नौकरी छूटने के बाद आमतौर पर लोग नई नौकरी की तलाश में जुट जाते हैं। लेकिन Amazon से नौकरी जाने के बाद Maria Harshitha ने अपने करियर के लिए एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना। उन्होंने नई कॉर्पोरेट नौकरी पाने की कोशिश जारी रखने के साथ-साथ मुर्गियां पालना शुरू किया और देखते ही देखते अंडों की बिक्री उनका नया काम बन गई।
LinkedIn पर साझा की गई उनकी कहानी बताती है कि कैसे सिर्फ छह चूजों से शुरू हुआ एक छोटा-सा प्रयोग धीरे-धीरे उनके अपने बिजनेस में बदल गया। दिलचस्प बात यह है कि Product Management में काम करने वाली Harshitha अब मजाकिया अंदाज में अंडों को अपना नया ‘प्रोडक्ट’ बताती हैं।
मार्च 2026 में चली गई Amazon की नौकरी
Harshitha के मुताबिक, मार्च 2026 में उन्हें Amazon की नौकरी से हाथ धोना पड़ा। जब उनके मैनेजर ने उन्हें नौकरी जाने की जानकारी दी, तो उन्होंने इसे मुस्कुराते हुए स्वीकार किया। उन्हें उम्मीद थी कि जिस तरह उन्हें पहले Amazon में मौका मिला था, उसी तरह आगे भी कोई नया अवसर मिल जाएगा।
इसके बाद उन्होंने अलग-अलग कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन करना शुरू किया। उन्होंने अपने सीनियर्स और परिवार के लोगों से भी रेफरेंस और मदद मांगी। हालांकि, काफी कोशिशों के बाद भी उन्हें तुरंत कोई नया जॉब ऑफर नहीं मिला।
यही वह दौर था जब उन्होंने अपने करियर को सिर्फ अगली नौकरी तक सीमित रखने के बजाय कुछ अपना शुरू करने के बारे में सोचना शुरू किया।
पति ने दिया खुद का बॉस बनने का आइडिया
Harshitha ने बताया कि उनके करियर का बड़ा हिस्सा किसी न किसी ‘प्रोडक्ट’ के इर्द-गिर्द रहा था। वह Product Management में अपना करियर आगे बढ़ाना चाहती थीं और नई स्किल्स सीखने पर भी काम कर रही थीं।
इसी बीच उनके पति Khanishka David ने उन्हें एक अलग नजरिया दिया। उन्होंने पूछा कि जब वह दूसरों के प्रोडक्ट पर काम कर सकती हैं, तो अपना प्रोडक्ट क्यों नहीं बना सकतीं।
यह विचार Harshitha को पसंद आया। इसके बाद दोनों ने नौकरी की तलाश के साथ-साथ घर पर एक छोटा-सा चिकन कॉप बनाने का फैसला किया।
सिर्फ छह चूजों से हुई शुरुआत
शुरुआत बेहद छोटी थी। दोनों ने घर में एक छोटा चिकन कॉप तैयार किया और उसमें छह चूजे लाए। Harshitha एक तरफ कंपनियों में आवेदन कर रही थीं और दूसरी तरफ चूजों की देखभाल कर रही थीं।
लेकिन जल्द ही उन्हें एक मजेदार समस्या का सामना करना पड़ा। उन्हें पता चला कि छहों चूजे मुर्गे थे। अंडों के लिए मुर्गियों की जरूरत थी, इसलिए Harshitha ने अपने पति से मुर्गियां लाने के लिए कहा।
इस पहल के पीछे सिर्फ बिजनेस का विचार नहीं था। वह चाहती थीं कि उनके बच्चों को घर पर ताजे अंडे मिल सकें। धीरे-धीरे उनका छोटा चिकन कॉप बढ़ता गया और मुर्गियों की संख्या भी बढ़ने लगी।
घर के अंडे बन गए नया ‘प्रोडक्ट’
जब मुर्गियों से अंडे मिलने लगे, तो Harshitha ने उन्हें बेचना भी शुरू कर दिया। यहीं से उनका घरेलू प्रयोग धीरे-धीरे एक छोटे कारोबार में बदलने लगा।
उन्होंने अपने Product Management के अनुभव से इसे जोड़ते हुए बताया कि अब उनके पास एक ‘प्रोडक्ट’ है, यानी अंडे। उस प्रोडक्ट की डिमांड है और उस डिमांड को पूरा करने के लिए उन्हें सप्लाई तैयार करनी है।
इस तरह कॉर्पोरेट दुनिया में प्रोडक्ट बनाने और उसकी डिमांड समझने का जो अनुभव उन्होंने हासिल किया था, वही सोच अब उनके नए काम में एक अलग तरीके से इस्तेमाल हो रही है।
पहले मीटिंग और कॉल, अब सांप-चूहों की चुनौती
Harshitha ने अपनी पुरानी कॉर्पोरेट जिंदगी और वर्तमान जीवन के बीच का अंतर भी मजेदार तरीके से बताया।
पहले उनके सामने अचानक बुलाई गई मीटिंग, वीकेंड पर काम और लगातार ऑनलाइन कॉल जैसी परेशानियां थीं। अब उनकी चुनौतियां बिल्कुल अलग हैं। चिकन कॉप में चूहों और सांपों से निपटना भी उनके काम का हिस्सा बन गया है।
यानी उनका काम पूरी तरह बदल गया है, लेकिन एक चीज वही है—किसी समस्या का समाधान ढूंढना और अपने काम को आगे बढ़ाना।
LinkedIn पर लोगों ने की हिम्मत की तारीफ
Harshitha की कहानी LinkedIn पर सामने आने के बाद कई लोगों ने उनके फैसले और हिम्मत की तारीफ की। लोगों ने इसे नौकरी जाने के बाद खुद को दोबारा खड़ा करने और नए अवसर तलाशने की प्रेरणादायक मिसाल बताया।
कुछ यूजर्स ने ऐसे टेक प्रोफेशनल्स के लिए ‘Tech Refugee’ जैसे शब्द का भी इस्तेमाल किया, जिन्हें नौकरी जाने के बाद लंबे समय तक नया अवसर नहीं मिल पाता।
वहीं, कई लोगों ने उनके फार्म और ताजे अंडों के कारोबार को लेकर उत्साह जताया। एक नजरिए से देखें तो Harshitha ने सचमुच अपना खुद का प्रोडक्ट तैयार किया, उसकी मांग पहचानी और उसकी सप्लाई की जिम्मेदारी भी खुद संभाल ली।
नौकरी जाने का मतलब करियर खत्म होना नहीं
Amazon की नौकरी जाने के बाद Harshitha के सामने अनिश्चितता जरूर थी, लेकिन उन्होंने उस दौर को सिर्फ बेरोजगारी के रूप में देखने के बजाय एक नए प्रयोग का मौका बनाया।
छह चूजों से शुरू हुआ उनका सफर अब अंडों के छोटे कारोबार तक पहुंच चुका है। उनकी कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि उनका नया काम उनके पुराने करियर से पूरी तरह अलग होने के बावजूद उसी Product Management वाली सोच पर टिका है।
यह कहानी याद दिलाती है कि करियर हमेशा सीधी रेखा में आगे नहीं बढ़ता। कभी-कभी नौकरी छूटना उस रास्ते का अंत नहीं, बल्कि किसी बिल्कुल नए रास्ते की शुरुआत हो सकता है।


