UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रधानमंत्री पोषण योजना (PM Poshan Yojana) के तहत सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में काम करने वाले रसोइयों के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में आयोजित रसोइयों के सम्मान समारोह में मानदेय बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। सरकार के इन फैसलों का लाभ प्रदेश के करीब 3.54 लाख रसोइयों को मिलने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयां केवल खाना बनाने का काम नहीं करतीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के पोषण और स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उनके आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई कदम उठाए हैं।
रसोइयों का मानदेय ₹1,000 बढ़ा
रक्षाबंधन के पहले प्रदेश के रसोइयों हेतु चार उपहार…
1- मानदेय में वृद्धि
2- दुर्घटना होने पर परिवार को ₹2 लाख की सहायता
3- प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस उपचार
4- साड़ी के लिए धनराशि बढ़ाकर ₹1,000 pic.twitter.com/hScE5AXlEL
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 23, 2026 योगी सरकार ने PM Poshan योजना के तहत काम करने वाले रसोइयों के मासिक मानदेय में ₹1,000 की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। अब उन्हें ₹2,000 के बजाय ₹3,000 प्रति माह मानदेय मिलेगा। यह बढ़ा हुआ मानदेय सितंबर से लागू होगा और साल में 10 महीने दिया जाएगा।
इस हिसाब से सालाना मानदेय में भी ₹10,000 की बढ़ोतरी होगी। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह नियमित वेतन नहीं बल्कि योजना के तहत दिया जाने वाला मानदेय है और भुगतान 10 महीनों के लिए निर्धारित है।
₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा
सरकार ने रसोइयों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का भी ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 3.54 लाख रसोइयों के लिए कैशलेस मेडिकल कार्ड शुरू करने की घोषणा की है।
इस सुविधा के तहत पात्र रसोइयों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक के कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इससे गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में परिवार पर इलाज का आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।
दुर्घटना में परिवार को ₹2 लाख की सहायता
रसोइयों के लिए घोषित पैकेज में दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसी रसोइये की दुर्घटना होने पर उसके परिवार को ₹2 लाख की सहायता दी जाएगी।
यह प्रावधान रसोइयों के परिवारों को आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
साड़ी के लिए अब ₹1,000
सरकार ने रसोइयों के लिए साड़ी खरीदने हेतु दी जाने वाली राशि में भी बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री के अनुसार अब साड़ी के लिए ₹1,000 की धनराशि दी जाएगी।
इससे पहले मिलने वाली राशि की तुलना में यह बढ़ोतरी रसोइयों को काम के दौरान निर्धारित पोशाक से जुड़े खर्च में राहत देगी।
दूसरे बच्चे के लिए मैटरनिटी लीव की शर्त में बदलाव
महिला रसोइयों के लिए मातृत्व अवकाश से जुड़ा एक अहम फैसला भी लिया गया है। सरकार ने दूसरे बच्चे के लिए मातृत्व अवकाश लेने की अनिवार्य दो साल के उम्र-अंतर की शर्त को खत्म करने का फैसला किया है।
अब यदि दोनों बच्चों के बीच उम्र का अंतर दो साल से कम है, तब भी पात्र महिला कर्मचारी मातृत्व अवकाश का लाभ ले सकेंगी। इससे महिला कर्मचारियों को मातृत्व के दौरान अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने रसोइयों को बताया PM Poshan की ‘बुनियादी ताकत’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रसोइयों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें PM Poshan योजना की बुनियादी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि रसोइयां अपनी मेहनत और जिम्मेदारी से स्कूल आने वाले बच्चों के लिए भोजन तैयार करती हैं।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों की शिक्षा के साथ उनका स्वास्थ्य और पोषण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ऐसे में स्कूलों में भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों की भूमिका अहम हो जाती है।
जर्जर स्कूलों के मुद्दे पर सपा पर निशाना
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर प्रदेश के कुछ जर्जर स्कूल भवनों के पुराने वीडियो और तस्वीरें साझा करके मौजूदा सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
योगी ने दावा किया कि इनमें से कई स्कूल भवन 2017 से पहले के हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पुराने और जर्जर स्कूल भवनों को चिन्हित कर उन्हें नए भवनों से बदलने का काम कर रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, जो स्कूल भवन अभी भी खराब स्थिति में हैं, उनकी पहचान की जा रही है और उन्हें चरणबद्ध तरीके से बदलने की प्रक्रिया जारी है।
शिक्षा व्यवस्था के साथ कर्मचारियों के कल्याण पर भी जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल स्कूलों की इमारतों तक सीमित नहीं है। सरकार विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ स्कूल व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों और रसोइयों के कल्याण पर भी ध्यान दे रही है।
रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, दुर्घटना सहायता और साड़ी के लिए बढ़ी हुई राशि को सरकार की ओर से सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कदम के तौर पर पेश किया गया है।
रसोइयों के लिए घोषित 4 प्रमुख सुविधाएं
| सुविधा | घोषित लाभ |
|---|---|
| मासिक मानदेय | ₹2,000 से बढ़कर ₹3,000 |
| कैशलेस इलाज | सालाना ₹5 लाख तक |
| दुर्घटना सहायता | परिवार को ₹2 लाख |
| साड़ी के लिए राशि | ₹1,000 |
इन फैसलों से प्रदेश के लाखों स्कूली बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर मानदेय में ₹1,000 की बढ़ोतरी और ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा उनके लिए बड़ा बदलाव मानी जा रही है।


