Weather Update September 2: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर 2026 के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का भी खतरा रहेगा।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, देश के मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी प्रणालियों के प्रभाव से कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भारी बारिश का खतरा
2 सितंबर को उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। IMD ने इन राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।
बारिश के साथ कई जगहों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।
दिल्ली, यूपी और बिहार में कैसा रहेगा मौसम?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के उत्तर भारतीय इलाकों में भी 2 सितंबर को बारिश का दौर तेज हो सकता है। IMD ने दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
बिहार, झारखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल और पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
पहाड़ी राज्यों में भी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
पहाड़ी राज्यों में मौसम ज्यादा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम और प्रशासन की सलाह पर ध्यान देने की जरूरत है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी जारी रहेगा बारिश का दौर
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
इन राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। स्थानीय स्तर पर तेज बारिश के कारण सड़क यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में तेज हवाओं का अलर्ट
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा और रायलसीमा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान आकाशीय बिजली चमकने की भी आशंका है।
वहीं तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
समुद्र में तूफानी हवाओं का खतरा
IMD ने समुद्री इलाकों को लेकर भी चेतावनी जारी की है। अरब सागर में सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम तथा उत्तर और पूर्व-मध्य अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति बढ़कर करीब 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इसके अलावा दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण श्रीलंका से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने इन परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है।
2 सितंबर को किन राज्यों में बारिश का ज्यादा असर?
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 2 सितंबर को इन राज्यों और क्षेत्रों में मौसम पर खास नजर रहेगी:
- उत्तराखंड
- छत्तीसगढ़
- पूर्वी मध्य प्रदेश
- दिल्ली
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- झारखंड
- हरियाणा
- पंजाब
- चंडीगढ़
- पश्चिम बंगाल
- सिक्किम
- ओडिशा
- विदर्भ
- पश्चिमी मध्य प्रदेश
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख
- पूर्वोत्तर के कई राज्य
- दक्षिण भारत के कुछ तटीय और आंतरिक इलाके
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
भारी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना वाले इलाकों में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। तेज बारिश या बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और असुरक्षित स्थानों से दूरी बनाए रखना बेहतर है। वहीं समुद्र में जाने वाले मछुआरों को IMD की चेतावनी का पालन करना चाहिए।
नोट: मौसम की स्थिति स्थानीय स्तर पर तेजी से बदल सकती है। किसी इलाके में बारिश की तीव्रता और समय अलग-अलग हो सकता है, इसलिए यात्रा या अन्य जरूरी गतिविधियों से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखें।


