Work From Home: घर से काम करने की सुविधा ने नौकरीपेशा लोगों की जिंदगी में कई चीजें आसान कर दी हैं। ऑफिस जाने का समय बचता है, ट्रैफिक की परेशानी कम होती है और कर्मचारी अपने घर के आराम से काम कर सकते हैं। लेकिन क्या Work From Home की इस सुविधा की कोई कीमत भी है? एक महिला ने अपने वीडियो में WFH के ऐसे नुकसान की ओर ध्यान दिलाया है, जिसके बारे में आमतौर पर ज्यादा चर्चा नहीं होती। उनके मुताबिक, घर से काम करने के कारण उनकी Social Life काफी प्रभावित हुई और नए लोगों से मिलने-जुलने के स्वाभाविक मौके लगभग खत्म हो गए।
ऑफिस सिर्फ काम करने की जगह नहीं था
जब हम ऑफिस जाने की बात करते हैं तो आमतौर पर काम, मीटिंग, डेडलाइन और टारगेट की चर्चा होती है। लेकिन ऑफिस का जीवन केवल इन चीजों तक सीमित नहीं होता। दिनभर में होने वाली छोटी-छोटी बातचीत भी कर्मचारी के सामाजिक जीवन का हिस्सा बन जाती है।
कभी किसी सहकर्मी से डेस्क के पास कुछ मिनट बातचीत हो जाती है, कभी कॉफी ब्रेक में साथ बैठने का मौका मिलता है और कभी लंच के दौरान किसी नए व्यक्ति से परिचय हो जाता है। इन छोटी मुलाकातों के लिए किसी खास प्लानिंग की जरूरत नहीं होती।
यही अनियोजित बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती और मजबूत रिश्तों में बदल सकती है। खासकर उन लोगों के लिए जो किसी नए शहर में रह रहे हैं, ऑफिस नए लोगों से मिलने का सबसे आसान और स्वाभाविक जरिया बन जाता है।
महिला ने बताया- ‘मेरी सोशल लाइफ खत्म हो गई’
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए अपने वीडियो में Singhal ने WFH के इसी पहलू पर बात की। उन्होंने बताया कि उनके कॉलेज के दोस्त अब अलग-अलग शहरों में रहते हैं और वह अपने होमटाउन में भी नहीं रहती हैं।
ऐसे में जिस शहर में वह रह रही हैं, वहां नए लोगों से मिलने और अपना Social Circle बनाने के लिए ऑफिस उनके लिए महत्वपूर्ण जगह थी। ऑफिस में रोजाना अलग-अलग लोगों से मिलने का मौका मिलता था। लेकिन जब काम घर से शुरू हुआ तो लोगों से मिलने-जुलने का यह स्वाभाविक जरिया भी खत्म हो गया।
यानी WFH ने उनके काम करने की जगह जरूर बदली, लेकिन इसके साथ उनकी सामाजिक जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी प्रभावित हुआ।
ऑफिस में दोस्ती के लिए नहीं करनी पड़ती थी प्लानिंग
महिला के अनुभव का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि ऑफिस में दोस्ती बनाने के लिए अलग से कोशिश नहीं करनी पड़ती थी।
मान लीजिए कोई सहकर्मी आपकी डेस्क के पास से गुजर रहा है और बातचीत शुरू हो गई। इसके बाद कॉफी पीने का छोटा-सा प्लान बन सकता है। लंच के दौरान किसी दूसरे विभाग के कर्मचारी से परिचय हो सकता है। किसी मीटिंग के बाद कुछ मिनट की बातचीत भी आगे चलकर दोस्ती में बदल सकती है।
इन घटनाओं में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे पहले से प्लान नहीं होतीं।
इसके उलट Work From Home में कर्मचारी अपने लैपटॉप के सामने बैठकर काम करता है और काम खत्म होने के बाद घर से बाहर निकलने की जरूरत भी नहीं होती। पूरे दिन में काम से जुड़ी ऑनलाइन मीटिंग्स तो कई हो सकती हैं, लेकिन उनमें से हर बातचीत व्यक्तिगत या सामाजिक रिश्ते में नहीं बदलती।
‘Adult Friendship’ बनाना क्यों मुश्किल हो जाता है?
