Gift Nifty Indicator: ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच शुक्रवार, 14 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रहने के संकेत मिल रहे हैं। सुबह के कारोबार में GIFT Nifty मामूली कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया, जिससे संकेत मिल रहा है कि सेंसेक्स और निफ्टी 50 की शुरुआत फ्लैट से लेकर हल्की गिरावट के साथ हो सकती है। हालांकि, अमेरिकी बाजारों में तेजी और एशियाई बाजारों के मजबूत रुख से घरेलू बाजार को कुछ सपोर्ट मिल सकता है।
सुबह करीब 7:45 बजे GIFT Nifty 15 अंक यानी 0.06 फीसदी की गिरावट के साथ 24,444 के आसपास कारोबार कर रहा था। ऐसे में शुरुआती संकेतों के आधार पर बाजार में बड़े गैप-अप या गैप-डाउन की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है। ट्रेडर्स की नजर अब ग्लोबल संकेतों के साथ-साथ निफ्टी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों पर रहेगी।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से बाजार को मिला सपोर्ट
अमेरिका से आए महंगाई के आंकड़े बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहने के बाद निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई है। इससे यह उम्मीद मजबूत हुई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में बदलाव नहीं करेगा।
ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता कम होने का असर ग्लोबल इक्विटी बाजारों पर भी दिखाई दिया। एशियाई बाजारों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार भी गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव अभी भी बाजार के लिए एक जोखिम बना हुआ है।
सीजफायर बातचीत में रुकावट और ईरान को लेकर अमेरिका की ओर से नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखने की धमकी ने मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ाई है। इसका असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर भी पड़ा है।
गुरुवार को भारतीय बाजार का प्रदर्शन
गुरुवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कमजोरी के बाद निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से सेंसेक्स अपने इंट्राडे लो से रिकवर करने में सफल रहा।
सेंसेक्स 113.61 अंक यानी 0.15 फीसदी की बढ़त के साथ 78,079.96 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 में 40.10 अंक यानी 0.16 फीसदी की गिरावट रही और यह 24,395.85 के स्तर पर बंद हुआ।
इससे संकेत मिलता है कि बाजार में फिलहाल तेजी और गिरावट दोनों पक्षों के बीच मुकाबला बना हुआ है। इसलिए शुक्रवार के सत्र में ग्लोबल संकेतों के साथ इंडेक्स के तकनीकी स्तर काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
एशियाई बाजारों में तेजी
शुक्रवार को ज्यादातर प्रमुख एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। अमेरिकी महंगाई से जुड़े आंकड़ों के बाद यह उम्मीद मजबूत हुई है कि फेड सितंबर में ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है।
MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स करीब 0.5 फीसदी ऊपर रहा और लगातार चौथे सप्ताह बढ़त की दिशा में बढ़ता दिखाई दिया। टेक्नोलॉजी शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली है।
दक्षिण कोरिया का टेक्नोलॉजी-हैवी KOSPI करीब 1 फीसदी चढ़ा, जबकि जापान के TOPIX में करीब 0.9 फीसदी की तेजी रही। दूसरी तरफ अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स में ज्यादा हलचल नहीं दिखी। S&P 500 फ्यूचर्स लगभग स्थिर रहे, जबकि हैंग सेंग फ्यूचर्स में करीब 0.6 फीसदी की कमजोरी रही।
वॉल स्ट्रीट में तेजी, S&P 500 रिकॉर्ड स्तर पर
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भी तेजी रही। प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स यानी PPI के आंकड़े उम्मीद से नरम रहने के बाद निवेशकों को अमेरिकी महंगाई के दबाव में कमी के संकेत मिले।
इससे सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बदलाव नहीं किए जाने की उम्मीद मजबूत हुई। अमेरिकी बाजार में टेक्नोलॉजी शेयरों की खरीदारी ने भी तेजी को सपोर्ट किया।
S&P 500 में 0.65 फीसदी की तेजी रही और यह 7,798.99 के रिकॉर्ड क्लोजिंग हाई पर बंद हुआ। वहीं Nasdaq Composite 0.81 फीसदी और Dow Jones Industrial Average 0.13 फीसदी ऊपर रहा।
मेमोरी-चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे टेक्नोलॉजी सेक्टर को खासा सपोर्ट मिला।
क्रूड ऑयल में हल्की तेजी
ग्लोबल बाजार के लिए कच्चे तेल की कीमतें भी शुक्रवार को अहम संकेत दे रही हैं। अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखने की धमकी के बाद सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है।
शुक्रवार को Brent crude करीब 0.1 फीसदी बढ़कर 87.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं WTI crude करीब 81.29 डॉलर प्रति बैरल पर लगभग स्थिर रहा।
इससे पहले गुरुवार को कमजोर ग्लोबल डिमांड आउटलुक के कारण दोनों प्रमुख क्रूड बेंचमार्क में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी। इसके बावजूद ब्रेंट और WTI दोनों साप्ताहिक आधार पर करीब 4 फीसदी की बढ़त की राह पर बने हुए थे।
क्रूड में किसी भी तेज उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है, खासकर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, एविएशन और उन सेक्टर्स पर जिनकी लागत कच्चे तेल की कीमतों से प्रभावित होती है।
Bank Nifty पर क्या है एक्सपर्ट की राय?
