Operation Ganga: मलयालम सिनेमा के सुपरस्टार मोहनलाल की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘L367’ को आखिरकार इसका आधिकारिक नाम मिल गया है। मेकर्स ने फिल्म का टाइटल ‘ऑपरेशन गंगा – ए नेशन्स प्रॉमिस’ रखा है। नेशनल अवॉर्ड विजेता फिल्ममेकर विष्णु मोहन के निर्देशन में बन रही यह फिल्म भारत के एक बेहद महत्वपूर्ण रेस्क्यू मिशन की कहानी को पर्दे पर पेश करेगी।
फिल्म का नाम साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए चलाए गए ऑपरेशन गंगा से प्रेरित है। इस अभियान के जरिए बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों और अन्य नागरिकों को युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारत वापस लाया गया था।
क्या है ‘ऑपरेशन गंगा’ की कहानी?
‘ऑपरेशन गंगा’ को एक ऐसे मिशन की कहानी के तौर पर पेश किया जा रहा है, जिसमें युद्ध के बीच विदेशी धरती पर फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित देश वापस लाने की चुनौती दिखाई जाएगी।
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन में हजारों भारतीय फंस गए थे। इनमें बड़ी संख्या मेडिकल छात्रों की थी। उस समय भारत सरकार ने उन्हें वापस लाने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया था।
फिल्म इसी मिशन के मानवीय पहलू, चुनौतियों और उसे सफल बनाने में शामिल लोगों की कहानी को सिनेमाई अंदाज में दिखाने की कोशिश करेगी। मेकर्स का दावा है कि यह एक ऐसी कहानी है, जिससे दर्शकों को भारत के एक महत्वपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में करीब से जानने का मौका मिलेगा।
मोहनलाल के साथ नजर आएंगे ये कलाकार
फिल्म में मोहनलाल मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे। उनके साथ बॉलीवुड और साउथ के कई जाने-पहचाने कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।
फिल्म की स्टारकास्ट में अर्जुन रामपाल, भाग्यश्री बोर्से, पार्थिबन और आदिल हुसैन शामिल हैं। अलग-अलग फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े इन कलाकारों के साथ मोहनलाल की मौजूदगी फिल्म को पैन-इंडियन अपील देने वाली है।
नेशनल अवॉर्ड विनर विष्णु मोहन कर रहे हैं डायरेक्शन
‘ऑपरेशन गंगा’ का निर्देशन विष्णु मोहन कर रहे हैं। वह नेशनल अवॉर्ड जीत चुके फिल्ममेकर हैं। फिल्म की कहानी और विषय को देखते हुए इसके निर्देशन की जिम्मेदारी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मेकर्स ने फिल्म के लिए एक मजबूत टेक्निकल टीम भी तैयार की है। यही वजह है कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ अपनी स्टारकास्ट ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे काम कर रही टीम को लेकर भी चर्चा में है।
‘पुष्पा’ के सिनेमैटोग्राफर भी टीम का हिस्सा
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी की जिम्मेदारी मिरोस्लाव कुबा ब्रोजेक संभाल रहे हैं। वह ‘पुष्पा: द राइज’ और ‘पुष्पा 2’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।
युद्ध और रेस्क्यू मिशन पर आधारित कहानी में सिनेमैटोग्राफी की भूमिका बेहद अहम होगी। फिल्म में युद्ध क्षेत्र और रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े दृश्यों को बड़े पैमाने पर दिखाए जाने की उम्मीद है।
वहीं, राजीवन को प्रोडक्शन डिजाइनर के तौर पर टीम में शामिल किया गया है। वह ‘GOAT’, ‘मेयाझगन’, ‘अमरन’ और ‘कथनार’ जैसी फिल्मों के साथ काम कर चुके हैं।
‘धुरंधर’ और ‘किल’ के एक्शन डायरेक्टर भी जुड़े
‘ऑपरेशन गंगा’ में एक्शन को भी बड़े स्तर पर पेश करने की तैयारी है। इसके लिए एक्शन डायरेक्टर सी यंग ओह को टीम में शामिल किया गया है। वह ‘धुरंधर’ और ‘किल’ जैसी फिल्मों के एक्शन से जुड़े रहे हैं।
फिल्म का संगीत शाश्वत सचदेव तैयार कर रहे हैं। शाश्वत ‘धुरंधर’ के म्यूजिक के लिए भी चर्चा में रहे हैं। ऐसे में फिल्म के बैकग्राउंड स्कोर और एक्शन सीक्वेंस में म्यूजिक की अहम भूमिका देखने को मिल सकती है।
फिल्म की टेक्निकल टीम भी है काफी मजबूत
‘ऑपरेशन गंगा’ के एडिटर शमीर मोहम्मद हैं। वहीं साउंड डिजाइन की जिम्मेदारी बिश्वदीप चटर्जी संभाल रहे हैं, जो ‘धुरंधर’, ‘उरी’, ‘3 इडियट्स’ और ‘पद्मावत’ जैसी फिल्मों से जुड़े रहे हैं।
फिल्म के वीएफएक्स सुपरवाइजर के. वी. संजीत हैं, जिन्हें ‘कांतारा’ जैसी चर्चित फिल्म के काम के लिए जाना जाता है।
फिल्म के मिलिट्री एडवाइजर के तौर पर स्क्वाड्रन लीडर वरलिन पंवार जुड़े हैं। वह ‘सेफेद सागर’, ‘बॉर्डर 2’ और ‘फाइटर’ जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं।
इसके अलावा कॉस्ट्यूम डायरेक्टर मेल्वी जे, मेकअप आर्टिस्ट रोनेक्स जेवियर और प्रोडक्शन कंट्रोलर रिन्नी दिवाकर भी फिल्म की टीम का हिस्सा हैं।
गोकुलम गोपालन कर रहे हैं फिल्म का निर्माण
‘ऑपरेशन गंगा’ का निर्माण गोकुलम गोपालन द्वारा श्री गोकुलम मूवीज के बैनर तले किया जा रहा है। बैजू गोपालन और वी. सी. प्रवीण फिल्म के को-प्रोड्यूसर हैं, जबकि कृष्णमूर्ति एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
मोहनलाल की लोकप्रियता, एक वास्तविक और महत्वपूर्ण भारतीय रेस्क्यू मिशन की पृष्ठभूमि और मजबूत टेक्निकल टीम को देखते हुए ‘ऑपरेशन गंगा’ पर दर्शकों की नजरें टिकी हुई हैं। अब देखना होगा कि विष्णु मोहन इस संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण कहानी को बड़े पर्दे पर किस अंदाज में पेश करते हैं।


