Market Technicals: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबार सीमित दायरे में रहा। शुरुआती तेजी टिक नहीं पाई और बाद में बिकवाली के दबाव के कारण प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी 0.13% की गिरावट के साथ 24,219.05 पर, जबकि सेंसेक्स 0.22% टूटकर 77,369.11 पर बंद हुआ। अब मंगलवार के कारोबार में ट्रेडर्स की नजर निफ्टी और बैंक निफ्टी के अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस लेवल्स पर रहेगी।
सेक्टरवार कारोबार की बात करें तो मेटल और रियल्टी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि डिफेंस, बैंकिंग, सीमेंट और ऑटो सेक्टर पर दबाव रहा। निफ्टी 50 में JSW Steel, Hindalco और Tata Steel सबसे ज्यादा बढ़ने वाले शेयरों में रहे। दूसरी ओर SBI Life, Bajaj Finance और Adani Ports में कमजोरी रही।
निफ्टी में क्यों बनी हुई है अनिश्चितता?
Angel One के चीफ मैनेजर-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव रिसर्च ओशो कृष्ण के मुताबिक, ग्लोबल बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते भारतीय बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई थी। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर फॉलोअप खरीदारी नहीं आने से शुरुआती बढ़त कमजोर पड़ गई।
बाद में निफ्टी ने शुरुआती नुकसान का कुछ हिस्सा रिकवर किया और 24,200 के ऊपर बंद होने में सफल रहा। इसके बावजूद टेक्निकल सेटअप पूरी तरह मजबूत नहीं हुआ है।
टेक्निकल नजरिए से 20-DEMA अभी भी निफ्टी के लिए बड़ी रुकावट बना हुआ है। लगातार इस स्तर के आसपास रिजेक्शन देखने को मिल रहा है। हालांकि, हाल के कारोबार में मंदी के दबाव के कमजोर पड़ने के संकेत मिले हैं, जिससे संभावित रिवर्सल की उम्मीद बनी है। लेकिन बाजार में मोमेंटम अभी भी कमजोर है।
निफ्टी के सपोर्ट लेवल
अगर निफ्टी में गिरावट आती है तो 24,150-24,100 का जोन पहला अहम सपोर्ट होगा। इसके नीचे 24,050-24,000 का क्षेत्र मजबूत सपोर्ट जोन के तौर पर काम कर सकता है।
वहीं, SBI Securities के हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च सुदीप शाह के अनुसार, निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,070-24,050 के जोन में है। अगर इंडेक्स इस जोन के नीचे टिकता है तो शॉर्ट टर्म में 23,900 और फिर 23,750 के स्तर तक कमजोरी देखने को मिल सकती है।
निफ्टी के रेजिस्टेंस लेवल
ऊपर की तरफ 24,300 के आसपास 20-DEMA प्रमुख रेजिस्टेंस है। अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकाऊ बढ़त हासिल करता है तो टेक्निकल सेटअप में सुधार हो सकता है और आगे 24,500 के स्तर की ओर रिकवरी का रास्ता खुल सकता है।
सुदीप शाह ने निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24,350-24,370 के जोन में बताया है। इसलिए मंगलवार के कारोबार में इस क्षेत्र पर खास नजर रखना जरूरी होगा।
बैंक निफ्टी का क्या है आउटलुक?
