TCS Variable Pay: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही यानी Q1 के लिए मिड से सीनियर लेवल तक के कर्मचारियों के तिमाही वेरिएबल पे में कटौती की है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के मुताबिक, कंपनी ने इस तिमाही में औसतन 60-70 प्रतिशत वेरिएबल पे दिया है। इससे पिछली दो तिमाहियों में मिले करीब 80 प्रतिशत तक के औसत भुगतान के मुकाबले कर्मचारियों को कम बोनस मिला है।
कंपनी का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब आईटी सर्विसेज इंडस्ट्री कमजोर डिमांड, बढ़ते AI निवेश और सर्विसेज की कीमतों पर दबाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। इसके अलावा ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव भी आईटी कंपनियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
पिछली दो तिमाहियों से कम रहा वेरिएबल पे
TCS में मिड और सीनियर लेवल के कर्मचारियों को Q1 में औसतन 60-70 प्रतिशत वेरिएबल पे मिला है। यह पिछली दो तिमाहियों में दिए गए 80 प्रतिशत तक के औसत तिमाही बोनस से कम है।
हालांकि, सालाना आधार पर तस्वीर थोड़ी अलग है। जून 2025 तिमाही तक करीब दो वर्षों की अवधि में कंपनी मिड और सीनियर लेवल के कर्मचारियों को लगभग 20-40 प्रतिशत वेरिएबल पे देती रही थी। इस लिहाज से जून 2026 तिमाही का भुगतान पिछले साल की समान अवधि की तुलना में अधिक है।
एक वरिष्ठ कर्मचारी के मुताबिक, इस तिमाही में उनके वेरिएबल पे में पिछली तिमाही की तुलना में करीब 30-35 प्रतिशत की कमी आई है। कर्मचारियों के बीच यह भी चर्चा है कि उन्हें पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से 100 प्रतिशत वेरिएबल पे नहीं मिला है।
जूनियर लेवल के कर्मचारियों पर नहीं पड़ा असर
वेरिएबल पे में कटौती मुख्य रूप से मिड से सीनियर लेवल के कर्मचारियों को प्रभावित करती दिख रही है। इसके विपरीत, जूनियर बैंड के कर्मचारियों को उनका तिमाही बोनस 100 प्रतिशत मिलता रहा है।
TCS की कुल वर्कफोर्स में जूनियर लेवल के कर्मचारी बड़ी संख्या में हैं। ऐसे में इस वर्ग को पूरा वेरिएबल पे मिलना कर्मचारियों के एक बड़े हिस्से के लिए राहत की बात है।
AI और कमजोर डिमांड का दबाव
आईटी सर्विसेज कंपनियां फिलहाल बदलते टेक्नोलॉजी माहौल से गुजर रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से कंपनियों को नई सेवाओं और क्षमताओं में निवेश करना पड़ रहा है। वहीं, कई ग्राहकों की ओर से टेक्नोलॉजी खर्च को लेकर सावधानी बरती जा रही है।
AI के कारण कुछ पारंपरिक आईटी सर्विसेज की कीमतों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है। इससे कंपनियों के मार्जिन और कर्मचारियों के इंसेंटिव पर असर पड़ सकता है।
सिर्फ TCS ही नहीं, दूसरी बड़ी आईटी कंपनी Infosys ने भी जून 2026 तिमाही के लिए औसत वेरिएबल पे घटाकर करीब 70 प्रतिशत किया था। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा लगभग 80 प्रतिशत था।
ऑफिस अटेंडेंस से भी जुड़ा है वेरिएबल पे
TCS में कर्मचारियों के तिमाही बोनस को ऑफिस अटेंडेंस से भी जोड़ा गया है। कंपनी की नीति के मुताबिक, जिन कर्मचारियों की ऑफिस अटेंडेंस 60 प्रतिशत से कम रहती है, वे तिमाही वेरिएबल पे के पात्र नहीं होते।
कंपनी सप्ताह में पांच दिन ऑफिस से काम करने पर जोर दे रही है और पूरा तिमाही वेरिएबल पे पाने के लिए कर्मचारियों की ऑफिस अटेंडेंस कम से कम 85 प्रतिशत होना जरूरी है।
अटेंडेंस के आधार पर भुगतान का ढांचा इस तरह समझा जा सकता है:
- 85% या उससे ज्यादा अटेंडेंस: पूरा वेरिएबल पे पाने की पात्रता।
- 75-85% अटेंडेंस: वेरिएबल पे का अधिकतम 75%।
- 60-75% अटेंडेंस: वेरिएबल पे का 50%।
- 60% से कम अटेंडेंस: तिमाही बोनस के लिए पात्र नहीं।
कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?
वेरिएबल पे TCS के कर्मचारियों के कुल मुआवजे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए भुगतान में कमी का सीधा असर कर्मचारियों की तिमाही कमाई पर पड़ सकता है।
हालांकि, Q1 का 60-70 प्रतिशत औसत भुगतान पिछली तिमाहियों के मुकाबले कम है, लेकिन पिछले साल की समान अवधि से तुलना करने पर यह बेहतर स्थिति में दिखाई देता है। इसका मतलब है कि तिमाही आधार पर कर्मचारियों के बोनस में उतार-चढ़ाव जारी है और कंपनी के प्रदर्शन, मार्जिन, कारोबारी माहौल तथा कर्मचारियों की ऑफिस अटेंडेंस जैसे कारक भुगतान को प्रभावित कर रहे हैं।
फिलहाल IT सेक्टर में AI निवेश और कमजोर मांग के बीच कंपनियां लागत और मार्जिन को संतुलित करने पर जोर दे रही हैं। ऐसे माहौल में आने वाली तिमाहियों में वेरिएबल पे का स्तर कर्मचारियों और निवेशकों, दोनों के लिए नजर रखने वाला महत्वपूर्ण संकेतक रहेगा।


