Lumino Industries IPO: लुमिनो इंडस्ट्रीज के ₹700 करोड़ के आईपीओ में निवेश करने का आज, 31 अगस्त 2026, आखिरी मौका है। इश्यू को निवेशकों की ओर से अब तक मजबूत प्रतिक्रिया मिली है और सुबह 10:10 बजे तक यह 6.4 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। दूसरी ओर, ग्रे मार्केट में शेयर का GMP ₹61 तक पहुंच गया है। इस हिसाब से ₹82 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले शेयर की अनुमानित लिस्टिंग कीमत ₹143 बनती है, यानी करीब 74% संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत मिल रहा है।
हालांकि, GMP केवल ग्रे मार्केट का संकेतक है और वास्तविक लिस्टिंग प्राइस इससे अलग हो सकती है। ऐसे में निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन और ब्रोकरेज की राय को समझना जरूरी है।
Lumino Industries IPO को मिला शानदार रिस्पांस
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, लुमिनो इंडस्ट्रीज IPO में कुल 6,32,05,127 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 40,47,53,804 शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी थीं।
कैटेगरी के हिसाब से देखें तो:
- Non-Institutional Investors (NII): 12.53 गुना
- Retail Investors: 7.59 गुना
- कुल सब्सक्रिप्शन: 6.4 गुना
इससे साफ है कि इश्यू को रिटेल के साथ-साथ हाई नेटवर्थ और अन्य नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों से भी मजबूत मांग मिल रही है।
Lumino Industries IPO की जरूरी डिटेल
| जानकारी | डिटेल |
|---|---|
| IPO की अवधि | 27 अगस्त–31 अगस्त 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹78–₹82 प्रति शेयर |
| लॉट साइज | 182 शेयर |
| न्यूनतम निवेश | ₹14,924 |
| कुल इश्यू साइज | ₹700 करोड़ |
| फ्रेश इश्यू | ₹500 करोड़ |
| OFS | ₹200 करोड़ |
| लिस्टिंग | 3 सितंबर 2026 |
| एक्सचेंज | NSE और BSE |
कंपनी ने IPO खुलने से पहले एंकर निवेशकों से करीब ₹207 करोड़ जुटाए थे। एंकर निवेशकों को 2.52 करोड़ से अधिक शेयर ₹82 प्रति शेयर की कीमत पर आवंटित किए गए।
IPO से जुटाए पैसे का इस्तेमाल कहां होगा?
लुमिनो इंडस्ट्रीज फ्रेश इश्यू से मिलने वाले ₹500 करोड़ का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने और कारोबार में निवेश के लिए करेगी।
इसमें करीब ₹337 करोड़ कर्ज के समय से पहले भुगतान या उसे कम करने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। वहीं, लगभग ₹15.01 करोड़ मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में नई मशीनरी और सिविल वर्क्स पर खर्च किए जाएंगे।
बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। कर्ज घटने से कंपनी की बैलेंस शीट और ब्याज लागत पर भविष्य में सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी है?
लुमिनो इंडस्ट्रीज के वित्तीय आंकड़ों में भी सुधार देखने को मिला है। FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 28.4% बढ़कर ₹160 करोड़ हो गया, जबकि FY25 में यह ₹124.59 करोड़ था।
इसी तरह, ऑपरेशन्स से कंपनी का रेवेन्यू FY26 में बढ़कर ₹2,089.31 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹1,946.68 करोड़ था।
कंपनी के पास 31 मार्च 2026 तक ₹3,149.88 करोड़ की ऑर्डर बुक भी थी। इतनी बड़ी ऑर्डर बुक भविष्य में कंपनी के कारोबार के लिए विजिबिलिटी प्रदान करती है, हालांकि ऑर्डर को समय पर पूरा करना और मार्जिन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा।
Lumino Industries क्या कारोबार करती है?
लुमिनो इंडस्ट्रीज पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर से जुड़ी एक इंटीग्रेटेड EPC और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है। कंपनी कंडक्टर्स, पावर केबल्स, इलेक्ट्रिकल वायर्स और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अन्य उत्पाद बनाती है।
कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हावड़ा, पश्चिम बंगाल में स्थित है। देश में बिजली की मांग, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते निवेश से इस सेक्टर की कंपनियों को आने वाले समय में कारोबार के अवसर मिल सकते हैं।
GMP ₹61, यानी 74% लिस्टिंग गेन का संकेत
ग्रे मार्केट में लुमिनो इंडस्ट्रीज के शेयरों को लेकर फिलहाल काफी उत्साह है। InvestorGain के आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त को GMP ₹61 बताया गया है।
अगर अपर प्राइस बैंड ₹82 में ₹61 का GMP जोड़ें तो अनुमानित कीमत:
₹82 + ₹61 = ₹143
यानी IPO प्राइस के मुकाबले:
₹61/₹82 × 100 ≈ 74.4%
इस हिसाब से ग्रे मार्केट करीब 74% के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है।
लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि GMP कोई आधिकारिक या गारंटीड रिटर्न नहीं है। लिस्टिंग के दिन शेयर का वास्तविक भाव बाजार की स्थिति, मांग और कंपनी के प्रति निवेशकों की धारणा के आधार पर ऊपर या नीचे हो सकता है।
Subscribe करें या नहीं? आनंद राठी की क्या राय है?
ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने लुमिनो इंडस्ट्रीज IPO को ‘Subscribe – Long Term’ की रेटिंग दी है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में कंपनी के तीन दशकों से ज्यादा के अनुभव के अलावा इसका कंडक्टर और पावर केबल का मजबूत मैन्युफैक्चरिंग पोर्टफोलियो सकारात्मक पहलू है।
कंपनी का FY26 ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन 11.7% रहा, जिसे ब्रोकरेज ने मजबूत माना है। इसके अलावा मजबूत ऑर्डर बुक और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के अनुकूल माहौल भी कंपनी के पक्ष में जाता है।
आनंद राठी के अनुसार, FY26 की कमाई के आधार पर करीब 15.5x P/E वैल्यूएशन और लगभग ₹2,497.3 करोड़ के पोस्ट-इश्यू मार्केट कैप को देखते हुए वैल्यूएशन आकर्षक नजर आता है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
Lumino Industries IPO में एक तरफ मजबूत सब्सक्रिप्शन, पॉजिटिव GMP, बढ़ता मुनाफा और बड़ी ऑर्डर बुक जैसे पॉजिटिव संकेत हैं। वहीं दूसरी तरफ निवेशकों को यह भी समझना चाहिए कि ग्रे मार्केट प्रीमियम बदलता रहता है और IPO की लिस्टिंग या भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता।
अगर किसी निवेशक का नजरिया लंबी अवधि का है, तो ब्रोकरेज की ‘Subscribe – Long Term’ राय कंपनी के फंडामेंटल्स को लेकर सकारात्मक संकेत देती है। हालांकि, निवेश का फैसला अपनी जोखिम क्षमता, वित्तीय लक्ष्य और IPO के बाद कंपनी के वैल्यूएशन को ध्यान में रखकर ही करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। IPO में निवेश करने से पहले कंपनी के ऑफर डॉक्यूमेंट और वित्तीय आंकड़ों का अध्ययन करें तथा जरूरत पड़ने पर SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर या IPO में निवेश की गारंटी या व्यक्तिगत निवेश सलाह नहीं देता।