बैंक निफ्टी में भी सोमवार को गैप-अप ओपनिंग देखने को मिली, लेकिन ऊंचे स्तरों पर खरीदारी टिक नहीं पाई। इसके बाद इंडेक्स में तेज गिरावट आई। हालांकि, कारोबारी सत्र के दूसरे हिस्से में कुछ रिकवरी हुई और नुकसान का एक हिस्सा कम हुआ।
बैंक निफ्टी अंत में 0.41% की गिरावट के साथ 57,526 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने बेयरिश कैंडल बनाई, जिसमें नीचे की तरफ साफ लोअर विक दिखाई दी।
सुदीप शाह के मुताबिक, अगस्त की शुरुआत से बैंक निफ्टी करीब 1,246 अंकों की रेंज में कारोबार कर रहा है। यह बाजार में स्पष्ट ट्रेंड की कमी और साइडवेज मूवमेंट की ओर इशारा करता है। साथ ही, गिरता हुआ ADX भी इस बात की पुष्टि कर रहा है कि फिलहाल बाजार में कोई मजबूत दिशात्मक ट्रेंड नहीं है।
बैंक निफ्टी के सपोर्ट लेवल
मंगलवार के लिए बैंक निफ्टी का पहला अहम सपोर्ट 57,100-57,000 के जोन में है। अगर इंडेक्स इस क्षेत्र के नीचे टिकता है तो बिकवाली बढ़ सकती है और शॉर्ट टर्म में 56,600 तथा उसके बाद 56,200 का स्तर देखने को मिल सकता है।
बैंक निफ्टी का रेजिस्टेंस
ऊपर की तरफ 57,900-58,000 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर महत्वपूर्ण रहेगा। इस क्षेत्र के ऊपर मजबूत क्लोजिंग आने पर ही बैंक निफ्टी में तेजी का भरोसा बढ़ सकता है।
मेटल शेयरों में तेजी क्यों?
पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में मेटल शेयरों में मजबूत तेजी देखने को मिली है। सप्लाई से जुड़ी चिंताओं, घटते स्टॉक और मजबूत मांग के कारण स्टील, कॉपर, एल्युमीनियम और जिंक जैसी धातुओं की ग्लोबल कीमतों को सपोर्ट मिला है। डॉलर इंडेक्स में कमजोरी ने भी मेटल सेक्टर की धारणा को मजबूत किया है।
सोमवार को निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.59% चढ़ा। हिंदुस्तान जिंक में भी तेजी रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार कंपनी में करीब 1.5-2% हिस्सेदारी बेचकर लगभग 4,000-5,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए ऑफर फॉर सेल पर विचार कर रही है। हिंदुस्तान जिंक का शेयर सोमवार को करीब 2.2% बढ़ा और पिछले तीन कारोबारी सत्रों में इसमें करीब 7% की तेजी दर्ज हुई।
गोल्ड फाइनेंस कंपनियों में भी खरीदारी
सोने की कीमतों में तेजी का फायदा गोल्ड फाइनेंस कंपनियों के शेयरों में भी दिखाई दिया। Muthoot Finance और Manappuram Finance में क्रमशः करीब 5.72% और 2.21% से अधिक की तेजी रही।
सोने की कीमतों में बढ़ोतरी से गोल्ड लोन कंपनियों के लिए गिरवी रखे गए सोने की वैल्यू बढ़ सकती है। इससे लेंडर्स की सिक्योरिटी मजबूत होने के साथ लोन ग्रोथ को भी सपोर्ट मिलने की संभावना रहती है।
मंगलवार के लिए क्या हो ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी?
मौजूदा टेक्निकल संकेतों को देखते हुए बाजार में अभी आक्रामक ट्रेडिंग से बचना बेहतर हो सकता है। निफ्टी के लिए 24,300-24,370 का क्षेत्र तेजी की दिशा में अहम रहेगा, जबकि 24,150-24,050 के नीचे कमजोरी बढ़ सकती है।
बैंक निफ्टी में 57,900-58,000 रेजिस्टेंस और 57,100-57,000 सपोर्ट जोन पर नजर रखनी चाहिए। किसी भी दिशा में मजबूत ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन मिलने के बाद ही ट्रेडिंग पोजीशन बढ़ाना अपेक्षाकृत बेहतर रणनीति हो सकती है।
अगस्त एक्सपायरी के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए ट्रेडर्स को पोजीशन साइजिंग और स्टॉप लॉस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जब तक बाजार की दिशा स्पष्ट नहीं होती, तब तक सीमित जोखिम के साथ अनुशासित ट्रेडिंग करना ही बेहतर रणनीति हो सकती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए बाजार संबंधी विचार और तकनीकी स्तर संबंधित विशेषज्ञों के हैं। ये निवेश सलाह नहीं हैं। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश या ट्रेडिंग निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


