Nifty Trade Setup: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को मासिक F&O एक्सपायरी से पहले उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। सोमवार को ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते निफ्टी 24,300 के अहम स्तर यानी 20-डे EMA के ऊपर टिकने में नाकाम रहा। हालांकि, टेक्निकल इंडिकेटर्स पूरी तरह मंदी के संकेत नहीं दे रहे हैं। ऐसे में बाजार में तेजी की अगली मजबूत पुष्टि 24,300-24,400 के रेजिस्टेंस जोन के पार निकलने के बाद ही मानी जाएगी।
निफ्टी के लिए 24,150-24,100 अहम सपोर्ट
24 अगस्त को निफ्टी 0.14 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। सोमवार के निचले स्तर के आसपास मौजूद 24,150-24,100 का जोन तत्काल सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है। अगर यह सपोर्ट टूटता है तो अगला महत्वपूर्ण स्तर 24,000 होगा।
वहीं, ऊपर की तरफ 24,300-24,400 का जोन निफ्टी के लिए बड़ी बाधा बना हुआ है। इस जोन के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट मिलने पर इंडेक्स के लिए 24,500 की तरफ बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स में बेयरिश क्रॉसओवर चिंता बढ़ाता है, लेकिन घटता हुआ रेड हिस्टोग्राम यह भी संकेत दे रहा है कि मंदी का मोमेंटम कमजोर पड़ रहा है। इसलिए फिलहाल बाजार का सेटअप सावधानी के साथ मिले-जुले संकेत दे रहा है।
Nifty 50 के अहम लेवल
24 अगस्त को निफ्टी 50 24,219 के स्तर पर रहा। ट्रेडर्स के लिए पिवट प्वाइंट के आधार पर ये स्तर महत्वपूर्ण रहेंगे:
सपोर्ट लेवल:
- 24,161
- 24,121
- 24,057
रेजिस्टेंस लेवल:
- 24,290
- 24,330
- 24,394
निफ्टी के टेक्निकल पैटर्न से क्या संकेत?
निफ्टी ने सोमवार को एक बेयरिश कैंडल बनाई, जिसमें नीचे की तरफ स्पष्ट लोअर विक दिखाई दी। इसका मतलब है कि निचले स्तरों पर खरीदारी हुई, लेकिन ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव भी बना रहा।
इंडेक्स क्लोजिंग बेसिस पर 20-डे EMA के नीचे रहा, हालांकि यह डेली EMA के ऊपर बना हुआ है। RSI गिरकर 47.85 पर आ गया और अपनी सिग्नल लाइन के नीचे रहा। दूसरी ओर, MACD रेफरेंस लाइन के नीचे बना हुआ है।
हालांकि, रेड हिस्टोग्राम बार का छोटा होना सकारात्मक संकेत है। साथ ही स्टोकेस्टिक RSI लगातार तीसरे सेशन में बुलिश क्रॉसओवर बनाए हुए है। इससे पता चलता है कि शॉर्ट टर्म में सावधानी जरूरी है, लेकिन बाजार के अंदरूनी मोमेंटम में कुछ सुधार के संकेत भी मौजूद हैं।
Bank Nifty के लिए 57,300 के आसपास सपोर्ट
बैंक निफ्टी भी सोमवार को दबाव में रहा और 0.41 फीसदी गिरकर 57,526 पर बंद हुआ। इसके साथ ही लगातार दो सत्रों की तेजी का सिलसिला टूट गया।
बैंक निफ्टी के लिए 57,309 और 57,160 शुरुआती सपोर्ट के तौर पर महत्वपूर्ण होंगे। इसके नीचे 56,921 अगला अहम सपोर्ट बन सकता है। दूसरी तरफ 57,788, 57,937 और 58,176 प्रमुख रेजिस्टेंस हैं।
Bank Nifty के अहम लेवल
पिवट प्वाइंट आधारित सपोर्ट:
- 57,309
- 57,160
- 56,921
पिवट प्वाइंट आधारित रेजिस्टेंस:
- 57,788
- 57,937
- 58,176
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट सपोर्ट:
- 57,400
- 57,135
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट रेजिस्टेंस:
- 58,137
- 58,714
Bank Nifty का टेक्निकल सेटअप
बैंक निफ्टी ने भी निफ्टी जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से थोड़ा नीचे बंद हुआ। हालांकि, यह अभी भी मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर है। इससे इसके व्यापक स्ट्रक्चर में मजबूती बनी रहने का संकेत मिलता है।
RSI गिरकर 50.53 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखने को मिला। MACD भी अपनी सिग्नल लाइन के नीचे बना हुआ है। हालांकि, रेड हिस्टोग्राम बार का छोटा होना और स्टोकेस्टिक RSI का लगातार तीसरे सत्र में पॉजिटिव क्रॉसओवर बनाए रखना कुछ राहत देने वाले संकेत हैं।
