Market View: सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए ग्लोबल संकेत कमजोर नजर आ रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा लगातार पांचवीं बार ब्याज दरों को स्थिर रखने, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और ग्लोबल बाजारों में कमजोरी का असर घरेलू बाजार पर दिख सकता है। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की मजबूत खरीदारी और शॉर्ट कवरिंग बाजार को सहारा दे सकती है। एक्सपर्ट का मानना है कि गिरावट आने पर चुनिंदा स्तरों पर खरीदारी की रणनीति बेहतर साबित हो सकती है। साथ ही आज ट्रेंट (Trent) और एक्साइड इंडस्ट्रीज (Exide Industries) में खरीदारी की सलाह दी गई है।
ग्लोबल संकेत क्यों बने दबाव की वजह?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी ताजा मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को 3.50% से 3.75% के दायरे में बरकरार रखा है। हालांकि फेड की बैठक में तीन सदस्यों ने 0.25% ब्याज दर बढ़ाने का समर्थन किया, जिससे महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है।
इधर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिका की ओर से जारी सख्त व्यापारिक बयानबाजी ने वैश्विक बाजारों का मूड कमजोर किया है। गिफ्ट निफ्टी भी हल्की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा है, जिससे भारतीय बाजार की शुरुआत दबाव में हो सकती है।
हालांकि सकारात्मक बात यह है कि FIIs ने कैश और फ्यूचर्स मिलाकर करीब ₹8,000 करोड़ की खरीदारी की है। इसके अलावा इंडेक्स में करीब 11,000 नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट्स भी कवर किए गए हैं, जो बाजार के लिए सपोर्ट का संकेत माना जा रहा है।
निफ्टी पर क्या रखें नजर?
सीएनबीसी-आवाज़ के मार्केट एक्सपर्ट वीरेंद्र कुमार के अनुसार निफ्टी के लिए प्रमुख स्तर इस प्रकार हैं—
रेजिस्टेंस
- पहला रेजिस्टेंस: 24,336 – 24,369 / 24,410
- बड़ा रेजिस्टेंस: 24,467 – 24,488 / 24,539
सपोर्ट
- पहला बेस: 24,128 – 24,171
- बड़ा बेस: 24,033 – 24,080
उनका कहना है कि पिछले कारोबारी सत्र में नई सीरीज की शुरुआत दमदार तेजी के साथ हुई थी। मेटल सेक्टर सबसे मजबूत रहा जबकि लगभग सभी सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली।
ऑप्शन डेटा के अनुसार 24,500 पर सबसे अधिक कॉल राइटिंग और 24,200-24,100 के आसपास मजबूत पुट राइटिंग दिखाई दे रही है। ऐसे में जब तक पहला सपोर्ट बना रहता है, तब तक गिरावट में खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है। यदि निफ्टी 24,410 के ऊपर टिकता है तो आगे 24,500 के आसपास तक तेजी देखने को मिल सकती है।
बैंक निफ्टी के लिए अहम लेवल
वीरेंद्र कुमार के मुताबिक बैंक निफ्टी में भी पिछले सत्र में अच्छी रिकवरी देखने को मिली थी, लेकिन इंडेक्स अभी भी महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस के करीब कारोबार कर रहा है।
रेजिस्टेंस
- पहला रेजिस्टेंस: 57,366 – 57,524
- बड़ा रेजिस्टेंस: 57,689 – 57,774 / 57,913
सपोर्ट
- पहला बेस: 56,660 – 56,810
- बड़ा बेस: 56,454 – 56,510
उन्होंने कहा कि HDFC Bank ने 1,730-1,740 रुपये का महत्वपूर्ण मासिक सपोर्ट बचा लिया है, जिससे बैंकिंग इंडेक्स को मजबूती मिली है। हालांकि कच्चे तेल की तेजी बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना सकती है।
ऑप्शन डेटा के अनुसार 57,000 स्ट्राइक पर सबसे ज्यादा कॉल और पुट ओपन इंटरेस्ट है। इसलिए बैंक निफ्टी के 56,660 से 57,524 के दायरे में रहने की संभावना अधिक है। यदि 57,524 के ऊपर ब्रेकआउट मिलता है तो तेजी और मजबूत हो सकती है। वहीं 56,660 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर नई खरीदारी से बचने की सलाह दी गई है।
आज के चकाचक चार्ट वाले शेयर
मार्केट एक्सपर्ट अरुण कुमार मंत्री (मंत्री फिनमार्ट) ने आज दो शेयरों में खरीदारी की सलाह दी है।
1. Trent
- खरीदारी स्तर: ₹2,990 के आसपास
- टारगेट: ₹3,092
- स्टॉप लॉस: ₹2,949
2. Exide Industries
- खरीदारी स्तर: ₹435 के आसपास
- टारगेट: ₹448
- स्टॉप लॉस: ₹428
दोनों शेयरों के चार्ट तकनीकी रूप से मजबूत बताए गए हैं और इनमें शॉर्ट टर्म में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना जताई गई है।
निवेशकों के लिए रणनीति
आज बाजार की दिशा काफी हद तक ग्लोबल संकेतों, कच्चे तेल की चाल और शुरुआती कारोबार में बैंकिंग शेयरों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। यदि निफ्टी और बैंक निफ्टी अपने प्रमुख सपोर्ट स्तरों के ऊपर बने रहते हैं तो गिरावट पर खरीदारी की रणनीति फायदेमंद हो सकती है। वहीं रेजिस्टेंस के आसपास मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है, इसलिए ट्रेडर्स को तय स्टॉप लॉस के साथ ही ट्रेड करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए निवेश संबंधी विचार संबंधित मार्केट एक्सपर्ट के निजी विचार हैं। NewsJagran.in या इसका प्रबंधन किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


