Aaj Ka Mausam: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 अगस्त के लिए देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। झारखंड में भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों में भी मूसलाधार बारिश हो सकती है।
Aaj Ka Mausam: देश के कई हिस्सों में मानसून इस समय पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से पूर्वी, मध्य और उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 अगस्त के मौसम को लेकर महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 18 अगस्त को झारखंड में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी खतरा बना हुआ है।
झारखंड में आफत की बारिश, अत्यंत भारी बारिश का खतरा

IMD के अनुसार 18 अगस्त को झारखंड में मौसम बेहद खराब रह सकता है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की भी संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार सुबह 5:30 बजे डिप्रेशन झारखंड और आसपास के उत्तरी गंगा पश्चिम बंगाल क्षेत्र पर केंद्रित था। यह सिस्टम रांची से करीब 100 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित था और इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में झारखंड तथा बिहार की ओर बढ़ने की संभावना जताई गई है।
इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में कम समय में तेज बारिश हो सकती है। लगातार भारी बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात बाधित होने और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
बिहार और यूपी में भी भारी बारिश का अलर्ट
झारखंड के साथ-साथ बिहार और उत्तर प्रदेश में भी 18 अगस्त को बारिश का असर व्यापक रहने की संभावना है। बिहार के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल
18 अगस्त को झारखंड और बिहार के अलावा कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश का अनुमान है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार:
- छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
- पूर्वी मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर तेज बारिश की संभावना है।
- हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा के कारण पहाड़ी इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है।
- ओडिशा में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है।
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी मानसून सक्रिय रहेगा।
लगातार बारिश वाले इलाकों में स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-NCR और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
दिल्ली में बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में घर से निकलने वाले लोगों को मौसम की ताजा स्थिति और स्थानीय ट्रैफिक अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ बढ़ेगा लैंडस्लाइड का खतरा
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के कुछ हिस्सों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर भूस्खलन और अचानक जलभराव का खतरा बढ़ जाता है।
ऐसे में पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।
पूर्वोत्तर भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
पूर्वोत्तर राज्यों में भी 18 अगस्त को बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बौछारें पड़ सकती हैं।
इन इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। पहाड़ी और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
दक्षिण भारत में भी बारिश का असर
दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक वाली गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
बारिश के साथ मौसम विभाग ने तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी दी है। आंध्र प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर इनकी गति इससे अधिक भी हो सकती है।
वहीं बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों के कई हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
अरब सागर में भी मौसम खराब, 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा
समुद्री इलाकों के लिए भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय क्षेत्रों के आसपास तथा मध्य-पश्चिमी अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
इन क्षेत्रों में हवा की गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है और झोंकों के दौरान इसकी रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम की इस स्थिति को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर तटीय और गहरे समुद्री इलाकों में जाने से पहले मौसम विभाग के अपडेट पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
बारिश के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
भारी बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान आम लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। अगर आपके इलाके में तेज गरज-चमक हो रही है तो खुले मैदान में जाने से बचें। पेड़ के नीचे खड़े होने के बजाय सुरक्षित पक्की इमारत के अंदर रहें।
बारिश के कारण जलभराव वाली सड़कों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। तेज बहाव वाले नाले, नदी और अंडरपास को पार करने की कोशिश न करें। पहाड़ी इलाकों में यात्रा कर रहे हैं तो भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
18 अगस्त को कहां-कहां ज्यादा बारिश?
कुल मिलाकर 18 अगस्त को झारखंड, बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। इसके अलावा दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।
मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय डिप्रेशन, मानसून ट्रफ और ऊपरी हवा में मौजूद मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश का दायरा व्यापक बना हुआ है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है।
Disclaimer: मौसम की स्थिति स्थानीय स्तर पर तेजी से बदल सकती है। भारी बारिश, बिजली और तेज हवाओं से जुड़ी किसी भी चेतावनी के लिए IMD और स्थानीय प्रशासन के ताजा अपडेट को प्राथमिकता दें।


