HDFC Bank Share Price: एचडीएफसी बैंक के शेयरों में शुक्रवार को कारोबार के दौरान दबाव देखने को मिला। शेयर फिसलकर ₹706.35 के स्तर तक पहुंच गया, जो करीब एक साल का नया निचला स्तर है। हालांकि, निचले स्तरों से शेयर में रिकवरी भी देखने को मिली और यह मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। शेयर में कमजोरी के बीच वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने एचडीएफसी बैंक पर अपनी सकारात्मक राय बरकरार रखी है।
मैक्वेरी ने बैंक के शेयर पर ‘Outperform’ रेटिंग दोहराते हुए ₹1,150 का टारगेट प्राइस दिया है। वहीं, कुछ बाजार अनुमानों में रिकवरी की स्थिति में शेयर के ₹1,172 तक पहुंचने की संभावना भी जताई जा रही है। ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा दबाव की एक बड़ी वजह बैंक के अगले सीईओ को लेकर बनी अनिश्चितता है।
HDFC Bank Share Price: आज कितना टूटा शेयर?
शुक्रवार के कारोबार में एचडीएफसी बैंक का शेयर पहले कमजोर हुआ और इंट्रा-डे में ₹706.35 तक फिसल गया। यह इसका करीब एक साल का नया निचला स्तर रहा। हालांकि, इसके बाद शेयर में निचले स्तरों से रिकवरी हुई।
बीएसई पर कारोबार के दौरान शेयर करीब 0.32 फीसदी की बढ़त के साथ ₹714.30 के आसपास पहुंच गया। इंट्रा-डे में इसने ₹715.25 का ऊपरी स्तर भी छुआ।
इससे साफ है कि निचले स्तर पर खरीदारी का सपोर्ट देखने को मिला, लेकिन निवेशकों की नजर अभी भी बैंक के नेतृत्व से जुड़े अगले फैसले पर बनी हुई है।
CEO को लेकर क्यों बनी हुई है अनिश्चितता?
एचडीएफसी बैंक के मौजूदा सीईओ शशि जगदीशन का वर्तमान कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने वाला है। ऐसे में बैंक के सामने अगले प्रमुख कार्यकारी अधिकारी को लेकर फैसला करने के लिए सीमित समय बचा है।
मैक्वेरी के मुताबिक, इसी अनिश्चितता का असर बैंक के शेयर पर दिखाई दे रहा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगले सीईओ के चयन की प्रक्रिया में बैंक की Nomination and Remuneration Committee यानी NRC संभावित उम्मीदवारों पर विचार करेगी। इसके बाद चुने गए नाम को बोर्ड के सामने रखा जाएगा।
बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद अंतिम स्वीकृति के लिए नाम भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के पास भेजा जाएगा। मैक्वेरी के मुताबिक, हाल के मामलों में RBI को ऐसे नामों पर फैसला लेने में करीब 30-45 दिन लगते रहे हैं।
इसी प्रक्रिया को देखते हुए ब्रोकरेज ने सीईओ के कार्यकाल को लेकर दो संभावित स्थितियां बताई हैं।
पहला विकल्प: शशि जगदीशन को मिल सकता है 6 महीने का एक्सटेंशन
मैक्वेरी के अनुसार पहली संभावना यह है कि शशि जगदीशन को सिर्फ 6 महीने का एक्सटेंशन दिया जाए।
अगर ऐसा होता है तो इसका संकेत यह हो सकता है कि बैंक का बोर्ड किसी दूसरे व्यक्ति को अगला सीईओ बनाने पर विचार कर रहा है। ऐसे में नए उम्मीदवार की तलाश और RBI की मंजूरी के लिए बैंक को अतिरिक्त समय मिल सकता है।
हालांकि, इस स्थिति में सीईओ को लेकर अनिश्चितता कुछ और समय तक जारी रह सकती है। नए सीईओ के आने के बाद बैंक की रणनीति में बदलाव या नई योजनाओं को लागू करने में भी समय लग सकता है। ऐसे में शेयर पर दबाव तुरंत खत्म होने की संभावना कम हो सकती है।
दूसरा विकल्प: 3 साल का पूरा कार्यकाल
मैक्वेरी की दूसरी संभावना इससे बिल्कुल अलग है। ब्रोकरेज के मुताबिक, शशि जगदीशन को पूरे तीन साल का नया कार्यकाल भी दिया जा सकता है।
अगर ऐसा होता है तो सीईओ को लेकर मौजूदा अनिश्चितता तुरंत खत्म हो जाएगी। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है और शेयर को मौजूदा स्तरों के आसपास सपोर्ट मिल सकता है।
इसके बाद शेयर की दिशा मुख्य रूप से बैंक के फंडामेंटल्स, ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और मुनाफे जैसे कारकों पर निर्भर करेगी।
HDFC Bank Share Price Target: ₹1,150 तक पहुंचने का अनुमान
मैक्वेरी ने एचडीएफसी बैंक पर Outperform रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए ₹1,150 का टारगेट प्राइस दिया है।
इसका मतलब है कि ब्रोकरेज को मौजूदा स्तरों से बैंक के शेयर में अच्छी रिकवरी की संभावना नजर आ रही है। हालांकि, टारगेट प्राइस किसी निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं होता। बैंक के सीईओ से जुड़ा फैसला, तिमाही नतीजे, ब्याज दरों का माहौल, लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी जैसे फैक्टर शेयर की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।
एक साल के हाई से कितना गिरा HDFC Bank?
एचडीएफसी बैंक के शेयर ने 23 अक्टूबर 2025 को ₹1,020.35 का एक साल का रिकॉर्ड हाई बनाया था। इसके बाद शेयर में लगातार कमजोरी देखने को मिली।
शुक्रवार के कारोबार में यह ₹706.35 के स्तर तक पहुंच गया। यानी अपने एक साल के हाई से शेयर करीब 30 फीसदी नीचे आ चुका है।
निचले स्तरों पर शेयर में रिकवरी जरूर दिखाई दी है, लेकिन निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि सीईओ के कार्यकाल को लेकर बैंक और RBI की ओर से क्या फैसला सामने आता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
एचडीएफसी बैंक देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में शामिल है और इसलिए इसके शेयर में होने वाली बड़ी हलचल पर बाजार की नजर रहती है। मौजूदा समय में CEO succession से जुड़ी खबरें शेयर के लिए अहम ट्रिगर बनी हुई हैं।
मैक्वेरी का सकारात्मक नजरिया लंबी अवधि में शेयर की रिकवरी की संभावना की ओर इशारा करता है, लेकिन निवेशकों को केवल ब्रोकरेज टारगेट के आधार पर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए। कंपनी के आगामी फैसलों और वित्तीय प्रदर्शन को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी बाजार में उपलब्ध रिपोर्ट्स और ब्रोकरेज के अनुमान पर आधारित है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


