Jackson Hole Symposium: दुनिया भर के केंद्रीय बैंक, अर्थशास्त्री और वित्तीय बाजार के प्रतिभागियों की नजर जिस बैठक पर टिकी थी, वह जैक्सन होल सिंपोजियम अब खत्म हो गई है। इस बैठक में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आर्थिक सोच और मौद्रिक नीति की प्राथमिकताओं को लेकर कई अहम संकेत मिले। फेड प्रमुख केविन वार्श ने रोजगार बाजार की मजबूती को रेखांकित करते हुए महंगाई को लेकर सावधानी बरतने के संकेत दिए हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए कहा कि देश का लेबर मार्केट अभी भी मजबूत बना हुआ है। उनके मुताबिक बेरोजगारी की मौजूदा स्थिति लगभग फुल एंप्लॉयमेंट के अनुरूप है। हालांकि, उन्होंने महंगाई को लेकर चिंता जाहिर करते हुए संकेत दिया कि कीमतों का दबाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
वार्श ने ये बातें शुक्रवार को फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ कैनसस सिटी के सालाना जैक्सन होल सिंपोजियम में कहीं। दुनियाभर के निवेशक और बाजार विशेषज्ञ इस आयोजन के दौरान फेड की आगे की मौद्रिक नीति को लेकर मिलने वाले संकेतों पर खास नजर रखते हैं।
रोजगार बाजार को लेकर फेड का भरोसा
केविन वार्श के मुताबिक अमेरिका का लेबर मार्केट फिलहाल अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत आधार बना हुआ है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी दर करीब 4.1 फीसदी है और यह स्तर फुल एंप्लॉयमेंट से जुड़ी परिस्थितियों के अनुरूप माना जा सकता है।
इसका मतलब यह है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में रोजगार की स्थिति फिलहाल फेड के लिए सबसे बड़ी चिंता नहीं है। रोजगार बाजार में किसी बड़े कमजोर पड़ने के संकेत नहीं मिलने से केंद्रीय बैंक को महंगाई पर अपना ध्यान बनाए रखने की गुंजाइश मिलती है।
महंगाई अभी भी बनी हुई है बड़ी चिंता
रोजगार बाजार की मजबूती के बावजूद फेड प्रमुख ने महंगाई के मोर्चे पर सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने संकेत दिया कि कीमतों पर दबाव अभी भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।
वार्श के मुताबिक महंगाई से जुड़े आंकड़े चिंता पैदा करने वाले हैं। ऐसे में फेड के लिए यह आकलन करना आसान नहीं है कि मौजूदा वित्तीय परिस्थितियां अर्थव्यवस्था को पर्याप्त रूप से ठंडा करने के लिए कितनी सख्त हैं।
यही वजह है कि आने वाले समय में फेड महंगाई के आंकड़ों, रोजगार बाजार और आर्थिक गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख सकता है। बाजार के लिए इसका सीधा मतलब यह है कि ब्याज दरों में बदलाव को लेकर फेड का अगला कदम केवल रोजगार के आंकड़ों पर निर्भर नहीं करेगा, बल्कि महंगाई की दिशा भी बेहद महत्वपूर्ण होगी।
ब्याज दरों पर क्या संकेत मिले?
जैक्सन होल से मिले संकेतों को देखते हुए फेड की नीति में महंगाई को लेकर सतर्कता अभी भी महत्वपूर्ण बनी हुई है। अगर महंगाई अपेक्षा से ज्यादा समय तक ऊंची रहती है तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में जल्द कटौती को लेकर सावधानी बरत सकता है।
वहीं, अगर आने वाले महीनों में महंगाई में लगातार नरमी आती है और रोजगार बाजार में भी कमजोरी के संकेत दिखाई देते हैं, तो फेड के पास मौद्रिक नीति को नरम करने की ज्यादा गुंजाइश बन सकती है।
इसलिए निवेशकों की नजर अब अमेरिका के आने वाले महंगाई, रोजगार और आर्थिक विकास से जुड़े आंकड़ों पर रहेगी।
AI को लेकर भी फेड की खास नजर
केविन वार्श ने अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते आर्थिक प्रभाव पर भी जोर दिया। उन्होंने मौजूदा दौर को इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ बताते हुए कहा कि AI आने वाले वर्षों में प्रोडक्टिविटी, आर्थिक विकास और काम करने के तरीके में बड़े बदलाव ला सकती है।
AI का असर केवल टेक्नोलॉजी कंपनियों तक सीमित नहीं रहने वाला है। इसके बढ़ते इस्तेमाल से कंपनियों की उत्पादकता बढ़ सकती है, कई तरह के कामों की प्रकृति बदल सकती है और रोजगार बाजार में भी नए रुझान देखने को मिल सकते हैं।
AI पर फेड कर रहा है अध्ययन
फेडरल रिजर्व की नजर भी AI के व्यापक आर्थिक प्रभाव पर बनी हुई है। फेड ने AI से जुड़े आर्थिक प्रभावों को समझने के लिए अध्ययन और विश्लेषण पर अपना फोकस बढ़ाया है।
इसमें यह समझने की कोशिश की जा रही है कि AI से उत्पादकता में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है, रोजगार के रुझानों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा और व्यापक आर्थिक गतिविधियों में किस तरह का बदलाव देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर जैक्सन होल सिंपोजियम से यह संकेत मिला है कि फेड के लिए महंगाई अभी भी एक महत्वपूर्ण चुनौती है। रोजगार बाजार फिलहाल मजबूत दिखाई दे रहा है, जबकि AI को आने वाले वर्षों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए संभावित बड़े बदलाव के स्रोत के रूप में देखा जा रहा है।


