Asian Market Today: अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की मजबूत खरीदारी का असर शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 शुरुआती कारोबार में 1% से ज्यादा चढ़े। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर कंपनियों में बढ़ती दिलचस्पी ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। वहीं, अमेरिका में महंगाई से जुड़े कमजोर आंकड़ों और तेल की कीमतों में नरमी से भी बाजार की धारणा को सहारा मिला है।
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में टेक कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। S&P 500 नए शिखर पर पहुंचा, जबकि डाओ जोंस इंट्राडे में 54,000 के स्तर के ऊपर निकल गया। मेटा, माइक्रॉन और नेटफ्लिक्स जैसे शेयरों में तेजी के चलते नैस्डैक ने प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स में बेहतर प्रदर्शन किया।
कोस्पी और निक्केई में जोरदार तेजी
एशियाई बाजारों की बात करें तो MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में करीब 0.4% की बढ़त दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सबसे मजबूत प्रदर्शन करने वाले प्रमुख इंडेक्स में रहा। कारोबार के दौरान कोस्पी करीब 3% तक ऊपर गया और बाद में लगभग 1.86% की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
जापान में भी निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। निक्केई 225 करीब 1.68% और टोपिक्स 0.95% ऊपर रहा। हालांकि, हांगकांग के बाजार में तस्वीर कुछ कमजोर रही और हैंग सेंग फ्यूचर्स करीब 0.6% नीचे रहा।
एशियाई बाजारों में टेक और सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी को तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है। अमेरिकी बाजार में AI से जुड़ी कंपनियों में मजबूत प्रदर्शन के बाद एशियाई निवेशकों का रुझान भी इस सेक्टर की ओर बढ़ा है।
अमेरिका के महंगाई आंकड़ों से मिली राहत
अमेरिका से आए आर्थिक आंकड़ों ने भी वैश्विक बाजारों की धारणा को बेहतर किया है। गुरुवार को जारी US Producer Price Index (PPI) के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में थोक महंगाई अर्थशास्त्रियों के अनुमान से अधिक धीमी हुई।
मुख्य PPI महंगाई जून के 5.5% से घटकर जुलाई में सालाना आधार पर 4.7% रह गई। महीने-दर-महीने आधार पर भी इसमें खास बढ़ोतरी नहीं हुई। इससे निवेशकों को यह उम्मीद बढ़ी है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर ज्यादा आक्रामक रुख नहीं अपनाएगा।
इससे पहले कमजोर अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट भी सामने आई थी। इन दोनों आंकड़ों को मिलाकर देखा जाए तो सितंबर में अमेरिकी ब्याज दरों में बदलाव की संभावना को लेकर बाजार की उम्मीदों में नरमी आई है।
AI और सेमीकंडक्टर शेयरों पर फोकस
हाल के दिनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी फिर बढ़ी है। जुलाई में सेमीकंडक्टर सेक्टर में आई कमजोरी के बाद इस क्षेत्र के कई शेयरों में रिकवरी देखने को मिली है।
AI से जुड़े निवेश को लेकर बाजार में दोबारा उत्साह बढ़ने से चिप और टेक कंपनियों को फायदा मिल रहा है। अमेरिका में माइक्रॉन जैसी कंपनियों में खरीदारी का असर एशियाई टेक शेयरों पर भी देखने को मिल रहा है, खासकर दक्षिण कोरिया और जापान के बाजारों में।
हालांकि, निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उससे जुड़े संभावित आर्थिक जोखिमों पर भी बनी हुई है। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की स्थिति में तेल की कीमतों और वैश्विक महंगाई पर दोबारा दबाव आ सकता है।
जापानी येन पर भी निवेशकों की नजर
मुद्रा बाजार में जापानी येन करीब 159.45-159.50 प्रति डॉलर के आसपास स्थिर रहा। जापान की मौद्रिक नीति को लेकर भी बाजार में चर्चा तेज है।
रिपोर्टों के मुताबिक, जापान के प्रधानमंत्री साने ताकाइची का प्रशासन बैंक ऑफ जापान की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी के पक्ष में है। बाजार में इस साल सितंबर या अक्टूबर में दरों में बढ़ोतरी की संभावना को लेकर भी अटकलें हैं।
दूसरी ओर, ऑफशोर युआन में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ और यह करीब 6.7436 प्रति डॉलर के स्तर पर बना रहा।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
वैश्विक बाजारों के लिए एक और अहम संकेत कच्चे तेल की कीमतों से मिला है। लगातार छह सत्रों की तेजी के बाद गुरुवार को तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई थी। इसके बाद शुक्रवार को कीमतों में कुछ स्थिरता देखने को मिली।
ब्रेंट क्रूड करीब 87.20 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) करीब 0.1% बढ़कर 81.35 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।
तेल की कीमतों में नरमी से वैश्विक महंगाई पर दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। यही वजह है कि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली नीतिगत बैठक और ब्याज दरों के संकेतों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
अमेरिकी ड्रोन पर 100% टैरिफ का असर
इस बीच अमेरिका ने विदेशी सप्लायर्स पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से आयातित ड्रोन और उनके पार्ट्स पर 100% टैरिफ लगाने की दिशा में कदम उठाया है। इससे ड्रोन और संबंधित सप्लाई चेन कंपनियों पर असर पड़ सकता है।
वैश्विक बाजार फिलहाल एक साथ कई संकेतों पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं—एक तरफ AI और टेक शेयरों में तेजी है, तो दूसरी तरफ भू-राजनीतिक तनाव, व्यापार नीतियां और केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीति निवेशकों के लिए प्रमुख जोखिम बने हुए हैं।
आज एशियाई बाजारों में क्या संकेत मिल रहे हैं?
कुल मिलाकर शुक्रवार के शुरुआती कारोबार से एशियाई बाजारों में सकारात्मक माहौल नजर आ रहा है। कोस्पी और निक्केई में 1% से ज्यादा की तेजी, अमेरिकी टेक शेयरों की मजबूती और महंगाई के अपेक्षाकृत नरम आंकड़ों ने निवेशकों का मनोबल बढ़ाया है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए भी एशियाई बाजारों का यह रुझान शुरुआती संकेत के तौर पर महत्वपूर्ण रहेगा। हालांकि, घरेलू बाजार की दिशा तय करने में अमेरिकी फ्यूचर्स, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी अहम भूमिका निभाएंगी।
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