पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। Abhishek Banerjee ने भाजपा के “डबल इंजन सरकार” के नारे पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह मॉडल विकास का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का प्रतीक बन गया है।
क्या कहा अभिषेक बनर्जी ने?
All India Trinamool Congress के राष्ट्रीय महासचिव बनर्जी ने सोशल मीडिया पोस्ट और रैलियों में कहा कि BJP का “डबल इंजन” दो अलग-अलग तरीकों से काम करता है:
- पहला इंजन: लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग
- दूसरा इंजन: स्थानीय एजेंसियों के जरिए सांप्रदायिक माहौल बनाना
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए वोटर लिस्ट में हेरफेर किया जा रहा है।
चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट पर आरोप
बनर्जी ने दावा किया कि:
- Election Commission of India का इस्तेमाल कर “असली वोटरों के नाम हटाए जा रहे हैं”
- ईमानदार अधिकारियों का ट्रांसफर कर प्रशासन को कमजोर किया जा रहा है
- बाहरी लोगों को लाकर वोटर लिस्ट में शामिल करने की कोशिश हो रही है
हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
‘स्थानीय एजेंट’ पर भी सवाल
बनर्जी ने Bharatiya Janata Party पर यह भी आरोप लगाया कि वह कुछ क्षेत्रीय दलों का इस्तेमाल कर राज्य में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने AIMIM, ISF और AJUP जैसे संगठनों का नाम लेते हुए कहा कि इनका इस्तेमाल वोट बांटने और माहौल बिगाड़ने के लिए किया जा रहा है।
‘Maa-Mati-Manush’ बनाम ‘Double Engine’
अपनी पार्टी की विचारधारा को आगे रखते हुए बनर्जी ने कहा कि बंगाल की जनता “मां-माटी-मानुष” के सिद्धांत पर चलने वाली सरकार को चुनेगी—जो लोगों के लिए काम करती हो।
यह नारा Mamata Banerjee द्वारा दिया गया था और TMC की राजनीति का मुख्य आधार रहा है।
रैली में केंद्र सरकार पर निशाना
बीरभूम और पश्चिम बर्धमान में रैलियों के दौरान बनर्जी ने केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोला:
- नोटबंदी के दौरान लंबी कतारों का जिक्र
- LPG संकट के दौरान परेशानी
- चुनावी रोल संशोधन (SIR) पर सवाल
उन्होंने कहा कि “बिना सोचे-समझे फैसले लेने से आम जनता प्रभावित होती है।”
मतदाताओं की सुरक्षा का वादा
बनर्जी ने कहा कि यदि किसी का नाम वोटर लिस्ट से हटता है, तो TMC उनकी मदद करेगी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी हर आवेदन (Form 6) पर नजर रख रही है ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके।
नागरिकता और पहचान का मुद्दा
उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाली भाषी लोगों को “बांग्लादेशी” कहकर परेशान किया जा रहा है।
एक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक महिला को कथित तौर पर बांग्लादेश भेज दिया गया था, जिसे बाद में कानूनी प्रक्रिया के जरिए वापस लाया गया।
खाने-पीने की आदतों पर भी बयान
बनर्जी ने यह सवाल भी उठाया कि क्या लोगों के खाने-पीने की आदतें भी अब राजनीति का हिस्सा बनेंगी। उन्होंने कहा:
“क्या कोई यह तय करेगा कि हम मछली, चिकन या मटन खाएं या नहीं?”
आगे की रणनीति और बड़ा दावा
अपने भाषण के अंत में बनर्जी ने दावा किया कि:
- बंगाल में TMC चौथी बार सत्ता में आएगी
- इसके बाद केंद्र में भी बदलाव की नींव रखी जाएगी
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी एक “लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी” सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता जा रहा है। Abhishek Banerjee के ये बयान चुनावी माहौल को और गरमाने वाले हैं।
हालांकि, इन आरोपों की सच्चाई क्या है, यह आने वाले समय में जांच और चुनावी प्रक्रिया के दौरान ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल इतना तय है कि बंगाल में राजनीतिक मुकाबला और दिलचस्प होता जा रहा है।
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