Anil Agarwal Vedanta: असफलता से कैसे निपटें? वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बताया सफलता का मंत्र
वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने फॉलोअर्स के साथ सवाल-जवाब का एक खास सेशन किया। इस दौरान यूजर्स ने उनसे बिजनेस, सफलता, असफलता, करियर और जिंदगी से जुड़े कई सवाल पूछे। अनिल अग्रवाल ने इन सवालों के जवाब देते हुए अपनी सोच और अनुभव साझा किए।
एक यूजर के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि एक बुरा दौर पूरी जिंदगी नहीं होता। समय बदलता है और हालात भी बदलते हैं। बस आगे बढ़ते रहना जरूरी है। उनकी यह बात सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही।
सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं अनिल अग्रवाल
मैंने कभी सोचा नहीं था कि इतने कम समय में मेरा social media परिवार, इतना बड़ा हो जाएगा।
मैं आप सबके comments और reactions देखता रहता हूँ। सोचा, क्यों न एक बातचीत का session किया जाए।
तो चलिए, मुझसे पूछने के लिए आपके पास कोई सवाल हो तो #AskAnilAgarwal के साथ भेजिए।
कोशिश करूँगा…
— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) August 14, 2026 अनिल अग्रवाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर काफी सक्रिय रहते हैं और अक्सर बिजनेस, भारत की अर्थव्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं।
शुक्रवार को उन्होंने एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इतने कम समय में उनका सोशल मीडिया परिवार इतना बड़ा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वह लोगों के कमेंट्स और प्रतिक्रियाएं देखते रहते हैं और इसी वजह से उन्होंने सवाल-जवाब का सेशन आयोजित करने का फैसला किया।
उन्होंने लोगों से #AskAnilAgarwal के साथ अपने सवाल भेजने को कहा और ज्यादा से ज्यादा सवालों के जवाब देने की कोशिश करने की बात कही।
असफलता पर अनिल अग्रवाल ने दिया सफलता का मंत्र
एक यूजर आलोक ने अनिल अग्रवाल से पूछा कि असफल होने के बाद भी हौसला कैसे बनाए रखें? कई बार ऐसा लगता है कि सब कुछ खत्म हो रहा है।
इस पर वेदांता चेयरमैन ने जवाब दिया कि मुश्किल समय में सबसे पहले यह याद रखना चाहिए कि एक खराब दौर पूरी जिंदगी नहीं होता। समय बदलता है और परिस्थितियां भी बदलती हैं।
उन्होंने कहा कि सफलता के लिए लगातार आगे बढ़ते रहना जरूरी है। उनके इस जवाब को कई लोगों ने प्रेरणादायक बताया।
25 साल की उम्र में वापस जाने पर क्या करेंगे?
एक अन्य यूजर उत्कर्ष सिंह ने अनिल अग्रवाल से पूछा कि अगर उन्हें दोबारा 25 साल की उम्र में भेज दिया जाए और उनके पास सिर्फ 1 लाख रुपये हों, तो वह नौकरी, बिजनेस या निवेश में से क्या चुनेंगे? साथ ही कौन-सी गलती दोबारा नहीं करेंगे?
इस सवाल को अनिल अग्रवाल ने मजेदार बताया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें फिर से मौका मिलता तो वह वही करते जो उन्होंने पहली बार किया था यानी बिजनेस।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति 10 चीजें करने की कोशिश करता है तो उनमें से कुछ चीजें असफल हो सकती हैं। लेकिन जो काम नहीं करता, उसे गलती नहीं बल्कि सीख मानना चाहिए।
भारत में होनी चाहिएं कई वेदांता जैसी कंपनियां
एक यूजर ने पूछा कि क्या भारत में और भी कंपनियां वेदांता से प्रेरित होकर प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं?
इसके जवाब में अनिल अग्रवाल ने कहा कि वह चाहते हैं कि भारत में वेदांता जैसी सिर्फ एक नहीं बल्कि कई कंपनियां हों, जो प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र में काम करें और देश की आर्थिक प्रगति में योगदान दें।
क्रिटिकल मिनरल्स में भारत के लिए बड़ा अवसर
एक अन्य सवाल में यूजर ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने में निजी क्षेत्र की भूमिका और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में देश की संभावनाओं के बारे में पूछा।
अनिल अग्रवाल ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स में भारत के पास बड़ा अवसर है। अगर उद्योग, सरकार और रिसर्च संस्थान मिलकर काम करें तो भारत न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी कर सकता है, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी बन सकता है।
उन्होंने उद्योग और सरकार के बीच बेहतर सहयोग को देश की प्रगति के लिए जरूरी बताया।
अनिल अग्रवाल की सीख
अनिल अग्रवाल के जवाबों से साफ है कि वह असफलताओं को अंत नहीं बल्कि सीख के रूप में देखते हैं। उनका मानना है कि कठिन परिस्थितियां हमेशा नहीं रहतीं और लगातार प्रयास करने वाले लोग ही सफलता हासिल करते हैं।
उनका संदेश खासतौर पर उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो करियर या बिजनेस में मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।


