NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    zero-maida-true-vitamin-se-emami-tak-fssai-notice
    FSSAI Action: ‘Zero Maida’ से ‘True Vitamin’ तक सब निकला भ्रामक! इमामी समेत कई बड़े ब्रांड्स को नोटिस
    14 जून 2026
    duniya-ke-pehle-arabpati-john-d-rockefeller-ki-kahani
    दुनिया के पहले अरबपति की अनसुनी कहानी: 16 साल की उम्र में शुरू की नौकरी, फिर अमेरिका के 90% तेल कारोबार पर कर लिया कब्जा
    14 जून 2026
    100-pratishat-ethanol-fuel-ko-mili-manjuri-petrol-diesel-ki-hogi-chhutti-gadkari-ka-bada-elan
    E100 Fuel Policy: 100% इथेनॉल ईंधन को मिली हरी झंडी, पेट्रोल-डीजल की होगी छुट्टी! गडकरी बोले- रात 8 बजे फाइल पर साइन किए
    14 जून 2026
    tata-iphone-factory-band-hone-ka-khatra-75000-jobs-par-sankat
    थलपति विजय सरकार के सामने बड़ी चुनौती, टाटा की iPhone फैक्ट्री पर बंदी का खतरा; 75 हजार नौकरियों पर मंडराया संकट
    14 जून 2026
    russian-oil-india-russia-oil-import-rs-64000-crore-jamnagar-paradip-refinery
    Russian Oil India: जामनगर से पारादीप तक रूसी तेल की बाढ़, भारत ने मॉस्को को दिए ₹64,000 करोड़
    14 जून 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-price-today-crude-oil-falls-petrol-diesel-rate-13-june-2026
    Petrol Price Today: क्रूड ऑयल 2 महीने के निचले स्तर पर, फिर भी नहीं मिली राहत! जानिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का ताजा रेट
    13 जून 2026
    gold-silver-price-today-12-june-2026-gold-rate-silver-price-india
    Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी के दामों में फिर मची हलचल! जानिए आज कितने बदले आपके शहर के भाव
    12 जून 2026
    gold-silver-price-crash-gold-falls-rs-15765-silver-rs-53810-in-one-month
    Gold Silver Price Crash: फिर औंधे मुंह गिरी कीमतें! सोना एक महीने में ₹15,765 टूटा, चांदी ₹53,810 सस्ती; जानिए कहां पहुंच गए भाव
    11 जून 2026
    gold-silver-price-today-10-june-2026-gold-falls-rs4300-silver-drops-rs10000
    Gold Silver Price Today: सोना ₹4,300 लुढ़का, चांदी ₹10,000 टूटी, खरीदारी का मौका या अभी और गिरेंगे भाव?
    10 जून 2026
    petrol-price-today-9-june-2026-petrol-diesel-rate-noida-delhi-crude-oil-price
    Petrol Price Today: क्रूड के भाव में नरमी नहीं, नोएडा में आज पेट्रोल ₹102 और डीजल ₹97 के पार, जानिए आज का भाव
    9 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    nse-ipo-10-saal-baad-sebi-ke-paas-arji-lic-sbi-ko-fayda
    NSE IPO: 10 साल का इंतजार खत्म होने की तैयारी, अगले हफ्ते SEBI के पास दस्तावेज; LIC और SBI को हो सकता है बड़ा फायदा
    14 जून 2026
    ceinsys-tech-share-43-se-921-rupaye-america-se-30-crore-ai-order
    ₹43 का शेयर पहुंचा ₹921 पर, सिर्फ ₹4.3 लाख लगाने वाले बने करोड़पति; अब अमेरिका से मिला ₹30 करोड़ का AI ऑर्डर
    14 जून 2026
    agle-hafte-khulenge-5-naye-sme-ipo-clay-craft-gmp-60-rupees
    Upcoming IPO Next Week: अगले हफ्ते खुलेंगे 5 नए SME IPO, एक का GMP ₹60; जानें कब और कितना लगाना होगा पैसा
    14 जून 2026
    kapde-ke-business-se-solar-sector-mein-utri-siil-share-ne-diya-897-percent-return
    कपड़े का बिजनेस छोड़ सोलर सेक्टर में उतरी कंपनी ने किया कमाल, 1 साल में 897% रिटर्न देकर निवेशकों को चौंकाया
    13 जून 2026
    vedanta-bond-buyback-rs-34000-crore-anil-agarwal-big-move-before-demerger-listing
    Vedanta Demerger से पहले बड़ा दांव! लंदन में ₹34,000 करोड़ का बॉन्ड बायबैक, कर्ज घटाने की तैयारी तेज
    13 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Russian Oil Ban: उधर अमेरिका-यूरोप बैन लगाते रहे, इधर भारत की मदद से रूस ने खेल दिया मास्टरस्ट्रोक, एक लूपहोल ने बदली स्क्रिप्ट
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Russian Oil Ban: उधर अमेरिका-यूरोप बैन लगाते रहे, इधर भारत की मदद से रूस ने खेल दिया मास्टरस्ट्रोक, एक लूपहोल ने बदली स्क्रिप्ट

