापानी येन डॉलर के मुकाबले करीब 162.08 पर लगभग स्थिर रहा, जबकि हेज फंड्स ने 2007 के बाद येन पर सबसे बड़ी मंदी (Bearish) पोजीशन बनाई हुई है।
अमेरिकी शेयर बाजार में रही मजबूती
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। AI और चिप कंपनियों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।
मुख्य इंडेक्स का प्रदर्शन:
- S&P 500 0.72% बढ़कर 7,537.43 पर बंद हुआ।
- Nasdaq Composite 1.12% की तेजी के साथ 26,121.16 पर पहुंच गया।
- Dow Jones Industrial Average 155.84 अंक यानी 0.29% चढ़कर 53,055.91 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि दूसरी तिमाही के कॉरपोरेट नतीजे यह तय करेंगे कि AI आधारित कंपनियों में जारी तेजी आगे भी बनी रहती है या नहीं।
निष्कर्ष
एशियाई बाजारों में फिलहाल टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली का असर साफ दिखाई दे रहा है। AI सेक्टर की मजबूत कमाई के बावजूद निवेशकों की नजर अब भविष्य की ग्रोथ, बढ़ते खर्च और कंपनियों के वैल्यूएशन पर टिकी हुई है। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


