Indraprastha Gas Shares: दिल्ली में CNG की कीमत बढ़ने के बाद Indraprastha Gas के शेयरों में तेज खरीदारी देखने को मिली। कमजोर शेयर बाजार के बावजूद स्टॉक इंट्रा-डे में 3% से ज्यादा चढ़ गया। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि कीमत बढ़ाने के फैसले से कंपनी के मार्जिन पर दबाव कम हो सकता है।
Indraprastha Gas Shares: दिल्ली में CNG की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सोमवार को Indraprastha Gas के शेयरों पर साफ नजर आया। बाजार में जहां कई शेयर दबाव में कारोबार कर रहे थे, वहीं इंद्रप्रस्थ गैस के स्टॉक में जोरदार खरीदारी हुई। इंट्रा-डे कारोबार में शेयर करीब 3.18% उछलकर ₹152.30 तक पहुंच गया।
हालांकि, बाद में इसमें कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली और बीएसई पर शेयर करीब 2.37% की बढ़त के साथ ₹151.10 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
कंपनी की ओर से CNG की कीमत बढ़ाने के पीछे मुख्य वजह LNG के आयात की बढ़ी हुई लागत बताई गई है। माना जा रहा है कि इस फैसले से बढ़ती गैस लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने में मदद मिलेगी और इससे कंपनी के मार्जिन पर दबाव कम हो सकता है।
दिल्ली में CNG कितनी महंगी हुई?
Indraprastha Gas ने दिल्ली में CNG की कीमत में ₹3.89 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 29 अगस्त 2026 से लागू हो गई हैं। इस बदलाव के बाद दिल्ली में CNG का रिटेल भाव बढ़कर करीब ₹83.09 प्रति किलोग्राम हो गया है।
कंपनी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की लागत में तेज बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना जरूरी हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद वैश्विक LNG कीमतों में काफी तेजी आई है।
27 अगस्त तक के छह महीनों के दौरान दिल्ली में CNG की कीमत करीब 7.8% बढ़ी थी। इस अवधि में यूरोप के TTF गैस कॉन्ट्रैक्ट में लगभग 105%, जबकि एशिया के JKM LNG में करीब 113% की तेजी दर्ज की गई।
यानी गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में जिस तेजी से बढ़ोतरी हुई, उसके मुकाबले दिल्ली में CNG की कीमतों में अब तक की वृद्धि काफी सीमित रही है।
कीमत बढ़ाने से कंपनी को क्या फायदा होगा?
CNG की कीमत में बढ़ोतरी से Indraprastha Gas को बढ़ी हुई गैस लागत की भरपाई करने में मदद मिल सकती है। यही वजह है कि बाजार में इस फैसले को कंपनी के मार्जिन के लिहाज से सकारात्मक माना जा रहा है।
ब्रोकरेज फर्म Citi का मानना है कि CNG की कीमत में करीब 5% की बढ़ोतरी से वॉल्यूम ग्रोथ पर बहुत ज्यादा नकारात्मक असर पड़ने की संभावना नहीं है। ब्रोकरेज के अनुसार, इससे कंपनी के ब्लेंडेड रियलाइजेशन में करीब ₹1.8/scm का सुधार हो सकता है।
इससे पिछले कुछ समय से लगातार दबाव में चल रहे मार्जिन को स्थिर करने में मदद मिल सकती है।
पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा
वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही Indraprastha Gas के लिए चुनौतीपूर्ण रही। कंपनी का प्रदर्शन बढ़ती गैस लागत के दबाव से प्रभावित हुआ।
जून तिमाही में:
- नेट प्रॉफिट: ₹341 करोड़, तिमाही आधार पर 29.5% गिरावट
- EBITDA: ₹293.4 करोड़, 30.4% की गिरावट
- EBITDA मार्जिन: 10% से घटकर 6.4%
- रेवेन्यू: 10% बढ़कर ₹4,586 करोड़
- CNG वॉल्यूम: सालाना आधार पर 6% बढ़ा
- डोमेस्टिक PNG वॉल्यूम: 7% बढ़ा
आंकड़ों से साफ है कि कंपनी के कारोबार में वॉल्यूम ग्रोथ बनी हुई है, लेकिन ऊंची गैस लागत ने मुनाफे और मार्जिन पर दबाव डाला है।
शेयर ने पिछले एक साल में दिया बड़ा झटका
Indraprastha Gas के शेयर की चाल पिछले एक साल में काफी उतार-चढ़ाव वाली रही है। 8 अक्टूबर 2025 को बीएसई पर शेयर ₹223.55 तक पहुंचा था, जो उस समय एक साल का उच्च स्तर था।
इसके बाद स्टॉक में भारी गिरावट आई और 2 अप्रैल 2026 को यह ₹141.60 तक फिसल गया। यह एक साल का निचला स्तर रहा।
हालांकि, मौजूदा स्तर से शेयर में कुछ रिकवरी देखने को मिली है। CNG की कीमत बढ़ाने की घोषणा के बाद सोमवार को स्टॉक में तेजी ने निवेशकों का ध्यान फिर से इस ओर खींचा है।
क्या Indraprastha Gas के शेयर खरीदने चाहिए?
इस शेयर को कवर करने वाले 31 एनालिस्ट्स में से 24 ने Buy, 4 ने Hold और 3 ने Sell रेटिंग दी है। यानी अधिकांश एनालिस्ट अभी भी शेयर को लेकर सकारात्मक नजरिया रखते हैं।
Citi ने ₹180 का टारगेट प्राइस देते हुए Buy रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज के मुताबिक CNG की कीमत में बढ़ोतरी कंपनी के लिए एक रणनीतिक कदम है, क्योंकि इससे बढ़ती गैस लागत को संभालने और मार्जिन में सुधार करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, कंपनी के सामने जोखिम भी कम नहीं हुए हैं। स्पॉट LNG की ऊंची कीमतें और कतर से भारत को मिलने वाली कॉन्ट्रैक्टेड LNG सप्लाई में रुकावट जैसी चुनौतियां गैस की लागत को आगे भी ऊंचा रख सकती हैं।
ऐसे में CNG की कीमत बढ़ाना कंपनी के लिए राहत देने वाला कदम है, लेकिन इसका असर वॉल्यूम ग्रोथ और ग्राहक मांग पर कितना पड़ता है, यह आगे देखने वाली बात होगी।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Indraprastha Gas में CNG की कीमत बढ़ने से कंपनी के मार्जिन को सहारा मिलने की उम्मीद जरूर बढ़ी है। यही वजह है कि शेयर में कमजोर बाजार के बीच भी खरीदारी देखने को मिली।
लेकिन केवल एक दिन की तेजी के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा। कंपनी की आगामी तिमाहियों में गैस लागत, EBITDA मार्जिन, CNG वॉल्यूम और मुनाफे की दिशा पर नजर रखना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।
Citi का ₹180 का टारगेट मौजूदा स्तर से संभावित तेजी का संकेत देता है, लेकिन शेयर बाजार में किसी भी टारगेट की गारंटी नहीं होती। निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना चाहिए।
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