Vijay Kedia Portfolio: कमजोर जून तिमाही के नतीजों के बाद जिस शेयर में एक दिन पहले 20 फीसदी की भारी गिरावट आई थी, उसमें दिग्गज निवेशक विजय केडिया की कंपनी ने बड़ी खरीदारी की है। रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच चुके इस स्टॉक में 20 लाख शेयरों की खरीदारी की खबर सामने आते ही बुधवार को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। इंट्रा-डे में शेयर करीब 18 फीसदी तक उछल गया। हालांकि, कंपनी के मुनाफे और मार्जिन में गिरावट अब भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
शेयर बाजार में जब किसी कंपनी का स्टॉक अचानक रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच जाता है तो निवेशकों के बीच अक्सर डर का माहौल बन जाता है। लेकिन कुछ बड़े निवेशक ऐसे मौकों को वैल्यू तलाशने के अवसर के तौर पर देखते हैं। ऐसा ही कुछ Zaggle Prepaid Ocean Services के शेयर में देखने को मिला है। जून 2026 तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद शेयर में एक कारोबारी दिन पहले 20 फीसदी की गिरावट आई और यह रिकॉर्ड लो पर पहुंच गया। इसी दौरान दिग्गज निवेशक Vijay Kedia की निवेश कंपनी ने इसमें बड़ी खरीदारी की।
खरीदारी की खबर सामने आने के बाद बुधवार को शेयर में जबरदस्त रिकवरी हुई। बीएसई पर शेयर एक समय करीब 18 फीसदी तक चढ़कर ₹195.70 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया। हालांकि बाद में तेजी कुछ कम हुई और कारोबार के दौरान यह ₹184.95 के आसपास 11.52 फीसदी की बढ़त के साथ ट्रेड करता नजर आया।
विजय केडिया ने कितने शेयर खरीदे?
जून तिमाही के नतीजों के बाद Zaggle Prepaid के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। इसी गिरावट के बीच विजय केडिया की कंपनी Kedia Securities ने खरीदारी का मौका तलाशा।
NSE के बल्क डील डेटा के मुताबिक, Kedia Securities ने 20 लाख शेयर खरीदे हैं। यह खरीदारी करीब ₹164.72 प्रति शेयर की औसत कीमत पर हुई। इस सौदे की कुल वैल्यू लगभग ₹32.94 करोड़ रही।
यानी जिस समय बाजार में कंपनी के कमजोर नतीजों को लेकर बिकवाली का दबाव था, उसी समय बड़े निवेशक ने निचले स्तर पर करीब ₹33 करोड़ की खरीदारी की। हालांकि किसी दिग्गज निवेशक की खरीदारी को शेयर में तेजी की गारंटी नहीं माना जा सकता। निवेशकों को कंपनी के कारोबार, वैल्यूएशन, कैश फ्लो और भविष्य की ग्रोथ को भी समझना जरूरी है।
जून तिमाही में बढ़ा रेवेन्यू, लेकिन मुनाफा घटा
Zaggle Prepaid के जून 2026 तिमाही के नतीजों में तस्वीर मिली-जुली रही। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 27.5 फीसदी बढ़कर ₹423 करोड़ हो गया। यानी कंपनी ने टॉपलाइन ग्रोथ बनाए रखी।
हालांकि, रेवेन्यू में मजबूत बढ़ोतरी का फायदा मुनाफे में नजर नहीं आया। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब 33 फीसदी गिरकर ₹17.5 करोड़ रह गया।
ऑपरेटिंग स्तर पर भी दबाव देखने को मिला। कंपनी का EBITDA करीब ₹31 करोड़ पर रहा, जबकि EBITDA मार्जिन घटकर 7.3 फीसदी रह गया। इससे पहले मार्च 2026 तिमाही में यह मार्जिन करीब 9.2 फीसदी था।
इस तरह कंपनी की सबसे बड़ी चुनौती फिलहाल सिर्फ रेवेन्यू ग्रोथ नहीं बल्कि उस ग्रोथ को मुनाफे में बदलना है।
मार्जिन पर क्यों आया दबाव?