बाजार की दिशा समझने के लिए Bank Nifty के तकनीकी स्तर भी महत्वपूर्ण हैं। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक बैंक निफ्टी निकट अवधि में एक सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है।
उनके अनुसार, जब तक बैंक निफ्टी 57,500–57,400 के सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहता है, तब तक इसका व्यापक स्ट्रक्चर काफी हद तक स्थिर माना जा सकता है।
ऊपर की तरफ 57,800–58,000 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस के रूप में काम कर रहा है। अगर बैंक निफ्टी 58,000 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो खरीदारी का मोमेंटम बढ़ सकता है और इंडेक्स 58,300–58,500 के स्तरों की तरफ बढ़ सकता है।
Bank Nifty के लिए अहम सपोर्ट लेवल
दूसरी तरफ कमजोरी आने पर 57,500 पहला अहम सपोर्ट रहेगा। इसके नीचे 57,200–57,000 का जोन अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।
57,400 के ऊपर बने रहना मौजूदा रिकवरी स्ट्रक्चर के लिए महत्वपूर्ण होगा। अगर बैंक निफ्टी 57,200 के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है, तो नई प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है और शॉर्ट टर्म टेक्निकल सेटअप कमजोर पड़ सकता है।
इसलिए फिलहाल बैंक निफ्टी का सेटअप पूरी तरह बुलिश या बेयरिश कहने के बजाय रेंज-बाउंड और सतर्क नजर आ रहा है। 58,000 के ऊपर टिकना बुल्स के लिए बड़ा ट्रिगर होगा, जबकि 57,400–57,200 का जोन टूटना बीयर्स को बढ़त दे सकता है।
आज बाजार में बुल्स या बीयर्स किसका पलड़ा भारी?
शुक्रवार के लिए बाजार के संकेतों को देखें तो तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है। एक तरफ अमेरिकी बाजार में रिकॉर्ड क्लोजिंग, एशियाई बाजारों की तेजी और ब्याज दरों को लेकर कम होती चिंता बुल्स के पक्ष में है। दूसरी तरफ GIFT Nifty की मामूली कमजोरी और कच्चे तेल के साथ भू-राजनीतिक जोखिम बाजार में सतर्कता बनाए रख सकते हैं।
ऐसे में शुरुआती कारोबार में फ्लैट से हल्की कमजोरी संभव है, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी लौटती है या नहीं, यह बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम होगा।
ट्रेडर्स को शुक्रवार को खास तौर पर निफ्टी और बैंक निफ्टी के सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रखनी चाहिए। जब तक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल कायम हैं, तब तक बड़ी गिरावट की आशंका सीमित रह सकती है। वहीं रेजिस्टेंस के ऊपर निर्णायक ब्रेक बाजार में नई तेजी का रास्ता खोल सकता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर शुक्रवार के लिए ग्लोबल संकेत मिश्रित हैं। अमेरिकी बाजार की मजबूती और एशियाई बाजारों की तेजी घरेलू बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन GIFT Nifty की मामूली कमजोरी और क्रूड ऑयल से जुड़े जोखिम सावधानी की जरूरत बताते हैं।
Bank Nifty में 57,400–57,200 महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है, जबकि 58,000 के ऊपर टिकना बुल्स के लिए अहम ट्रिगर हो सकता है। इसलिए आज बाजार में किसी भी दिशा में बड़ा मूव आने से पहले इन तकनीकी स्तरों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
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