लॉन्ग ड्राइव पर निकलना अपने आप में एक अलग अनुभव होता है। खुली सड़क, पसंदीदा म्यूजिक और रास्ते में बदलते खूबसूरत नजारे लंबी यात्रा को यादगार बना देते हैं। लेकिन कई घंटों या सैकड़ों किलोमीटर की ड्राइव के दौरान छोटी-छोटी परेशानियां सफर का मजा किरकिरा कर सकती हैं।
कभी स्मार्टफोन की बैटरी खत्म होने लगती है, तो कभी टायर में हवा कम हो जाती है। सुनसान हाईवे पर अगर पंचर हो जाए या रात में किसी वजह से गाड़ी रोकनी पड़े, तो परेशानी और बढ़ सकती है। ऐसे में कार की सर्विसिंग और फ्यूल चेक करने के साथ कुछ उपयोगी एक्सेसरीज साथ रखना भी समझदारी है।
आपको कार में ढेर सारे गैजेट्स रखने की जरूरत नहीं है। बस कुछ ऐसी चीजें रखें, जो जरूरत पड़ने पर वास्तव में काम आएं। आइए जानते हैं ऐसी 5 एक्सेसरीज के बारे में, जो लॉन्ग रोड ट्रिप को ज्यादा सुविधाजनक और तनावमुक्त बना सकती हैं।
1. स्मार्टफोन माउंट

आजकल लंबी ड्राइव में स्मार्टफोन का इस्तेमाल सिर्फ कॉल या म्यूजिक के लिए नहीं होता। नेविगेशन और मैप के लिए भी फोन बेहद उपयोगी है। इसलिए कार में एक अच्छा स्मार्टफोन माउंट रखना काफी काम आ सकता है।
माउंट खरीदते समय यह जरूर देखें कि वह फोन को मजबूती से पकड़ता हो और खराब सड़क पर भी बार-बार अपनी जगह से न हिले। साथ ही, इसे ऐसी जगह लगाएं जहां से ड्राइवर को सड़क, रियर-व्यू मिरर या इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर देखने में परेशानी न हो।
मैग्नेटिक माउंट में फोन लगाना और निकालना आसान होता है, जबकि क्लैंप वाले माउंट फोन को अपेक्षाकृत मजबूत पकड़ देते हैं। अगर आप अक्सर लंबी दूरी की यात्रा करते हैं, तो अपनी कार और फोन के हिसाब से सही माउंट चुनना उपयोगी निवेश हो सकता है।
2. फास्ट कार चार्जर
लॉन्ग ड्राइव में स्मार्टफोन की बैटरी सामान्य दिनों की तुलना में जल्दी खत्म हो सकती है। GPS, मोबाइल डेटा, म्यूजिक स्ट्रीमिंग, कॉल और नेविगेशन जैसे काम लगातार चलते रहने पर फोन की बैटरी तेजी से कम होती है।
ऐसे में कार में अच्छा फास्ट चार्जर होना काफी जरूरी हो जाता है। अगर कार में एक से ज्यादा लोग सफर करते हैं, तो मल्टी-पोर्ट चार्जर ज्यादा उपयोगी रहेगा। इससे एक साथ कई डिवाइस चार्ज किए जा सकते हैं।
नए स्मार्टफोन के लिए USB-C Power Delivery सपोर्ट वाला चार्जर भी अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, चार्जर खरीदते समय अपने फोन की चार्जिंग क्षमता और कार के पावर आउटलेट की क्षमता जरूर जांच लें।
3. पोर्टेबल टायर इन्फ्लेटर
लंबी रोड ट्रिप में टायर से जुड़ी समस्या सबसे ज्यादा परेशान कर सकती है। अगर टायर में हवा कम हो जाए और आसपास पेट्रोल पंप या पंचर की दुकान न मिले, तो पोर्टेबल टायर इन्फ्लेटर काफी काम आ सकता है।
इसे कार की 12V पावर सॉकेट या उपलब्ध पावर कनेक्शन से चलाया जा सकता है। कुछ मॉडल बैटरी से भी चलते हैं, जिससे उनका इस्तेमाल और आसान हो जाता है।
इन्फ्लेटर लेते समय डिजिटल प्रेशर डिस्प्ले और ऑटोमैटिक शट-ऑफ जैसे फीचर्स पर ध्यान दें। इससे निर्धारित प्रेशर तक हवा भरने के बाद मशीन अपने आप बंद हो सकती है।
हालांकि, टायर में लगातार हवा कम हो रही हो तो सिर्फ इन्फ्लेटर पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में टायर में पंचर या किसी अन्य खराबी की जांच करवाना जरूरी है।
4. टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम यानी TPMS
लंबी दूरी की यात्रा में टायर का सही प्रेशर बनाए रखना बेहद जरूरी है। कम या ज्यादा एयर प्रेशर से ड्राइविंग पर असर पड़ सकता है और टायर की घिसावट भी बढ़ सकती है।
TPMS यानी Tyre Pressure Monitoring System टायर के प्रेशर पर नजर रखने में मदद करता है। कुछ सिस्टम प्रेशर में असामान्य बदलाव होने पर ड्राइवर को अलर्ट भी करते हैं।
अगर आपकी कार में कंपनी की तरफ से TPMS पहले से दिया गया है, तो लॉन्ग ड्राइव से पहले यह जांच लें कि सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा है। जिन कारों में यह सुविधा नहीं है, उनके लिए आफ्टरमार्केट TPMS विकल्प भी उपलब्ध होते हैं।
ध्यान रखें कि TPMS एक अतिरिक्त निगरानी सुविधा है। लंबी यात्रा से पहले टायर का प्रेशर मैनुअली भी निर्माता की सलाह के अनुसार जांच लेना बेहतर है।
5. डैश कैम
डैश कैम भी लॉन्ग ड्राइव के दौरान उपयोगी साबित हो सकता है। यह गाड़ी के सामने की सड़क की वीडियो रिकॉर्डिंग करता है। किसी दुर्घटना, ट्रैफिक घटना या सड़क पर विवाद जैसी स्थिति में रिकॉर्ड की गई फुटेज घटना को समझने में मदद कर सकती है।
डैश कैम खरीदते समय सिर्फ कीमत पर ध्यान देने के बजाय वीडियो क्वालिटी, नाइट विजन, वाइड एंगल और स्टोरेज सपोर्ट जैसे फीचर्स देखें।
अगर आप ज्यादा कवरेज चाहते हैं, तो फ्रंट और रियर दोनों कैमरों वाला सेटअप भी चुना जा सकता है। डैश कैम में अच्छी क्वालिटी का और पर्याप्त क्षमता वाला मेमोरी कार्ड इस्तेमाल करना भी जरूरी है, क्योंकि कैमरा लगातार रिकॉर्डिंग करता है।
सिर्फ गैजेट्स ही नहीं, ये इमरजेंसी सामान भी रखें
लॉन्ग ड्राइव की तैयारी सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज तक सीमित नहीं होनी चाहिए। खासकर हाईवे या दूरदराज के इलाकों में जाने पर कुछ बेसिक इमरजेंसी सामान कार में रखना समझदारी है।
कार में स्पेयर टायर, जैक, व्हील स्पैनर, पंचर रिपेयर किट, टॉर्च, फर्स्ट-एड किट, वॉर्निंग ट्रायंगल और जरूरी टूल्स रखें। इन्हें डिक्की में ऐसी जगह रखें जहां जरूरत पड़ने पर आसानी से निकाला जा सके।
सफर शुरू करने से पहले टायर, ब्रेक, हेडलाइट, इंडिकेटर, वाइपर, इंजन ऑयल और दूसरे जरूरी फ्लूइड की भी जांच कर लें। अगर जिस रूट पर जा रहे हैं वहां नेटवर्क कमजोर रहने की संभावना है, तो जरूरी मैप को फोन में ऑफलाइन डाउनलोड करके रखना भी फायदेमंद हो सकता है।
छोटी तैयारी से लंबा सफर हो सकता है आसान
लॉन्ग ड्राइव को आरामदायक बनाने के लिए कार को गैजेट्स से भरने की जरूरत नहीं है। स्मार्टफोन माउंट, फास्ट कार चार्जर, पोर्टेबल टायर इन्फ्लेटर, TPMS और डैश कैम जैसी चीजें जरूरत के समय काफी उपयोगी साबित हो सकती हैं।
हालांकि, किसी भी एक्सेसरी को कार की नियमित जांच और सुरक्षित ड्राइविंग का विकल्प नहीं मानना चाहिए। सफर से पहले कार की बेसिक जांच करें, जरूरी इमरजेंसी सामान साथ रखें और ड्राइविंग के दौरान सड़क पर पूरा ध्यान दें। थोड़ी सी तैयारी न सिर्फ परेशानी कम कर सकती है, बल्कि आपकी पूरी रोड ट्रिप को ज्यादा आरामदायक और बेफिक्र बना सकती है।


