Lenskart Block Deal: आईवियर रिटेल कंपनी Lenskart Solutions में करीब ₹1,313 करोड़ की बड़ी ब्लॉक डील होने की तैयारी है। कंपनी के शेयरधारक Alpha Wave Ventures II LP करीब 2.08 करोड़ शेयर बेच सकता है। यह कंपनी की लगभग 1.2% हिस्सेदारी के बराबर है। डील के लिए ₹630 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया गया है।
लेंसकार्ट का शेयर 27 अगस्त को 0.80% की गिरावट के साथ ₹642 पर बंद हुआ। ऐसे में प्रस्तावित ब्लॉक डील का फ्लोर प्राइस मौजूदा क्लोजिंग भाव से करीब 1.7% कम है।
₹630 के भाव पर होगी ब्लॉक डील
प्रस्तावित डील में Alpha Wave Ventures II LP करीब 2.08 करोड़ शेयर बेच सकता है। ₹630 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस के आधार पर इन शेयरों की कुल वैल्यू करीब ₹1,313 करोड़ बैठती है।
फ्लोर प्राइस का मतलब वह न्यूनतम कीमत है जिस पर ब्लॉक डील में शेयरों की बिक्री की जाएगी। ₹630 का भाव 27 अगस्त के ₹642 के क्लोजिंग प्राइस से कम है। इसलिए निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि डील के बाद खुले बाजार में लेंसकार्ट के शेयर पर कितना दबाव आता है।
कंपनी के खाते में नहीं आएगा पैसा
यह डील सेकेंडरी शेयर सेल है। यानी इसमें लेंसकार्ट नए शेयर जारी नहीं कर रही है, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने पास मौजूद शेयर बेच रहा है।
इस वजह से ब्लॉक डील से मिलने वाली रकम कंपनी के खाते में नहीं जाएगी। इसका सीधा लाभ Lenskart को पूंजी जुटाने के रूप में नहीं मिलेगा। डील के बाद कंपनी में शेयरहोल्डिंग का स्वामित्व बदल जाएगा।
यह लेनदेन भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर एक या उससे अधिक ऑन-स्क्रीन ट्रांजैक्शन के जरिए किया जाएगा। डील पूरी होने के बाद विक्रेता पर 45 दिनों का लॉक-अप लागू रहेगा।
कौन संभालेगा ब्लॉक डील?
इस बड़े शेयर लेनदेन के लिए Spark Institutional Equities और Kotak Securities को जॉइंट बुक रनर और ब्रोकर नियुक्त किया गया है।
Spark Institutional Equities, Avendus Capital की सब्सिडियरी है। बड़े संस्थागत लेनदेन में बुक रनर की भूमिका संभावित खरीदारों और बिक्री प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण होती है।
कौन है Alpha Wave Ventures II LP?
Alpha Wave Ventures II LP केमैन आइलैंड्स स्थित एक प्राइवेट ग्रोथ और वेंचर फंड है। इसकी शुरुआत सितंबर 2021 में हुई थी। यह Chimera और Alpha Wave Global के साथ मिलकर मैनेज होता है।
फंड का निवेश मुख्य रूप से ग्रोथ-स्टेज कंपनियों में होता है। इसके प्रमुख निवेश क्षेत्रों में फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लाइफ साइंसेज, कंज्यूमर इंटरनेट और B2B कंपनियां शामिल हैं।
Lenskart में हिस्सेदारी की बिक्री इसी तरह के संस्थागत निवेशक द्वारा अपने निवेश का कुछ हिस्सा निकालने की प्रक्रिया हो सकती है। हालांकि, केवल ब्लॉक डील की खबर के आधार पर निवेशक को विक्रेता के फैसले के पीछे का कारण मानकर नहीं चलना चाहिए।
लेंसकार्ट शेयर का प्रदर्शन
27 अगस्त को Lenskart का शेयर 0.80% गिरकर ₹642 पर बंद हुआ। हालांकि, हाल की तेजी को देखें तो शेयर ने मजबूत प्रदर्शन किया है।
- 27 अगस्त क्लोजिंग: ₹642
- 1 महीने का रिटर्न: 12.25%
- 1 साल का रिटर्न: 59.19%
- मार्केट कैप: करीब ₹1.12 लाख करोड़
ऐसे समय में जब शेयर अपने हालिया प्रदर्शन के कारण निवेशकों की नजर में है, बड़ी ब्लॉक डील महत्वपूर्ण हो जाती है। खासकर ₹630 का फ्लोर प्राइस बाजार के लिए एक अहम स्तर बन सकता है।
शेयर पर क्या हो सकता है असर?
ब्लॉक डील का असर मुख्य रूप से डील के आकार, खरीदारों की मांग और बाजार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा। एक तरफ करीब 2.08 करोड़ शेयरों की बिक्री से बाजार में अतिरिक्त सप्लाई आ सकती है, जिससे शेयर पर अल्पावधि में दबाव बन सकता है।
दूसरी तरफ, अगर संस्थागत खरीदार इस हिस्सेदारी को मजबूत मांग के साथ खरीदते हैं, तो डील को बाजार सकारात्मक रूप से भी ले सकता है। इसलिए केवल फ्लोर प्राइस को देखकर शेयर की आगे की दिशा तय करना सही नहीं होगा।
निवेशकों को डील पूरी होने के बाद कंपनी की शेयरहोल्डिंग में बदलाव, ट्रेडिंग वॉल्यूम और स्टॉक की कीमत पर नजर रखनी चाहिए।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता है।


