Gold Price Today: सावन के आखिरी सोमवार यानी 24 अगस्त को घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना बढ़कर 1,64,120 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि 22 कैरेट गोल्ड का भाव 1,50,450 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,63,970 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। पिछले सप्ताह भी सोने की कीमतों में मजबूत तेजी देखने को मिली थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। हाजिर सोना 4,636.34 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है। पिछले सप्ताह वैश्विक बाजार में सोने की कीमत 5 फीसदी से ज्यादा मजबूत हुई। निवेशकों की नजर अब अमेरिका के महंगाई आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के आगामी भाषण पर है। ब्याज दरों को लेकर मिलने वाले संकेतों का असर आगे सोने की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।
घरेलू बाजार में सोने के भाव में तेजी
24 अगस्त को देश के घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में तेजी रही। दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड का भाव 1,64,120 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,50,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई।
मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,63,970 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,50,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। चेन्नई, पुणे और बेंगलुरु में भी सोने के भाव इसी स्तर के आसपास रहे।
पिछले सप्ताह के दौरान 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब 7,960 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई। वहीं 22 कैरेट गोल्ड का भाव करीब 7,300 रुपये तक मजबूत हुआ। इस तेजी के बीच निवेशकों और ज्वेलरी खरीदने वालों की नजर अब सोने के अगले रुझान पर बनी हुई है।
24 अगस्त को प्रमुख शहरों में सोने का भाव
| शहर | 22 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) | 24 कैरेट सोना (₹/10 ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 1,50,450 | 1,64,120 |
| मुंबई | 1,50,300 | 1,63,970 |
| अहमदाबाद | 1,50,350 | 1,64,020 |
| चेन्नई | 1,50,300 | 1,63,970 |
| कोलकाता | 1,50,300 | 1,63,970 |
| हैदराबाद | 1,50,300 | 1,63,970 |
| जयपुर | 1,50,450 | 1,64,120 |
| भोपाल | 1,50,350 | 1,64,020 |
| लखनऊ | 1,50,450 | 1,64,120 |
| चंडीगढ़ | 1,50,450 | 1,64,120 |
नोट: ऊपर दिए गए भाव प्रति 10 ग्राम के हैं। स्थानीय बाजार में कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स अलग से जुड़ सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की चमक बढ़ी
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में तेजी बनी हुई है। हाजिर सोना 4,636.34 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। पिछले सप्ताह वैश्विक स्तर पर सोने की कीमत 5 फीसदी से अधिक बढ़ी।
सोने में यह तेजी ऐसे समय आई है जब बाजार की नजर अमेरिका की आर्थिक गतिविधियों और केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति पर बनी हुई है। निवेशक अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के जैक्सन होल आर्थिक संगोष्ठी में होने वाले संबोधन पर भी बाजार की नजर है।
फेड की ब्याज दरों को लेकर किसी भी तरह का संकेत डॉलर, बॉन्ड यील्ड और सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकता है। आम तौर पर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ने पर सोने को सपोर्ट मिलता है, क्योंकि कम ब्याज दरों के माहौल में बिना ब्याज वाले निवेश विकल्प के तौर पर सोने की मांग बढ़ सकती है।
चांदी की कीमत भी मजबूत
सोने के अलावा चांदी के भाव में भी तेजी बनी हुई है। 24 अगस्त को घरेलू बाजार में चांदी की कीमत 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। पिछले सप्ताह चांदी के भाव में करीब 10,000 रुपये की मजबूती आई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर यानी हाजिर चांदी 69.51 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। वहीं प्लेटिनम की कीमत 1,885.38 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर है।
इससे साफ है कि इस समय केवल सोना ही नहीं, बल्कि दूसरी प्रमुख कीमती धातुओं में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
आगे सोने की कीमत पर किन चीजों का असर पड़ेगा?
आने वाले दिनों में सोने की कीमतों के लिए अमेरिकी महंगाई के आंकड़े और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति सबसे अहम फैक्टर हो सकते हैं। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां और सुरक्षित निवेश की मांग भी सोने के भाव को प्रभावित कर सकती हैं।
अगर बाजार में ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद मजबूत होती है, तो सोने की कीमतों को आगे भी सपोर्ट मिल सकता है। वहीं डॉलर में मजबूती या बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी सोने की कीमतों पर दबाव डाल सकती है।
घरेलू बाजार में रुपये की चाल और अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों का असर भी भारतीय बाजार में गोल्ड रेट पर पड़ता है। इसलिए सिर्फ अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की तेजी को देखकर घरेलू कीमतों का अनुमान लगाना पर्याप्त नहीं है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
सोने की कीमतों में हालिया तेजी के बीच निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए। अगर सोने में निवेश का उद्देश्य लंबी अवधि का है, तो अचानक आई तेजी के आधार पर पूरा निवेश एक साथ करने के बजाय अपनी निवेश रणनीति और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना बेहतर रहता है।
वहीं अगर सोना ज्वेलरी खरीदने के लिए लिया जा रहा है, तो केवल प्रति 10 ग्राम के भाव को देखना पर्याप्त नहीं है। मेकिंग चार्ज, टैक्स और ज्वेलरी की शुद्धता जैसे पहलुओं को भी कुल लागत में शामिल करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यहां दिए गए सोने, चांदी और अंतरराष्ट्रीय कीमती धातुओं के भाव उपलब्ध बाजार आंकड़ों पर आधारित हैं। अलग-अलग शहरों, ज्वेलर्स और समय के अनुसार कीमतों में अंतर हो सकता है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


