Sensex-Nifty Closes Red: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार 1 सितंबर को लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली। दिनभर बाजार में जोरदार उतार-चढ़ाव रहा। शुरुआत में बेहतर GDP ग्रोथ और निचले स्तर पर खरीदारी ने बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली ने तेजी पर पानी फेर दिया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। इस गिरावट से BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹3.46 लाख करोड़ घट गया।
रिकवरी के बाद फिर फिसला बाजार

मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 193.01 अंक टूटकर 76,764.26 के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से इसमें तेज रिकवरी देखने को मिली और सेंसेक्स 467.61 अंक तक चढ़कर 77,231.87 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया।
लेकिन यह तेजी ज्यादा देर कायम नहीं रह सकी। बाजार में दोबारा बिकवाली हावी हुई और सेंसेक्स अपने दिन के हाई से 575.75 अंक टूटकर 76,656.12 के स्तर तक आ गया।
निफ्टी की चाल भी कुछ ऐसी ही रही। इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 70.90 अंक गिरकर 24,009.50 तक पहुंचा। इसके बाद खरीदारी के दम पर निफ्टी 133.65 अंक सुधरकर 24,143.15 के इंट्रा-डे हाई तक गया। हालांकि, बाद में बिकवाली बढ़ने से यह हाई से 190.60 अंक फिसलकर 23,952.55 तक पहुंच गया।
एक्सपायरी पर Sensex-Nifty का क्लोजिंग
1 सितंबर को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद इंडेक्स में गिरावट सीमित रही।
कारोबार खत्म होने पर Sensex 12.99 अंक यानी 0.02% गिरकर 76,944.28 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 24.60 अंक यानी 0.10% कमजोर होकर 24,055.80 पर बंद हुआ।
इस तरह दोनों प्रमुख इंडेक्स लगातार दूसरे कारोबारी दिन लाल निशान में बंद हुए।
FMCG और IT ने संभालने की कोशिश की
सेक्टर के स्तर पर बाजार को संभालने में FMCG और IT शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। दोनों सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स करीब 1% की बढ़त के साथ बंद हुए।
हालांकि, ऑटो, बैंकिंग और फार्मा शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर ज्यादा दबाव बनाया। निफ्टी फार्मा करीब 1.5% कमजोर हुआ। इसके अलावा निफ्टी ऑटो और निफ्टी PSU बैंक में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स भी करीब 1% फिसल गया।
बाजार के व्यापक हिस्से में भी कमजोरी देखने को मिली। Nifty Midcap 100 में 1.39% की गिरावट रही, जबकि Nifty Smallcap 100 करीब 0.25% कमजोर हुआ।
निवेशकों की दौलत ₹3.46 लाख करोड़ घटी
शेयर बाजार में आई गिरावट का सीधा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा। 31 अगस्त 2026 को BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4,91,58,204.57 करोड़ था।
1 सितंबर के कारोबार के बाद यह घटकर ₹4,88,11,607.93 करोड़ रह गया।
यानी एक कारोबारी दिन में BSE की सभी लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में करीब ₹3,46,596.64 करोड़, यानी लगभग ₹3.46 लाख करोड़ की कमी आई।
Sensex के 13 शेयर बढ़त में बंद
सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से मंगलवार को 13 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि बाकी शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
दिन के अंत में ITC, HCLTech और Infosys सेंसेक्स के प्रमुख गेनर्स में शामिल रहे। दूसरी ओर Maruti Suzuki, SBI और IndiGo में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली।
इससे साफ है कि IT और FMCG शेयरों की मजबूती के बावजूद बैंकिंग, ऑटो और फार्मा शेयरों की बिकवाली ने बाजार की बढ़त की कोशिशों को कमजोर कर दिया।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
बाजार की कमजोरी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी एक अहम वजह रही। महंगे क्रूड से भारत के आयात बिल और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। यही वजह है कि कच्चे तेल में तेजी के दौरान बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है।
इसके अलावा बैंकिंग शेयरों में बिकवाली ने भी प्रमुख इंडेक्स पर दबाव बनाए रखा। बेहतर GDP ग्रोथ के आंकड़ों से शुरुआती सेंटीमेंट में सुधार जरूर हुआ, लेकिन दिन बढ़ने के साथ बिकवाली फिर हावी हो गई।
बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव संभव
1 सितंबर के कारोबार से संकेत मिलता है कि फिलहाल बाजार में तेजी और गिरावट के बीच मुकाबला काफी कड़ा है। एक तरफ बेहतर आर्थिक आंकड़े और निचले स्तर पर खरीदारी बाजार को सपोर्ट दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ महंगा कच्चा तेल, बैंकिंग शेयरों में कमजोरी और व्यापक बाजार में बिकवाली चिंता बढ़ा रही है।
ऐसे माहौल में आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों, क्रूड ऑयल की कीमतों और प्रमुख सेक्टरों के प्रदर्शन पर रहेगी।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या निवेश विकल्प में पैसा लगाने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता के अनुसार योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता है।