इसलिए बैंक निफ्टी में भी तस्वीर पूरी तरह कमजोर नहीं है। शॉर्ट टर्म मोमेंटम पर सावधानी जरूरी है, लेकिन व्यापक ट्रेंड में अभी मजबूती के संकेत बने हुए हैं।
FII और DII की खरीदारी से बाजार को सहारा
24 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII नेट खरीदार रहे। उन्होंने भारतीय शेयर बाजार में करीब 1,181 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने लगातार 10वें सत्र में खरीदारी जारी रखी और 24 अगस्त को करीब 2,493 करोड़ रुपये का निवेश किया।
FII और DII दोनों की खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। खासतौर पर ऐसे समय में जब इंडेक्स रेजिस्टेंस जोन के करीब कारोबार कर रहे हैं, संस्थागत खरीदारी गिरावट पर सपोर्ट देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
India VIX बढ़ा, लेकिन अभी 12 के नीचे
बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला India VIX सोमवार को 2.95 फीसदी बढ़कर 11.525 पर पहुंच गया। यह लगातार दूसरा सत्र था जब VIX में तेजी देखने को मिली।
VIX में बढ़ोतरी बाजार में थोड़ी बढ़ती सावधानी का संकेत देती है। हालांकि, अभी यह इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और 12 के स्तर से नीचे है। इसलिए फिलहाल VIX की स्थिति तेजड़ियों के लिए बड़ी चिंता का कारण नहीं मानी जा रही है।
फिर भी मंगलवार को मासिक F&O एक्सपायरी से पहले VIX में किसी भी तेज उछाल पर ट्रेडर्स को सतर्क रहने की जरूरत होगी।
Nifty Put-Call Ratio से क्या संकेत?
24 अगस्त को निफ्टी का Put-Call Ratio (PCR) गिरकर 0.83 पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1.11 था।
आमतौर पर 0.7 से ऊपर और खासकर 1 के आसपास या उससे ऊपर PCR को बाजार में अपेक्षाकृत तेजी की भावना से जोड़ा जाता है। वहीं, 0.7 से नीचे की गिरावट और 0.5 की तरफ बढ़ता अनुपात कमजोर या मंदी की भावना का संकेत दे सकता है।
मौजूदा 0.83 का स्तर बताता है कि बाजार में तेजी की धारणा पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन पिछले सत्र के मुकाबले सेंटीमेंट में कुछ नरमी जरूर आई है।
F&O Ban List में क्या बदला?
F&O सेगमेंट में उन शेयरों पर प्रतिबंध लगाया जाता है जिनके डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स में मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट का इस्तेमाल 95 फीसदी से ज्यादा हो जाता है।
नए F&O बैन में शामिल स्टॉक: कोई नहीं
F&O बैन में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं
F&O बैन से बाहर हुआ स्टॉक: SAIL
आज ट्रेडर्स की नजर किन स्तरों पर रहेगी?
मंगलवार के कारोबार में निफ्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण जोन 24,150-24,100 और 24,300-24,400 रहेगा। निचले स्तर पर सपोर्ट कायम रहने और 24,400 के ऊपर मजबूती से टिकने की स्थिति बाजार में तेजी का भरोसा बढ़ा सकती है।
इसके विपरीत, 24,100 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर 24,000 का स्तर महत्वपूर्ण हो जाएगा। इसलिए एक्सपायरी वाले दिन ट्रेडर्स को अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव से सावधान रहना चाहिए और केवल एक स्तर टूटने के आधार पर जल्दबाजी में पोजीशन लेने से बचना चाहिए।
कुल मिलाकर, टेक्निकल इंडिकेटर्स फिलहाल मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। RSI और MACD कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं, जबकि घटता हिस्टोग्राम और स्टोकेस्टिक RSI का बुलिश क्रॉसओवर अंडरलाइंग मोमेंटम में सुधार की संभावना दिखा रहा है। ऐसे में 24,300-24,400 के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट ही निफ्टी में अगली तेजी की मजबूत पुष्टि करेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख बाजार में उपलब्ध तकनीकी आंकड़ों और विश्लेषण पर आधारित है। इसमें दिए गए विचार निवेश सलाह नहीं हैं। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। किसी भी निवेश या ट्रेडिंग का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।


