ChatGPT Ads: चैटजीपीटी इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए बड़ी खबर है। OpenAI अब भारत में ChatGPT पर विज्ञापन दिखाने जा रही है। हालांकि कंपनी ने विज्ञापनों को इस तरह डिजाइन किया है कि वे AI के जवाब से अलग दिखाई देंगे और उन्हें स्पष्ट रूप से Sponsored के रूप में चिह्नित किया जाएगा। खास बात यह है कि सभी यूजर्स और सभी तरह के सवालों पर विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे।
भारत में Free और Go यूजर्स को दिखेंगे ChatGPT Ads
OpenAI भारत में ChatGPT के Free और Go प्लान इस्तेमाल करने वाले वयस्क यूजर्स के लिए विज्ञापन शुरू करने जा रही है। यूजर जब ChatGPT से कोई सवाल पूछेगा तो उसके जवाब के नीचे उस सवाल से संबंधित किसी प्रोडक्ट या सर्विस का विज्ञापन दिखाई दे सकता है।
कंपनी का कहना है कि विज्ञापन और AI के जवाब को अलग रखा जाएगा। ऐड को स्पष्ट रूप से Sponsored के तौर पर दिखाया जाएगा, ताकि यूजर यह समझ सके कि वह जवाब का हिस्सा नहीं बल्कि पेड प्रमोशन है।
भारत में ChatGPT Go प्लान की कीमत फिलहाल ₹399 प्रति माह है। वहीं विज्ञापन Free और Go टियर के वयस्क यूजर्स के लिए कमाई का नया जरिया बनेंगे।
इन ChatGPT यूजर्स को नहीं दिखेंगे विज्ञापन
OpenAI ने यह भी स्पष्ट किया है कि हर यूजर को ChatGPT Ads नहीं दिखेंगे। कंपनी के मुताबिक Plus, Pro, Business, Enterprise और Education प्लान इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे।
इसके अलावा 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के अकाउंट पर भी विज्ञापन नहीं दिखाने की व्यवस्था की गई है।
यानी ChatGPT में विज्ञापन का अनुभव यूजर के प्लान और उम्र के आधार पर अलग-अलग होगा।
हेल्थ और पॉलिटिक्स जैसे सवालों पर भी ऐड नहीं
OpenAI ने संवेदनशील विषयों को लेकर भी अलग व्यवस्था की है। कंपनी के मुताबिक हेल्थ, मेंटल हेल्थ और राजनीति जैसे संवेदनशील या रेगुलेटेड विषयों से जुड़े सवालों के जवाब के साथ विज्ञापन नहीं दिखाया जाएगा।
इसका मतलब है कि अगर कोई यूजर ऐसे विषय पर जानकारी मांगता है तो उसके जवाब के नीचे संबंधित कमर्शियल प्रमोशन नहीं दिखाया जाएगा।
यह व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इन विषयों पर AI के जवाब और किसी विज्ञापन के बीच स्पष्ट दूरी बनाए रखना जरूरी है।
इस हफ्ते 50 से ज्यादा ब्रांड्स के विज्ञापन
भारत में ChatGPT Ads की शुरुआत बड़े स्तर पर होने जा रही है। OpenAI ने फिलहाल विज्ञापन कारोबार के लिए एजेंसी पार्टनर के तौर पर WPP और Omnicom को चुना है। आने वाले समय में कंपनी अन्य एजेंसियों को भी इस नेटवर्क से जोड़ सकती है।
OpenAI के मुताबिक, भारत में इस हफ्ते 50 से अधिक ब्रांड्स के विज्ञापन ChatGPT पर लाइव होने की उम्मीद है।
इसके बाद 4 सितंबर से भारत में ChatGPT Ads Manager का सेल्फ-सर्व एक्सेस भी शुरू किया जाएगा। इसके जरिए छोटे और बड़े कारोबारी सीधे ChatGPT पर अपने विज्ञापन कैंपेन शुरू कर सकेंगे।
इसके लिए न्यूनतम दैनिक विज्ञापन बजट ₹725 रखा गया है।
विज्ञापनदाताओं को यूजर्स का डेटा नहीं मिलेगा
ChatGPT Ads को लेकर सबसे बड़ा सवाल यूजर प्राइवेसी का है। OpenAI का कहना है कि विज्ञापन देने वाली कंपनियों को यूजर्स का व्यक्तिगत डेटा नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापनदाताओं को मुख्य तौर पर उनके कैंपेन की परफॉर्मेंस से जुड़ी जानकारी मिलेगी, जैसे कितने इंप्रेशंस और कितने क्लिक्स मिले।
इस व्यवस्था का उद्देश्य विज्ञापनदाताओं को कैंपेन की प्रभावशीलता समझने में मदद करना है, बिना उन्हें ChatGPT यूजर्स की निजी जानकारी उपलब्ध कराए।