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/14 at 1:33 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
america-europe-ban-ke-bawjood-russia-ka-masterstroke-bharat-ne-badli-script
SHARE

नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका, यूरोपीय संघ (EU) और अन्य पश्चिमी देशों ने रूस की आय पर चोट पहुंचाने के लिए उसके कच्चे तेल और ऊर्जा उत्पादों पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए। उद्देश्य साफ था कि रूस को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से अलग करके उसकी आर्थिक ताकत कमजोर की जाए। लेकिन अब एक नई रिपोर्ट ने दिखाया है कि प्रतिबंधों के बावजूद रूसी तेल वैश्विक बाजार में अपना रास्ता खोजने में सफल रहा है।

Contents
कैसे काम कर रहा है यह लूपहोल?मई 2026 में हुई ₹7052 करोड़ की बिक्रीकिन देशों ने खरीदे ये उत्पाद?भारत की भूमिका क्यों अहम है?जामनगर रिफाइनरी का नाम भी आया सामनेरूस से कितना तेल आता है?क्या पश्चिमी देशों के प्रतिबंध कमजोर पड़ रहे हैं?आगे क्या हो सकता है?निष्कर्ष

सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार रूस का कच्चा तेल सीधे पश्चिमी देशों में भले ही नहीं पहुंच रहा हो, लेकिन उसे भारत, तुर्की, ब्रुनेई और जॉर्जिया जैसे देशों में रिफाइन कर पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के रूप में उन्हीं देशों को बेचा जा रहा है जिन्होंने रूस पर प्रतिबंध लगाए हैं।

कैसे काम कर रहा है यह लूपहोल?

अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के अनुसार जब किसी देश का कच्चा तेल किसी दूसरे देश की रिफाइनरी में प्रोसेस होकर नया उत्पाद बन जाता है तो उसका मूल देश (Country of Origin) बदल सकता है। यही वह कानूनी खामी या लूपहोल है जिसका फायदा रूस को मिल रहा है।

उदाहरण के तौर पर रूस से खरीदा गया कच्चा तेल भारत की रिफाइनरियों में पहुंचता है। यहां इसे पेट्रोल, डीजल, जेट फ्यूल और अन्य उत्पादों में बदला जाता है। इसके बाद ये उत्पाद यूरोप, अमेरिका और अन्य देशों को निर्यात किए जाते हैं। तकनीकी रूप से इन्हें भारतीय या अन्य देशों के उत्पाद माना जाता है, इसलिए इन पर रूसी तेल वाला प्रतिबंध लागू नहीं होता।

मई 2026 में हुई ₹7052 करोड़ की बिक्री

CREA की रिपोर्ट के मुताबिक मई 2026 में भारत, तुर्की, ब्रुनेई और जॉर्जिया की रिफाइनरियों ने कुल 641 मिलियन यूरो (करीब 7052 करोड़ रुपये) मूल्य के पेट्रोलियम उत्पाद उन देशों को निर्यात किए जिन्होंने रूस पर प्रतिबंध लगाए हुए हैं।

रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण खुलासा यह है कि इस कुल व्यापार में लगभग 214 मिलियन यूरो मूल्य के उत्पाद सीधे रूसी कच्चे तेल से तैयार किए गए थे। यानी प्रतिबंध लगाने वाले देशों ने अप्रत्यक्ष रूप से रूसी तेल से बने उत्पादों की खरीद जारी रखी।

किन देशों ने खरीदे ये उत्पाद?

रिपोर्ट के अनुसार मई 2026 के दौरान प्रतिबंध लगाने वाले देशों ने निम्नलिखित मात्रा में रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद खरीदे:

  • ऑस्ट्रेलिया – 275 मिलियन यूरो
  • यूरोपीय संघ – 174 मिलियन यूरो
  • अमेरिका – 147 मिलियन यूरो
  • न्यूजीलैंड – 45 मिलियन यूरो

ये आंकड़े दिखाते हैं कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंध पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं हो पाए हैं और वैश्विक ऊर्जा बाजार में वैकल्पिक रास्ते लगातार इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

भारत की भूमिका क्यों अहम है?

भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में शामिल है और उसके पास विशाल रिफाइनिंग क्षमता मौजूद है। रूस द्वारा रियायती दरों पर कच्चा तेल उपलब्ध कराने के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने बड़ी मात्रा में रूसी तेल की खरीद बढ़ाई।

भारतीय कंपनियों ने सस्ता कच्चा तेल खरीदकर उसे प्रोसेस किया और वैश्विक बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों के रूप में बेचकर अच्छा मुनाफा कमाया। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई और निर्यात आय में भी बढ़ोतरी देखने को मिली।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन किए बिना अपने आर्थिक हितों को प्राथमिकता दी है। चूंकि भारत ने रूस पर पश्चिमी देशों की तरह कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है, इसलिए रूसी तेल खरीदना पूरी तरह वैध माना जाता है।

जामनगर रिफाइनरी का नाम भी आया सामने

CREA की रिपोर्ट में उन प्रमुख रिफाइनरियों का भी उल्लेख किया गया है जहां रूसी कच्चे तेल को प्रोसेस किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका को निर्यात किए गए कई पेट्रोलियम उत्पादों का स्रोत भारत की गुजरात स्थित जामनगर रिफाइनरी रही है। यह रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनिंग परिसंपत्तियों में गिनी जाती है और इसकी संचालन क्षमता बेहद विशाल है।

इसके अलावा तुर्की की स्टार रिफाइनरी और तुप्रास इजमित रिफाइनरी का भी उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।

रूस से कितना तेल आता है?

रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन महीनों के दौरान:

  • तुर्की की स्टार रिफाइनरी के कुल फीडस्टॉक का 39% हिस्सा रूस से आया।
  • भारत की जामनगर रिफाइनरी के कुल फीडस्टॉक का लगभग 15% हिस्सा रूसी कच्चे तेल पर आधारित था।

हालांकि जामनगर रिफाइनरी विभिन्न देशों से तेल खरीदती है, लेकिन रूसी तेल उसके लिए महत्वपूर्ण स्रोतों में शामिल बना हुआ है।

क्या पश्चिमी देशों के प्रतिबंध कमजोर पड़ रहे हैं?

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के व्यापार से यह संकेत मिलता है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में प्रतिबंधों को पूरी तरह लागू करना बेहद कठिन है। तेल एक वैश्विक कमोडिटी है और कई बार उसका स्रोत अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचते-पहुंचते बदल जाता है।

यही वजह है कि रूस पर आर्थिक दबाव बनाने की कोशिशों के बावजूद उसकी ऊर्जा आय पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी है। भारत, चीन, तुर्की और अन्य देशों की खरीदारी ने रूस को बड़ा राहत कवच प्रदान किया है।

आगे क्या हो सकता है?

यूरोपीय संघ और अमेरिका भविष्य में ऐसे लूपहोल को बंद करने के लिए नए नियम ला सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक सप्लाई चेन इतनी जटिल हो चुकी है कि किसी भी देश के तेल की अंतिम उत्पत्ति का पता लगाना आसान नहीं होता।

फिलहाल इतना तय है कि रूस ने वैश्विक ऊर्जा व्यापार की इसी जटिलता का फायदा उठाकर अपने तेल को बाजार में बनाए रखा है। वहीं भारत ने अपनी रिफाइनिंग क्षमता और व्यापारिक रणनीति के जरिए इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

निष्कर्ष

रूस पर लगाए गए पश्चिमी प्रतिबंधों का उद्देश्य उसकी तेल आय को सीमित करना था, लेकिन CREA की रिपोर्ट बताती है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में मौजूद कानूनी और व्यापारिक लूपहोल्स ने इस रणनीति की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत समेत कई देशों की रिफाइनरियों के जरिए रूसी तेल से बने उत्पाद फिर उन्हीं देशों तक पहुंच रहे हैं जिन्होंने रूस पर प्रतिबंध लगाए थे। इससे साफ है कि ऊर्जा बाजार में भू-राजनीति और व्यापारिक हित अक्सर एक-दूसरे से टकराते रहते हैं।

You Might Also Like

FSSAI Action: ‘Zero Maida’ से ‘True Vitamin’ तक सब निकला भ्रामक! इमामी समेत कई बड़े ब्रांड्स को नोटिस

दुनिया के पहले अरबपति की अनसुनी कहानी: 16 साल की उम्र में शुरू की नौकरी, फिर अमेरिका के 90% तेल कारोबार पर कर लिया कब्जा

