Ashoka Buildcon Shares: कमजोर शेयर बाजार के बीच Ashoka Buildcon के शेयरों में सोमवार, 31 अगस्त को जोरदार तेजी देखने को मिली। RVNL से ₹602.16 करोड़ का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिलने की खबर के बाद शेयर इंट्रा-डे में 14% से ज्यादा उछल गया। खास बात यह है कि अप्रैल 2020 के बाद यह शेयर की सबसे तेज इंट्रा-डे तेजी रही।
Ashoka Buildcon Share Price: सिविल कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी Ashoka Buildcon के शेयरों ने सोमवार को बाजार की कमजोरी के बीच निवेशकों का ध्यान खींचा। कंपनी को Rail Vikas Nigam Limited (RVNL) से ₹602.16 करोड़ का नया कॉन्ट्रैक्ट मिलने की घोषणा के बाद शेयर में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।
बीएसई पर कारोबार के दौरान Ashoka Buildcon का शेयर इंट्रा-डे में 14.42% तक चढ़कर ₹128.95 पर पहुंच गया। हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली और शेयर की बढ़त कम हुई। खबर लिखे जाने तक बीएसई पर शेयर करीब 9.14% की तेजी के साथ ₹123.00 के आसपास कारोबार कर रहा था।
कंपनी के शेयर में आई यह तेजी इसलिए भी खास है क्योंकि इसी दिन शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी 50 में आधे फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई थी। यानी व्यापक बाजार दबाव में होने के बावजूद कंपनी के शेयर में ऑर्डर मिलने की खबर का सकारात्मक असर दिखाई दिया।
6 साल में सबसे तेज इंट्रा-डे तेजी
Ashoka Buildcon के शेयर में सोमवार की तेजी कंपनी के लिए काफी महत्वपूर्ण रही। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 9 अप्रैल 2020 को 18.2% की तेजी के बाद यह इंट्रा-डे आधार पर सबसे बड़ा उछाल रहा।
हालांकि शेयर की मौजूदा कीमत अभी भी इसके पिछले एक साल के ऊपरी स्तर से काफी नीचे है। 4 नवंबर 2025 को शेयर ने ₹214.35 का एक साल का उच्चतम स्तर देखा था। इसके बाद इसमें लगातार कमजोरी आई और 30 मार्च 2026 तक शेयर 52.88% टूटकर ₹101.00 पर आ गया था।
इसके बाद शेयर में कुछ रिकवरी जरूर देखने को मिली है, लेकिन RVNL से मिला नया कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के कारोबार और भविष्य की ऑर्डर विजिबिलिटी के लिहाज से बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
Ashoka Buildcon को RVNL से कैसा ऑर्डर मिला?
Ashoka Buildcon को RVNL से उत्तराखंड में निर्माणाधीन ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई रेल लाइन के लिए ₹602.16 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस रकम में जीएसटी भी शामिल है।
यह कॉन्ट्रैक्ट प्रोजेक्ट के E-4 पैकेज के तहत आने वाली चार सुरंगों से संबंधित है। इनमें:
- T-13
- T-14
- T-15
- T-16
शामिल हैं।
कंपनी को इन सुरंगों के लिए विभिन्न इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल सिस्टम से जुड़े महत्वपूर्ण काम करने होंगे। इसमें सिस्टम की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग शामिल है।
प्रोजेक्ट के तहत कंपनी जिन प्रमुख सिस्टम पर काम करेगी, उनमें सब-स्टेशन, हाई टेंशन और लो टेंशन केबल, डीजल जनरेटर सेट, लाइटिंग सिस्टम, UPS, वेंटिलेशन और फायर-फाइटिंग सिस्टम जैसे काम शामिल हैं।
इस तरह देखा जाए तो यह केवल निर्माण सामग्री की सप्लाई का ऑर्डर नहीं है, बल्कि सुरंगों के संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल सिस्टम को तैयार करने की जिम्मेदारी भी कंपनी के पास होगी।
30 महीने में पूरा करना होगा काम
Ashoka Buildcon को RVNL से मिले इस कॉन्ट्रैक्ट को 30 महीने के भीतर पूरा करना है। यानी कंपनी के पास प्रोजेक्ट को तय समय सीमा में पूरा करने की जिम्मेदारी है।
कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के तहत कंपनी को RVNL के पास ₹25.51 करोड़ की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी भी जमा करनी होगी।