OpenAI के लिए भारत क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
भारत ChatGPT के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। फरवरी 2026 तक भारत में ChatGPT के 10 करोड़ से अधिक वीकली यूजर्स होने की बात सामने आई थी।
वहीं दुनियाभर में ChatGPT के वीकली यूजर्स की संख्या इस महीने की शुरुआत में 100 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई।
OpenAI के ग्लोबल ऐड्स सॉल्यूशंस के वाइस प्रेसिडेंट और प्रमुख डेव डुगन के मुताबिक भारत में कंपनी के वीकली एक्टिव यूजर्स की संख्या सालाना आधार पर दोगुनी हुई है।
भारत में यूजर्स सिर्फ सामान्य जानकारी हासिल करने के लिए ChatGPT का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। वे अलग-अलग विकल्पों की तुलना करने, किसी प्रोडक्ट या सर्विस के बारे में जानकारी लेने और खरीदारी या दूसरे फैसले लेने से पहले अलग-अलग पहलुओं को समझने के लिए भी AI से सवाल पूछ रहे हैं।
यही वजह है कि विज्ञापनदाताओं के लिए ChatGPT एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन सकता है।
OpenAI क्यों ला रही है विज्ञापन?
OpenAI लंबे समय से अपनी कमाई के स्रोत बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ChatGPT के Free टियर पर बड़ी संख्या में यूजर्स हैं, लेकिन उन्हें सीधे सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में बदलना संभव नहीं होता। ऐसे में विज्ञापन कंपनी के लिए कमाई का एक नया रास्ता बन सकता है।
OpenAI ने पहली बार जनवरी 2026 में ChatGPT में विज्ञापनों की टेस्टिंग की योजना का ऐलान किया था। इसके बाद फरवरी में अमेरिका में विज्ञापनों का पायलट प्रोग्राम शुरू किया गया।
कंपनी के मुताबिक लॉन्च के सिर्फ छह सप्ताह में विज्ञापन कारोबार से होने वाली एनुअलाइज्ड रेवेन्यू 10 करोड़ डॉलर से अधिक हो गई थी।
इसके बाद कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन, मैक्सिको, ब्राजील, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में भी ChatGPT Ads का विस्तार किया गया। हाल ही में जर्मनी, फ्रांस और स्पेन समेत यूरोप के 31 देशों में भी विज्ञापन लॉन्च किए गए।
OpenAI की कमाई बढ़ी, लेकिन घाटा भी बढ़ा
विज्ञापन पर जोर देने की एक वजह OpenAI की बड़ी लागत भी है। AI मॉडल को ट्रेन और ऑपरेट करने के लिए भारी कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है।
जून 2026 तिमाही में OpenAI का रेवेन्यू तिमाही आधार पर 5.7 अरब डॉलर से बढ़कर 6.7 अरब डॉलर हो गया। हालांकि स्टॉक-बेस्ड कंपेसेशन को शामिल करने पर कंपनी का ऑपरेटिंग लॉस भी 9.3 अरब डॉलर से बढ़कर 12.3 अरब डॉलर हो गया।
ऐसे में ChatGPT Ads OpenAI के लिए सिर्फ एक नया बिजनेस मॉडल नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर रेवेन्यू बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा भी है।
क्या ChatGPT का जवाब विज्ञापन से प्रभावित होगा?
OpenAI ने विज्ञापन और AI के जवाब को अलग रखने पर जोर दिया है। विज्ञापन को Sponsored के रूप में दिखाया जाएगा और वह ChatGPT के मूल जवाब का हिस्सा नहीं होगा।
यानी किसी यूजर के सवाल के जवाब के नीचे कोई विज्ञापन दिखाई देने का मतलब यह नहीं होगा कि AI ने उस प्रोडक्ट या कंपनी की सिफारिश की है।
भारत जैसे बड़े और तेजी से बढ़ते बाजार में ChatGPT Ads की शुरुआत OpenAI के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यूजर्स इस नए विज्ञापन मॉडल को किस तरह स्वीकार करते हैं और कंपनियों के लिए ChatGPT कितना प्रभावी विज्ञापन प्लेटफॉर्म साबित होता है।


