Heavy Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 25 से 30 अगस्त तक मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, अचानक बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।
यूपी, बिहार, झारखंड और एमपी में भारी बारिश का अलर्ट
25 अगस्त को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 अगस्त को तेज बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 अगस्त के बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है।
बारिश के साथ कई इलाकों में आंधी और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका भी है।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली-NCR में 25 अगस्त को आसमान में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम में नमी और बादलों के कारण राजधानी में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है।
26 और 27 अगस्त को भी दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि, राजधानी में लगातार भारी बारिश का दौर फिलहाल नहीं दिख रहा है। लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में भी रुक-रुककर बारिश जारी रह सकती है।
26 अगस्त को भी कई राज्यों में बारिश
बारिश का असर 26 अगस्त को भी बना रह सकता है। मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, केरल, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और विदर्भ में भारी बारिश हो सकती है।
इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की आशंका है। लोगों को विशेष रूप से खुले स्थानों और जलभराव वाले क्षेत्रों से सावधान रहने की जरूरत है।
27 और 28 अगस्त को भी नहीं थमेगी बारिश
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 27 और 28 अगस्त को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों के कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। वहीं मध्य और पूर्वी भारत में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण कई इलाकों में बादल और बारिश का सिलसिला देखने को मिल सकता है।
29-30 अगस्त को इन राज्यों में भारी बारिश
29 और 30 अगस्त को भी मौसम पूरी तरह साफ होने की उम्मीद नहीं है। पूर्वोत्तर राज्यों, पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। उत्तराखंड में पूरे सप्ताह बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश जारी रहने के आसार हैं।
इसके विपरीत पश्चिमी राजस्थान में 26 अगस्त के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है और कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है।
दक्षिण भारत में भी बारिश का असर
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। तटीय कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ इलाकों में भी बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
समुद्र में खराब मौसम की संभावना को देखते हुए मछुआरों को सावधानी बरतने और मौसम की स्थिति को देखते हुए समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश के बीच इन बातों का रखें ध्यान
भारी बारिश के दौरान कई जगहों पर जलभराव और अचानक बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। तेज हवाओं के कारण पेड़ या उनकी शाखाएं गिरने तथा कमजोर दीवारों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
बिजली चमकने के दौरान लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। खुले मैदान, जलभराव वाले स्थान और बिजली के खंभों के आसपास जाने से भी बचें। बहुत जरूरी न हो तो तेज बारिश और आंधी के दौरान यात्रा करने से बचना बेहतर है।
किसानों के लिए भी जरूरी सलाह
भारी बारिश की संभावना वाले इलाकों में किसानों को खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी जाती है। जलभराव से फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए खेतों में पानी जमा होने से रोकने के उपाय पहले से करना जरूरी है।
भारी बारिश के दौरान खाद और कीटनाशकों के इस्तेमाल से बचना बेहतर है, क्योंकि बारिश के कारण इनका प्रभाव कम हो सकता है और खेतों से बहाव की समस्या भी पैदा हो सकती है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, 25 से 30 अगस्त के बीच देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने वाला है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पूर्वोत्तर राज्यों और उत्तराखंड समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। दिल्ली-NCR में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 26 अगस्त के बाद बारिश कम हो सकती है।
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और IMD की ताजा चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए और आंधी-बिजली के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।


