Delhi to Jewar Airport: दिल्ली और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के बीच कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी योजना सामने आई है। जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच को आसान बनाने के लिए करीब 50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर लगभग 4,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक यात्रा का समय घटकर करीब 60 से 70 मिनट रह सकता है।
यह कॉरिडोर खास तौर पर पूर्वी दिल्ली, नोएडा और आसपास के NCR इलाकों के लिए अहम माना जा रहा है। इसका मकसद एयरपोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के साथ-साथ मौजूदा सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करना भी है।
अक्षरधाम से जेवर एयरपोर्ट तक बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित एक्सप्रेसवे अक्षरधाम क्षेत्र से शुरू होकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर तक जाएगा। इसकी कुल लंबाई करीब 50 किलोमीटर होगी। इसमें लगभग 27 किलोमीटर का हिस्सा नोएडा क्षेत्र में आने की बात कही जा रही है।
कॉरिडोर का अधिकांश हिस्सा छह लेन का प्रस्तावित है। वहीं, जहां से वाहन इस एक्सप्रेसवे पर प्रवेश करेंगे, वहां ट्रैफिक की संभावित समस्या को देखते हुए सड़क को आठ लेन तक चौड़ा किया जा सकता है।
इस परियोजना के निर्माण और लंबे समय तक रखरखाव की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को दी जाएगी। फिलहाल प्रोजेक्ट डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के चरण में है।
यमुना किनारे से बदला गया एक्सप्रेसवे का रूट
इस प्रोजेक्ट के एलाइनमेंट में भी बदलाव किया गया है। शुरुआती योजना में एक्सप्रेसवे को यमुना नदी के तटबंध के बिल्कुल करीब बनाने का प्रस्ताव था। हालांकि, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने इस रूट को लेकर बाढ़ और निर्माण की सुरक्षा से संबंधित चिंताएं जताई थीं।
इसके बाद प्रस्तावित एलाइनमेंट को करीब 5 मीटर नोएडा की ओर खिसकाया गया। बदलाव के बाद संशोधित रूट को अंतिम मंजूरी दे दी गई है। इससे परियोजना को बाढ़ संबंधी जोखिमों से बचाने और निर्माण को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सेक्टर-94 से मिलेगा एक्सप्रेसवे को बड़ा कनेक्शन
नोएडा के सेक्टर-94 से गुजरने वाली करीब 120 मीटर चौड़ी सड़क को इस एलिवेटेड कॉरिडोर के प्रमुख कनेक्टिंग रोड के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की योजना है।
निर्माण शुरू करने से पहले प्रस्तावित रूट पर मिट्टी की जांच भी की जाएगी। NHAI की ओर से यह आकलन किया जाएगा कि जमीन कितना भार सुरक्षित तरीके से सहन कर सकती है। इस जांच के आधार पर एक्सप्रेसवे की तकनीकी डिजाइन और निर्माण योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
60-70 मिनट में पहुंच सकेंगे दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को यात्रा समय में कमी के रूप में मिल सकता है। एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट की दूरी को करीब 60-70 मिनट में तय करने का लक्ष्य बताया जा रहा है।
इसका खास फायदा पूर्वी दिल्ली और आसपास के इलाकों को मिल सकता है। मयूर विहार, पटपड़गंज, आईपी एक्सटेंशन, कालिंदी कुंज और सरिता विहार जैसे इलाकों से जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी पहले के मुकाबले आसान होने की उम्मीद है।
इसके अलावा प्रस्तावित नेटवर्क को मंझावली पुल के जरिए फरीदाबाद से जोड़ने की भी संभावना है। इससे दिल्ली-NCR के कई प्रमुख हिस्सों को जेवर एयरपोर्ट से बेहतर सड़क संपर्क मिल सकता है।
NCR के मौजूदा एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ेगा
यह 50 किलोमीटर का कॉरिडोर सिर्फ दिल्ली और जेवर के बीच एक नया रास्ता नहीं होगा। इसे NCR के बड़े ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
इसके जरिए दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और जेवर एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी मजबूत हो सकती है। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों और वाहनों की संख्या बढ़ने की स्थिति में यह नया कॉरिडोर मौजूदा सड़कों से ट्रैफिक का कुछ भार कम करने में भी मदद कर सकता है।
गाजियाबाद से जेवर तक चलेगी नमो भारत-मेट्रो
जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सड़क के साथ-साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भी काम किया जा रहा है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक करीब 72.44 किलोमीटर लंबे ट्रांजिट कॉरिडोर की योजना तैयार की है।
इस कॉरिडोर की खासियत यह होगी कि इसमें नमो भारत और मेट्रो, दोनों तरह की सेवाएं प्रस्तावित हैं। योजना के मुताबिक यात्रियों के लिए करीब 11 नमो भारत स्टेशन होंगे, जबकि स्थानीय आवागमन के लिए 18 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं।
यह कॉरिडोर गाजियाबाद के दिल्ली-मेरठ नमो भारत स्टेशन से शुरू होकर जेवर एयरपोर्ट तक जाने की योजना है। प्रस्तावित कॉरिडोर का करीब 71.5 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड और लगभग 1.29 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा।
जेवर एयरपोर्ट के लिए तेजी से तैयार हो रहा कनेक्टिविटी नेटवर्क
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले इसके आसपास सड़क और सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। अक्षरधाम से जेवर तक प्रस्तावित 50 KM एलिवेटेड एक्सप्रेसवे और गाजियाबाद-जेवर नमो भारत-मेट्रो कॉरिडोर इसी व्यापक योजना का हिस्सा हैं।
अगर ये परियोजनाएं तय योजना के अनुसार पूरी होती हैं, तो दिल्ली-NCR के अलग-अलग इलाकों से जेवर एयरपोर्ट पहुंचना काफी आसान हो सकता है।
हालांकि, एलिवेटेड एक्सप्रेसवे अभी DPR चरण में है। ऐसे में निर्माण शुरू होने और प्रोजेक्ट के पूरी तरह चालू होने की तारीख आगे की मंजूरियों, तकनीकी जांच और निर्माण प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।