महिला ने वयस्क जीवन में दोस्ती बनाने की मुश्किल पर भी बात की। स्कूल और कॉलेज के दिनों में नए लोगों से मिलना अपेक्षाकृत आसान होता है। आसपास लगातार नए लोग होते हैं और क्लास, कैंपस, प्रोजेक्ट या दूसरी गतिविधियों के कारण बातचीत के मौके अपने आप बनते रहते हैं।
लेकिन नौकरी शुरू होने के बाद परिस्थितियां बदल जाती हैं। लोग अलग-अलग शहरों में चले जाते हैं, उनके काम का समय अलग होता है और व्यक्तिगत जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं।
ऐसे में अगर किसी नए व्यक्ति से दोस्ती करनी हो तो अक्सर खुद पहल करनी पड़ती है। किसी इवेंट में जाना, किसी क्लब या कम्युनिटी से जुड़ना, नेटवर्किंग करना या किसी हॉबी ग्रुप का हिस्सा बनना पड़ सकता है।
ऑफिस इस मामले में एक ऐसा वातावरण उपलब्ध कराता था, जहां लोगों से मिलने के लिए अलग से कोई योजना बनाने की जरूरत नहीं पड़ती थी।
WFH ने समय बचाया, लेकिन Social Interaction घटा
Work From Home के कई फायदे हैं। रोजाना ऑफिस आने-जाने में लगने वाला समय बचता है। यात्रा का खर्च कम हो सकता है और कर्मचारी अपनी सुविधा के मुताबिक काम का वातावरण तैयार कर सकते हैं।
लेकिन सुविधा के इस मॉडल का एक दूसरा पहलू भी है।
ऑफिस आने-जाने के दौरान होने वाली बातचीत, सहकर्मियों के साथ कॉफी ब्रेक, लंच और अचानक होने वाली मुलाकातें सामाजिक जीवन में छोटी लेकिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। WFH में इन अवसरों की संख्या कम हो सकती है।
इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ लोग घर से काम करने में ज्यादा खुश और उत्पादक महसूस कर सकते हैं, जबकि कुछ लोगों को लोगों से कम मिलने-जुलने की वजह से अकेलापन या सामाजिक दूरी महसूस हो सकती है।
Remote Work में ‘Spontaneous’ बातचीत की कमी
WFH से जुड़ी सबसे बड़ी सामाजिक चुनौती शायद यही है कि इसमें Spontaneous Interaction कम हो जाती है।
ऑनलाइन मीटिंग आमतौर पर किसी खास एजेंडे के लिए होती है। मैसेजिंग ऐप पर बातचीत भी ज्यादातर काम से जुड़ी होती है। इसके विपरीत ऑफिस में एक ही जगह मौजूद रहने से कई ऐसी बातचीत होती हैं, जिनका कोई निर्धारित उद्देश्य नहीं होता।
किसी सहकर्मी का अचानक पूछ लेना कि वीकेंड कैसा रहा, साथ में चाय पी लेना या ऑफिस की किसी छोटी घटना पर चर्चा करना सामाजिक जुड़ाव पैदा करता है।
WFH में ऐसी बातचीत के लिए अक्सर खुद पहल करनी पड़ती है। यही वजह है कि Remote Work की सुविधा के बावजूद कुछ कर्मचारियों को Social Life में बदलाव महसूस हो सकता है।
‘अगर ऐसा महसूस हो रहा है तो आप अकेले नहीं हैं’
Singhal ने अपने वीडियो के जरिए उन लोगों की भावनाओं को भी सामने रखा, जो घर से काम करने के दौरान खुद को सामाजिक रूप से अलग महसूस करते हैं।
उनका कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि Remote Work की वजह से उसकी Social Life प्रभावित हुई है, तो वह अकेला नहीं है। यह केवल उसकी व्यक्तिगत सोच नहीं हो सकती, बल्कि WFH के बदलते सामाजिक प्रभाव का हिस्सा भी हो सकता है।
उन्होंने अपनी पोस्ट को “nobody talks about this quiet side of WFH” कैप्शन के साथ शेयर किया। इसके जरिए उन्होंने Work From Home के उस पहलू पर चर्चा शुरू की, जिस पर अक्सर प्रोडक्टिविटी, फ्लेक्सिबिलिटी और वर्क-लाइफ बैलेंस की चर्चाओं के बीच ध्यान नहीं दिया जाता।
WFH अच्छा है या ऑफिस? जवाब हर व्यक्ति के लिए अलग
Work From Home और ऑफिस के बीच कौन-सा मॉडल बेहतर है, इसका कोई एक जवाब नहीं है। किसी कर्मचारी के लिए घर से काम करना समय और ऊर्जा बचाने वाला हो सकता है, जबकि दूसरे व्यक्ति के लिए ऑफिस का माहौल ज्यादा बेहतर हो सकता है।
खासकर नए शहर में रहने वाले लोगों के लिए ऑफिस केवल रोजगार की जगह नहीं, बल्कि Social Network बनाने का माध्यम भी हो सकता है।
यही कारण है कि Work From Home के फायदे गिनाते समय Social Life जैसे पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। काम की सुविधा के साथ-साथ इंसान को सामाजिक जुड़ाव और बातचीत की भी जरूरत होती है।
महिला की यह कहानी इसी बात की याद दिलाती है कि WFH ने ऑफिस की दूरी तो कम कर दी, लेकिन कुछ लोगों के लिए लोगों से मिलने की दूरी बढ़ा दी।