E100 Fuel Policy: 100% इथेनॉल ईंधन को मिली हरी झंडी, पेट्रोल-डीजल की होगी छुट्टी! गडकरी बोले- रात 8 बजे फाइल पर साइन किए

थलपति विजय सरकार के सामने बड़ी चुनौती, टाटा की iPhone फैक्ट्री पर बंदी का खतरा; 75 हजार नौकरियों पर मंडराया संकट

Russian Oil India: जामनगर से पारादीप तक रूसी तेल की बाढ़, भारत ने मॉस्को को दिए ₹64,000 करोड़

TAGGED: CREA रिपोर्ट, अमेरिका रूस प्रतिबंध, ऊर्जा बाजार, कच्चा तेल, जामनगर रिफाइनरी, तेल आयात, पेट्रोलियम उत्पाद, भारत रूस व्यापार, यूरोपीय संघ, रिलायंस इंडस्ट्रीज, रूस यूक्रेन युद्ध, रूसी तेल, वैश्विक व्यापार
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article 100-pratishat-ethanol-fuel-ko-mili-manjuri-petrol-diesel-ki-hogi-chhutti-gadkari-ka-bada-elan E100 Fuel Policy: 100% इथेनॉल ईंधन को मिली हरी झंडी, पेट्रोल-डीजल की होगी छुट्टी! गडकरी बोले- रात 8 बजे फाइल पर साइन किए
Next Article agle-hafte-khulenge-5-naye-sme-ipo-clay-craft-gmp-60-rupees Upcoming IPO Next Week: अगले हफ्ते खुलेंगे 5 नए SME IPO, एक का GMP ₹60; जानें कब और कितना लगाना होगा पैसा

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

9-karat-gold-jewellery-demand-rising-in-india
9 Karat Gold: 9 कैरेट का सोना बन रहा है लोगों की पहली पसंद, जानिए क्यों बढ़ रही है इसकी डिमांड?
फाइनेंस
what-is-hindu-rate-of-growth-pm-modi-congress-economic-history
What is Hindu Rate of Growth: हिंदू ग्रोथ रेट क्या है जिसका जिक्र कर पीएम मोदी ने पिछली कांग्रेस सरकार को लताड़ा
फाइनेंस
vedanta-demerger-four-new-companies-listing-date-15-june-2026
Vedanta Demerger: वेदांता की 4 नई कंपनियों की लिस्टिंग 15 जून को, निवेशकों के लिए क्या होगा बड़ा बदलाव?
फाइनेंस
rbi-action-mogaveera-cooperative-bank-withdrawal-limit-1-lakh
RBI का बड़ा एक्शन: इस बैंक के ग्राहकों को झटका, खाते से सिर्फ ₹1 लाख ही निकाल सकेंगे, जानिए पूरा मामला
फाइनेंस
sahara-news-sebi-ne-supreme-court-ka-rukh-kiya
Sahara News: सहारा से जुड़े ₹14,106 करोड़ के मामले में नया मोड़, कर्मचारियों को मिली राहत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची SEBI
फाइनेंस
credit-card-use-na-karna-credit-score-effect-hindi
Credit Card का इस्तेमाल न करना भी पड़ सकता है भारी: जानें कैसे बिगड़ सकता है आपका Credit Score
फाइनेंस
atal-pension-yojana-11-years-9-crore-people-get-5000-pension
APY के 11 साल पूरे: 9 करोड़ लोगों का बुढ़ापा हुआ सुरक्षित, हर महीने मिल सकती है ₹5,000 तक पेंशन
फाइनेंस
kasturbhai-lalbhai-arvind-mills-flying-machine-swedeshi-story-hindi
जीवनभर धोती रही पहचान, गांधी जी की एक आवाज पर भारत को दिया मशहूर स्वदेशी कपड़ा ब्रांड; जानिए कस्तूरभाई लालभाई की कहानी
फाइनेंस
sunil-bharti-mittal-airtel-succession-plan-next-chairman-family-business-transition
Sunil Bharti Mittal: अंबानी-अडानी की राह पर सुनील मित्तल, 10 साल में छोड़ देंगे एयरटेल की कमान, कौन होगा उत्तराधिकारी?
फाइनेंस
property-tax-save-ltcg-tax-under-section-54ec-capital-gain-bonds
Property Tax: घर या जमीन बेचकर हुआ मोटा मुनाफा? इस कानूनी ट्रिक से बच सकता है लाखों का टैक्स
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?