Vaibhav Sooryavanshi: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन के लिए डेब्यू किया, लेकिन अपनी पहली पारी में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। उन्होंने 6 गेंदों में 8 रन बनाए और दो चौके लगाने के बाद पवेलियन लौट गए।
Vaibhav Sooryavanshi: भारतीय क्रिकेट में कम उम्र में अपनी पहचान बनाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का रेड-बॉल क्रिकेट में पहला बड़ा इम्तिहान उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। 15 साल के वैभव ने दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन की ओर से अपना डेब्यू किया, लेकिन वह लंबी पारी खेलने में कामयाब नहीं हो सके। बेंगलुरु में नॉर्थ-ईस्ट जोन के खिलाफ मुकाबले में ईस्ट जोन के वाइस-कैप्टन वैभव ने पारी की शुरुआत की, लेकिन सिर्फ 6 गेंदों का सामना करने के बाद 8 रन बनाकर आउट हो गए।
वैभव ने अपनी छोटी पारी में दो चौके लगाए। शुरुआत में उन्होंने अपने आक्रामक अंदाज की झलक दिखाई और गेंद को बाउंड्री के बाहर पहुंचाया, लेकिन नॉर्थ-ईस्ट जोन के तेज गेंदबाज बिश्वोर्जित कोंथौजम ने उन्हें ज्यादा देर क्रीज पर टिकने नहीं दिया।
6 गेंद में 8 रन, दो चौके लगाए
Exciting early battle 🔥
4️⃣,4️⃣,🇼
Bishworjit Konthoujam wins the contest against Vaibhav Sooryavanshi 👌#DuleepTrophy
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— BCCI Domestic (@BCCIdomestic) August 23, 2026 ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने की। वैभव ने आते ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। शुरुआती गेंदों पर उन्होंने शॉट खेलने के मौके तलाशे और एक अच्छी गेंद को डीप मिड-विकेट की दिशा में खेलकर चौका हासिल किया।
इसके बाद वैभव ने एक और बाउंड्री लगाई और तेजी से रन बनाने की कोशिश जारी रखी। हालांकि, पिच पर गेंदबाजों को मदद मिल रही थी और ऐसे हालात में बल्लेबाज के लिए शॉट चयन काफी अहम था। वैभव का आक्रामक रवैया इस बार उनके लिए भारी पड़ गया।
उनकी पारी का अंत दूसरे ओवर में हुआ। बिश्वोर्जित कोंथौजम ने ऑफ स्टंप के बाहर गेंद डालकर वैभव को शॉट खेलने के लिए मजबूर किया। वैभव ने गेंद को पॉइंट की दिशा में खेलने की कोशिश की, लेकिन शॉट पर उनका पूरा नियंत्रण नहीं रहा। गेंद गली की दिशा में गई, जहां फील्डर ने कैच पकड़ लिया।
इस तरह दलीप ट्रॉफी के अपने डेब्यू मैच में वैभव की पारी 6 गेंदों पर 8 रन के साथ समाप्त हो गई।
रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करना चाहते हैं वैभव
वैभव सूर्यवंशी का नाम पिछले कुछ समय में भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हो चुका है। उन्होंने बेहद कम उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट में अपनी क्षमता दिखाई है। खासकर टी20 क्रिकेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने काफी ध्यान खींचा है।
आईपीएल में शानदार प्रदर्शन और भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल डेब्यू के बाद वैभव की लोकप्रियता और बढ़ी है। हालांकि, युवा बल्लेबाज की नजर सिर्फ छोटे फॉर्मेट तक सीमित नहीं है। वैभव कई मौकों पर रेड-बॉल क्रिकेट में भी अपनी पहचान बनाने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं।
दलीप ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंट को इसी दिशा में उनके लिए महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। लंबे फॉर्मेट में बल्लेबाज को तकनीक, धैर्य और परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने की क्षमता दिखानी होती है। ऐसे में वैभव के लिए यह टूर्नामेंट खुद को रेड-बॉल क्रिकेट के लिए तैयार करने का अहम मौका है।
पिच ने भी बल्लेबाजों के सामने रखी चुनौती
नॉर्थ-ईस्ट जोन के खिलाफ मुकाबले में गेंदबाजों को पिच से मदद मिलती दिखाई दी। गेंद में मूवमेंट होने के कारण बल्लेबाजों के लिए शुरुआत में शॉट खेलना आसान नहीं था। ऐसी परिस्थितियों में गेंद को देर से खेलने और धैर्य बनाए रखने की जरूरत होती है।
वैभव ने अपने स्वाभाविक आक्रामक अंदाज के साथ शुरुआत की। यही शैली उन्हें टी20 क्रिकेट में अलग पहचान देती है, लेकिन रेड-बॉल क्रिकेट में शुरुआती ओवरों में परिस्थितियों को समझना भी उतना ही जरूरी होता है।
वैभव का जल्दी आउट होना उनके लिए सीखने का एक और अनुभव माना जा सकता है। दलीप ट्रॉफी में उन्हें आगे भी बल्लेबाजी का मौका मिलेगा और ऐसे में उनकी नजर अगली पारी में ज्यादा समय क्रीज पर बिताने पर होगी।
ईस्ट जोन टीम में कई बड़े नाम
ईस्ट जोन की टीम में वैभव सूर्यवंशी के अलावा भी कई अनुभवी और चर्चित खिलाड़ी मौजूद हैं। टीम की कप्तानी ईशान किशन कर रहे हैं, जबकि भारतीय क्रिकेट के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भी टीम का हिस्सा हैं।
ऐसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना वैभव के लिए काफी अहम अनुभव है। घरेलू क्रिकेट के इस स्तर पर उन्हें अनुभवी खिलाड़ियों से सीखने और लंबे फॉर्मेट की बारीकियों को समझने का मौका मिल रहा है।
वैभव के लिए दलीप ट्रॉफी का यह डेब्यू भले ही व्यक्तिगत तौर पर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन एक युवा खिलाड़ी के करियर में ऐसी पारियां भी सीखने का हिस्सा होती हैं। अब उनकी कोशिश अगले मौके का फायदा उठाकर बड़ी पारी खेलने की होगी।
आईपीएल के बाद अब रेड-बॉल क्रिकेट पर नजर
वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में टी20 क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता, तेजी से रन बनाने की क्षमता और बड़े शॉट खेलने का आत्मविश्वास नजर आता है। अब चुनौती इस आक्रामक खेल को रेड-बॉल क्रिकेट की जरूरतों के साथ संतुलित करने की है।
दलीप ट्रॉफी में उन्हें इसी चुनौती का सामना करना है। लंबे फॉर्मेट में सिर्फ रन बनाना ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहना, गेंद छोड़ना, गेंदबाजों की रणनीति को समझना और पारी को परिस्थितियों के मुताबिक आगे बढ़ाना भी जरूरी है।
डेब्यू मैच में वैभव सिर्फ 8 रन पर आउट हो गए, लेकिन उनकी उम्र को देखते हुए उनके पास सीखने और सुधार करने के लिए काफी समय है। आने वाली पारियों में उनकी बल्लेबाजी पर सभी की नजर रहेगी।
वीडियो में देखें वैभव सूर्यवंशी के आउट होने का तरीका, जहां तेज शुरुआत के बाद बिश्वोर्जित कोंथौजम की गेंद पर उनका शॉट गली के फील्डर के हाथों में चला गया।