इसके अलावा इस प्रोजेक्ट में दो साल का डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड रखा गया है। इसका मतलब है कि काम पूरा होने के बाद निर्धारित शर्तों के तहत किसी तरह की कमी या खराबी सामने आने पर कंपनी की जिम्मेदारी बनी रहेगी।
ऑर्डर बुक में सड़क कारोबार का दबदबा
Ashoka Buildcon के लिए सिर्फ यह नया रेलवे कॉन्ट्रैक्ट ही महत्वपूर्ण नहीं है। कंपनी की मौजूदा ऑर्डर बुक भी काफी बड़ी है और इसमें अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट शामिल हैं।
जून 2026 तिमाही के अंत में कंपनी की ऑर्डर बुक करीब ₹15,251 करोड़ थी। इसमें तिमाही खत्म होने के बाद मिले ₹451 करोड़ के ऑर्डर शामिल नहीं थे।
ऑर्डर बुक को सेगमेंट के आधार पर देखें तो इसमें सबसे बड़ा योगदान सड़क कारोबार का है। कंपनी के पास:
- रोड EPC: ₹6,783 करोड़
- रोड HAM: ₹1,519 करोड़
- रेलवे: ₹1,346 करोड़
- पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन: ₹5,066 करोड़
- बिल्डिंग EPC: ₹536 करोड़
का ऑर्डर बुक हिस्सा था।
रोड EPC और रोड HAM को मिलाकर सड़क से जुड़े ऑर्डर करीब ₹8,302 करोड़ हैं। यह कुल ऑर्डर बुक का लगभग 54.5% हिस्सा है। वहीं रेलवे के ऑर्डर को जोड़ने पर सड़क और रेलवे से जुड़े कारोबार का हिस्सा करीब 63% तक पहुंच जाता है।
पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े ऑर्डर करीब ₹5,066 करोड़ हैं, जो कुल ऑर्डर बुक का लगभग 33.2% हिस्सा है। बिल्डिंग EPC का योगदान करीब ₹536 करोड़ यानी 3.5% है।
इससे साफ है कि कंपनी का कारोबार केवल रोड प्रोजेक्ट्स तक सीमित नहीं है और रेलवे तथा पावर ट्रांसमिशन जैसे क्षेत्रों में भी इसकी मौजूदगी बढ़ रही है।
महाराष्ट्र में भी मिला ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट
Ashoka Buildcon ने अगस्त की शुरुआत में महाराष्ट्र के एक ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी भी साझा की थी। कंपनी को REC Power Development and Consultancy से इस प्रोजेक्ट के लिए Letter of Intent यानी LoI मिला था।
इस प्रोजेक्ट में महाराष्ट्र के भंडारा जिले में सकोली सबस्टेशन का विकास किया जाना है। परियोजना से लगभग ₹126.5 करोड़ सालाना ट्रांसमिशन चार्जेज जुड़े हैं।
कंपनी को इस प्रोजेक्ट का निर्माण करीब 24 महीने में पूरा करना है। इसके बाद लगभग 35 वर्षों तक ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस (O&M) की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
इस तरह कंपनी के पास सड़क और रेलवे के साथ-साथ पावर ट्रांसमिशन क्षेत्र में भी काम का आधार मौजूद है। लंबे समय के O&M कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के लिए भविष्य में अपेक्षाकृत स्थिर आय का स्रोत बन सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
RVNL से मिला ₹602.16 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट Ashoka Buildcon के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे कंपनी की ऑर्डर बुक और भविष्य के काम की विजिबिलिटी को सपोर्ट मिलता है। खासतौर पर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम मिलने से कंपनी के कारोबार में विविधता बढ़ती है।
हालांकि किसी एक ऑर्डर की घोषणा के बाद शेयर में आई तेजी को कंपनी के भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं माना जा सकता। शेयर की कीमत पर बाजार की स्थिति, कंपनी की कमाई, मार्जिन, कर्ज, नए ऑर्डर और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने की क्षमता समेत कई कारकों का असर पड़ता है।
सोमवार को Ashoka Buildcon के शेयर में आई तेज उछाल मुख्य रूप से नए ऑर्डर की खबर पर बाजार की सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाती है। निवेशकों को आगे कंपनी के वित्तीय नतीजों और ऑर्डर बुक की प्रगति पर भी नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सूचना और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और अपने जोखिम प्रोफाइल का आकलन करें तथा जरूरत होने पर SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर में निवेश की सलाह या रिटर्न की गारंटी नहीं देता।


