आज के समय में बेहतर सैलरी और तेज प्रमोशन के लिए नौकरी बदलना आम हो गया है। लेकिन हर बार कंपनी बदलना ही करियर ग्रोथ का रास्ता नहीं होता। GAIL में राकेश शाही का 20 साल का सफर दिखाता है कि सही संगठन, लगातार सीखने और बढ़ती जिम्मेदारियों के साथ एक ही कंपनी में रहकर भी करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
आज के कॉरपोरेट दौर में बेहतर सैलरी, जल्दी प्रमोशन और नई चुनौतियों के लिए नौकरी बदलना काफी सामान्य हो गया है। कई प्रोफेशनल्स मानते हैं कि हर कुछ साल में कंपनी बदलने से करियर तेजी से आगे बढ़ सकता है। हालांकि, करियर ग्रोथ का रास्ता हमेशा जॉब स्विचिंग से होकर ही गुजरे, ऐसा जरूरी नहीं है।
अगर कोई संगठन लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा हो और वहां कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां, अलग-अलग प्रोजेक्ट्स, सीखने के अवसर और प्रमोशन मिल रहे हों, तो लंबे समय तक उसी कंपनी के साथ काम करना भी एक मजबूत करियर रणनीति हो सकती है। इसका एक उदाहरण GAIL (India) Limited में 20 साल पूरे करने वाले राकेश शाही का करियर है।
Executive Trainee से DGM तक का सफर
राकेश शाही ने जून 2026 में GAIL में अपने 20 साल पूरे किए। उन्होंने LinkedIn पर अपने करियर सफर को साझा करते हुए Executive Trainee से Deputy General Manager यानी DGM तक पहुंचने के अनुभव को याद किया।
उनका यह सफर सिर्फ पद में बदलाव की कहानी नहीं है, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने, नई जिम्मेदारियां संभालने और समय के साथ अपनी पेशेवर विशेषज्ञता बढ़ाने की कहानी भी है।
लंबे समय तक एक ही संगठन में काम करने के दौरान कर्मचारी को कंपनी के बिजनेस मॉडल, प्रक्रियाओं और काम करने के तरीके की गहरी समझ विकसित हो जाती है। इसके साथ ही संगठन के भीतर उसका अनुभव और नेटवर्क भी मजबूत होता है।
अलग-अलग विभागों में काम करने का मिला मौका
राकेश शाही के करियर में Project Management, Gas Marketing, Business Development, Pipeline Infrastructure, Policy, Regulation और Compliance जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का अनुभव शामिल रहा।
अलग-अलग विभागों और जिम्मेदारियों में काम करने का फायदा यह होता है कि कर्मचारी की विशेषज्ञता सिर्फ एक भूमिका तक सीमित नहीं रहती। उसे बिजनेस के विभिन्न पहलुओं को समझने का मौका मिलता है और यही अनुभव आगे चलकर बड़ी जिम्मेदारियां संभालने में मदद कर सकता है।
इस तरह का करियर मॉडल यह भी दिखाता है कि किसी कर्मचारी की ग्रोथ केवल उसके पद या वेतन से नहीं मापी जानी चाहिए। नई स्किल्स सीखना, जिम्मेदारियों का बढ़ना और अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का अनुभव भी करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।
PNGRB में deputation भी रहा अहम पड़ाव
राकेश शाही के करियर में PNGRB में deputation भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। इस दौरान उन्हें regulatory framework, authorisation, consumer affairs और natural gas sector से जुड़े विषयों पर काम करने का अवसर मिला।
किसी कर्मचारी के लिए deputation जैसे अवसर काफी महत्वपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि इससे उसे अपनी मौजूदा भूमिका से अलग वातावरण में काम करने और नए संस्थागत सिस्टम को समझने का मौका मिलता है।
ऐसे अनुभव भविष्य में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। खासतौर पर बड़े संगठनों में काम करने वाले कर्मचारियों को अलग-अलग विभागों, प्रोजेक्ट्स और संस्थानों के साथ काम करने का अनुभव उनके पेशेवर प्रोफाइल को मजबूत कर सकता है।
क्या एक ही कंपनी में रहकर तेज करियर ग्रोथ संभव है?
राकेश शाही का करियर इस सवाल का एक उदाहरण जरूर देता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सिर्फ लंबे समय तक किसी कंपनी में बने रहने से प्रमोशन निश्चित हो जाता है।
किसी कर्मचारी की ग्रोथ के लिए संगठन का माहौल, प्रदर्शन, नई जिम्मेदारियां, नेतृत्व के अवसर और सीखने की संभावनाएं महत्वपूर्ण होती हैं। अगर कंपनी कर्मचारी की क्षमता को पहचानती है और उसे समय-समय पर नई भूमिकाएं देती है, तो लंबे कार्यकाल के दौरान करियर तेजी से आगे बढ़ सकता है।
दूसरी तरफ, अगर किसी कर्मचारी को वर्षों तक एक ही तरह का काम मिलता रहे और उसकी जिम्मेदारियों में कोई बदलाव न हो, तो सिर्फ कंपनी में बने रहना अपने आप में करियर ग्रोथ की गारंटी नहीं है।
कब कंपनी के साथ बने रहना फायदेमंद है?
किसी कर्मचारी को मौजूदा कंपनी में बने रहने या नौकरी बदलने का फैसला अपनी परिस्थितियों और करियर लक्ष्यों के आधार पर करना चाहिए।
अगर आपको लगातार नए प्रोजेक्ट्स मिल रहे हैं, जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं, नई स्किल्स सीखने का अवसर मिल रहा है और प्रदर्शन के आधार पर प्रमोशन या बेहतर अप्रेजल हो रहा है, तो मौजूदा कंपनी में बने रहना फायदेमंद हो सकता है।
इसके अलावा कंपनी का बिजनेस मजबूत होना, सीनियर्स का सहयोग, अच्छा वर्क कल्चर और भविष्य में नेतृत्व की भूमिका मिलने की संभावना भी महत्वपूर्ण संकेत हैं।
कब नौकरी बदलने पर विचार करना चाहिए?
वहीं, अगर कई वर्षों से काम की प्रकृति में कोई बदलाव नहीं आया है और सीखने के अवसर लगभग खत्म हो चुके हैं, तो नौकरी बदलने के बारे में विचार किया जा सकता है।
लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद प्रमोशन या उचित अप्रेजल न मिलना भी करियर में बदलाव का संकेत हो सकता है। इसी तरह कंपनी की आर्थिक स्थिति कमजोर होने, भविष्य की संभावनाएं घटने या लगातार खराब वर्क कल्चर जैसी परिस्थितियों में दूसरे अवसर तलाशना बेहतर विकल्प हो सकता है।
राकेश शाही की कहानी से क्या सीख मिलती है?
GAIL में राकेश शाही का 20 साल का करियर यह दिखाता है कि करियर ग्रोथ के लिए केवल नौकरी बदलना ही जरूरी नहीं है। अगर संगठन में सीखने, जिम्मेदारी बढ़ाने और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मौजूद हों, तो एक ही कंपनी में लंबे समय तक काम करते हुए भी प्रोफेशनल लगातार आगे बढ़ सकता है।
Executive Trainee से DGM तक का सफर इस बात का उदाहरण है कि अनुभव के साथ जिम्मेदारियां बढ़ती जाएं और कर्मचारी खुद को नए क्षेत्रों के लिए तैयार करता रहे, तो लंबा कार्यकाल भी करियर की मजबूत नींव बन सकता है।
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