Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में 21 अगस्त को कारोबार के दौरान कई घरेलू और वैश्विक खबरों का असर देखने को मिल सकता है। एक तरफ अमेरिकी बाजारों में तेज गिरावट और अमेरिका-ईरान तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है, वहीं गिफ्ट निफ्टी में मजबूती भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है। इसके अलावा F&O ट्रेडिंग में रिटेल निवेशकों के लगातार नुकसान, HDFC बैंक के रिकॉर्ड डॉलर बॉन्ड इश्यू और चीनी के शुल्क-मुक्त आयात जैसी खबरें भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती हैं।
इससे पहले 20 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली थी। लगातार सात कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद निफ्टी ने वापसी की। US ट्रेजरी यील्ड में नरमी और ग्लोबल मार्केट से मिले बेहतर संकेतों के बीच कई प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी हुई। निफ्टी ने कारोबार के दौरान 24,265.15 का हाई बनाया।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 628.04 अंक यानी 0.82 फीसदी बढ़कर 77,537.72 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 153.55 अंक यानी 0.64 फीसदी की बढ़त के साथ 24,231.85 पर बंद हुआ। आज बाजार की चाल पर इन प्रमुख खबरों की नजर रहेगी।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का असर वैश्विक बाजारों पर दिखाई दे रहा है। अमेरिका ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने संकेत दिया है कि सोमवार को नए प्रतिबंधों का ऐलान किया जा सकता है।
ईरान ने अमेरिका के इस कदम को आर्थिक आतंकवाद बताया है, जबकि चीन ने भी इसका विरोध किया है। तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है और क्रूड 93 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। दूसरी ओर सोने की कीमत भी 4,500 डॉलर के पार कारोबार करती दिखाई दी।
भारत जैसे बड़े कच्चे तेल आयातक देश के लिए क्रूड में तेजी महत्वपूर्ण है। इससे महंगाई, कंपनियों की लागत और देश के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है।
अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में एक बार फिर तेजी आई है। 10 साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड करीब 4.7 फीसदी तक पहुंच गई। ऊंची यील्ड ने अमेरिकी शेयर बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
अमेरिकी बाजार में डाओ जोंस 700 अंकों से ज्यादा फिसला। S&P 500 और नैस्डैक में भी करीब 1 फीसदी की गिरावट रही। एशियाई बाजारों में भी कमजोर रुझान देखने को मिला है। निक्केई और कोस्पी करीब 1 फीसदी दबाव में नजर आए।
हालांकि, इन कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच गिफ्ट निफ्टी करीब 70 अंक ऊपर कारोबार करता दिखाई दे रहा है, जो भारतीय बाजार के लिए शुरुआती तौर पर राहत का संकेत है।
F&O में 88% ट्रेडर्स को हुआ घाटा
शेयर बाजार के डेरिवेटिव सेगमेंट में रिटेल ट्रेडर्स के लिए जोखिम एक बार फिर सामने आया है। सेबी की नई रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस यानी F&O में करीब 88 फीसदी ट्रेडर्स को नुकसान हुआ।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि F&O में सक्रिय ट्रेडर्स की संख्या पिछले साल की तुलना में करीब 18 फीसदी घट गई। ऑप्शन खरीदारों की तुलना में ऑप्शन बेचने वालों को अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ।
यह आंकड़ा उन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है जो तेजी से मुनाफा कमाने की उम्मीद में F&O ट्रेडिंग करते हैं। बाजार में कारोबार करने से पहले जोखिम प्रबंधन और पोजीशन साइज का ध्यान रखना जरूरी है।
HDFC बैंक ने जुटाए रिकॉर्ड 1.8 अरब डॉलर
HDFC बैंक ने तीन और पांच साल की अवधि वाले डॉलर बॉन्ड के जरिए करीब 1.8 अरब डॉलर जुटाए हैं। इसे किसी भारतीय वित्तीय कंपनी का सबसे बड़ा डेट इश्यू बताया जा रहा है।
बैंक के बॉन्ड इश्यू को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली और इसके लिए 7 अरब डॉलर से ज्यादा की बोलियां आईं। इतनी मजबूत मांग भारतीय वित्तीय संस्थानों में वैश्विक निवेशकों के भरोसे का संकेत भी मानी जा सकती है।
सरकार ने 10 लाख टन चीनी आयात को दी मंजूरी
चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात को मंजूरी दी है। यह आयात 31 अक्टूबर तक किया जा सकेगा।
त्योहारी सीजन से पहले घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है। इससे चीनी और उससे जुड़े कारोबार वाली कंपनियों के शेयरों पर बाजार की नजर रह सकती है।
PM मोदी की सचिवों के साथ हाई लेवल बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ सचिवों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस, कनेक्टिविटी और पोर्ट-लेड डेवलपमेंट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। सरकार की ओर से पोर्ट-लेड विकास को गति देने और रक्षा क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। इंफ्रा और डिफेंस से जुड़ी कंपनियों के लिए सरकारी खर्च और नई परियोजनाओं से जुड़े संकेत महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
FII-DII डेटा भी रहेगा बाजार के रडार पर
20 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FIIs ₹583 करोड़ के नेट सेलर रहे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DIIs ने ₹3,537 करोड़ की नेट खरीदारी की।
घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। वहीं FIIs की कैश मार्केट में बिकवाली के बावजूद वायदा सेगमेंट में खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट 2.12 लाख से ज्यादा हो गए हैं, जो बाजार में उनकी सतर्कता और कमजोर धारणा का संकेत देता है।
आज बाजार के लिए क्या संकेत?
कुल मिलाकर भारतीय बाजार के सामने आज संकेत मिले-जुले हैं। 20 अगस्त की मजबूत रिकवरी और गिफ्ट निफ्टी की तेजी बाजार को सपोर्ट दे सकती है। दूसरी ओर अमेरिका में गिरावट, 10 साल की बॉन्ड यील्ड में तेजी, क्रूड की बढ़ती कीमत और अमेरिका-ईरान तनाव जोखिम बढ़ा रहे हैं।
ऐसे में निवेशकों को बाजार खुलने के बाद ग्लोबल संकेतों के साथ FII-DII फ्लो, क्रूड ऑयल, बॉन्ड यील्ड और निफ्टी के अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तरों पर नजर रखनी चाहिए। खासकर F&O ट्रेडर्स के लिए मौजूदा अस्थिर माहौल में बिना जोखिम प्रबंधन के आक्रामक पोजीशन लेने से बचना बेहतर रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह खबर बाजार से जुड़े उपलब्ध संकेतों और सूचनाओं पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग जोखिम के अधीन हैं। किसी भी निवेश या ट्रेड का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