कंपनी के मुताबिक, जून तिमाही में मार्जिन पर कई तरह के खर्चों का असर पड़ा। इनमें Dice के अधिग्रहण से जुड़े खर्च, ट्रांजैक्शन कॉस्ट, वेंडर्स को किए गए एकमुश्त भुगतान और 100 से अधिक प्रोफेशनल्स के रिलोकेशन से जुड़े खर्च शामिल हैं।
कंपनी ने यह भी बताया कि Dice कॉन्ट्रैक्ट से मिलने वाली कमाई को जून 2026 तिमाही में शामिल नहीं किया गया। उम्मीद है कि इसका असर सितंबर 2026 तिमाही से दिखाई देना शुरू हो सकता है।
इसके अलावा कुछ ऐसे खर्च भी प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट में दर्ज किए गए जिन्हें पहले कैपिटलाइज किया गया था। कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी और Zagg.Money के अधिग्रहण के बाद बढ़े कर्मचारी एवं अन्य खर्चों ने भी मार्जिन पर दबाव डाला।
इसलिए कंपनी के लिए आने वाली तिमाहियां काफी महत्वपूर्ण हो सकती हैं। अगर अधिग्रहण से मिलने वाला कारोबार उम्मीद के मुताबिक जुड़ता है और अतिरिक्त खर्चों का दबाव कम होता है तो मार्जिन में सुधार देखने को मिल सकता है।
इंसेंटिव और कैशबैक खर्च में आई कमी
Zaggle Prepaid के कारोबार में इंसेंटिव और कैशबैक खर्च एक अहम हिस्सा है। जून तिमाही में यह खर्च रेवेन्यू के मुकाबले करीब 66.3 फीसदी रहा। मार्च 2026 तिमाही में यह अनुपात लगभग 69 फीसदी था।
यानी इस मोर्चे पर कंपनी को कुछ राहत मिली है। हालांकि, कुल मार्जिन में गिरावट बताती है कि अन्य खर्चों का असर अभी काफी महत्वपूर्ण है।
कंपनी ने Greenedge के प्रदर्शन और जून तिमाही में Overriding Commission के कारण Propel के मार्जिन में सुधार की भी बात कही है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाली तिमाहियों में यह सुधार कितना टिकाऊ रहता है।
एक साल में शेयर ने दिया बड़ा झटका
Zaggle Prepaid के शेयरों का पिछले एक साल का प्रदर्शन निवेशकों के लिए बेहद निराशाजनक रहा है। 19 अगस्त 2025 को बीएसई पर शेयर करीब ₹417.40 के एक साल के उच्च स्तर पर था।
इसके बाद स्टॉक में लगातार कमजोरी आई और 18 अगस्त 2026 को यह गिरकर करीब ₹154.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। यानी एक साल के हाई से शेयर में लगभग 63 फीसदी की भारी गिरावट आ चुकी थी।
हालांकि, बुधवार की तेजी के बाद शेयर ने रिकॉर्ड लो से कुछ रिकवरी जरूर की है। इसके बावजूद यह अभी भी अपने पुराने उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहा है।
IPO के मुकाबले कैसा है प्रदर्शन?
Zaggle Prepaid का IPO सितंबर 2023 में आया था। कंपनी के शेयर ₹164 प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर जारी किए गए थे। शेयर की बाजार में एंट्री करीब 1 फीसदी डिस्काउंट के साथ ₹162 पर हुई थी।
इसके बाद स्टॉक ने शानदार तेजी दिखाई और 17 दिसंबर 2024 को ₹597 का रिकॉर्ड हाई बनाया। लेकिन इस शिखर के बाद शेयर में भारी गिरावट आई है।
इससे साफ है कि IPO के बाद शानदार रिटर्न देने वाला यह शेयर बाद में काफी बड़े करेक्शन से गुजरा है। इसलिए सिर्फ यह देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा कि शेयर अपने रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे आ चुका है।
क्या निवेशकों को भी खरीदारी करनी चाहिए?
Vijay Kedia की Kedia Securities द्वारा करीब ₹32.94 करोड़ की खरीदारी निश्चित रूप से बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है, लेकिन इसे निवेश की गारंटी नहीं माना जा सकता। बड़े निवेशकों की खरीदारी उनकी अपनी रणनीति, रिस्क क्षमता और लंबी अवधि के नजरिए पर आधारित हो सकती है।
Zaggle Prepaid के मामले में एक तरफ रेवेन्यू में 27.5 फीसदी की ग्रोथ सकारात्मक संकेत है, वहीं दूसरी तरफ मुनाफे में 33 फीसदी गिरावट और EBITDA मार्जिन में कमी चिंता बढ़ाती है।
इसलिए निवेशकों को आगे कंपनी के मार्जिन, अधिग्रहण से आने वाले रेवेन्यू, कैश फ्लो और प्रॉफिट ग्रोथ पर नजर रखनी चाहिए। केवल किसी बड़े निवेशक की खरीदारी देखकर स्टॉक में पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है।
निष्कर्ष
Zaggle Prepaid में रिकॉर्ड लो के आसपास Kedia Securities की करीब ₹33 करोड़ की खरीदारी ने शेयर में नया जोश जरूर भर दिया है। एक दिन पहले 20 फीसदी की गिरावट के बाद बुधवार को स्टॉक में करीब 18 फीसदी तक की रिकवरी इसका संकेत है।
लेकिन कंपनी के ताजा नतीजों में रेवेन्यू की मजबूत ग्रोथ के बावजूद मुनाफे और मार्जिन में गिरावट सामने आई है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों के नतीजे यह तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे कि मौजूदा स्तर से यह रिकवरी टिकाऊ है या सिर्फ तेज गिरावट के बाद आई तकनीकी उछाल।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजों, वैल्यूएशन और अपनी जोखिम क्षमता का स्वतंत्र रूप से आकलन जरूर करें।


