NTA Major Reforms: परीक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपने सिस्टम में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। एजेंसी की परीक्षा टीम से करीब 600 विशेषज्ञों को हटाकर नए एक्सपर्ट्स को शामिल किया गया है। साथ ही, NTA के कार्यालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब CISF को सौंपने की तैयारी है।
देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों और प्रश्नपत्रों में गलतियों को लेकर लगातार सवालों के घेरे में रही NTA की परीक्षा व्यवस्था में अब बड़े स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के निर्देशों के बाद एजेंसी ने परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्रों की जांच, साइबर सुरक्षा और कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशंस से जुड़े कई अहम बदलावों पर काम शुरू किया है।
600 विशेषज्ञों को हटाकर नए एक्सपर्ट्स की होगी नियुक्ति
NTA की परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 600 विशेषज्ञों को हटाया गया है और उनकी जगह नए विशेषज्ञों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके अलावा, एजेंसी पहले ही 50 से अधिक कर्मचारियों को हटा चुकी है।
NTA के महानिदेशक ने समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री को बताया कि अगले दो से तीन सप्ताह में एजेंसी में करीब 20 से 25 अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही भर्ती और नए अधिकारियों के इंडक्शन प्लान की भी समीक्षा की गई है।
प्रश्नपत्रों की जांच के लिए लागू होगी चार स्तरीय व्यवस्था
परीक्षाओं में प्रश्नपत्र से जुड़ी गलतियों की संभावना कम करने के लिए अब प्रश्नपत्रों की स्क्रूटनी को और मजबूत किया जाएगा। इसके तहत प्रश्नपत्रों की जांच के लिए चार स्तरीय व्यवस्था लागू करने की योजना है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग, भाषा और अनुवाद संबंधी गलतियों को परीक्षा से पहले ही पकड़ना है। हाल में यूजीसी नेट जून 2026 के तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने की स्थिति सामने आने के बाद इस व्यवस्था को और महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
NTA ऑफिस की सुरक्षा संभालेगी CISF
NTA के कार्यालय को प्राथमिकता के आधार पर नई जगह शिफ्ट करने की भी योजना है। नए कार्यालय की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF को सौंपे जाने की तैयारी है।
परीक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों और कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशंस को सुरक्षित रखने के लिए एजेंसी के मौजूदा सिस्टम में भी बदलाव किया जाएगा। इसमें अलग-अलग सुरक्षित कमरे, एयर-गैप्ड कंप्यूटर सिस्टम और डिवाइस-डिपॉजिट प्रोटोकॉल जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी।
10 अहम प्रोफेशनल पदों पर होगी भर्ती
NTA ने अपनी कार्यप्रणाली को प्रोफेशनल और टेक्नोलॉजी आधारित बनाने के लिए 10 नई लीडरशिप पोजीशन के लिए विज्ञापन भी जारी किया है। इनमें चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, चीफ फाइनेंस ऑफिसर, चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर, जनरल मैनेजर (टेस्ट सिक्योरिटी) और जनरल मैनेजर (रिसर्च एंड डेवलपमेंट एंड साइकोमेट्रिक्स) जैसे पद शामिल हैं।
एजेंसी इन पदों के लिए अनुभवी प्रोफेशनल्स को नियुक्त करने की प्रक्रिया में है। इसके अलावा साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स और क्वेश्चन पेपर डिजाइन जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के डोमेन एक्सपर्ट्स को भी जोड़ा जा रहा है।
UGC NET की परीक्षा में सामने आई थीं कई गलतियां
NTA में ये बड़े बदलाव ऐसे समय किए जा रहे हैं जब हाल ही में UGC NET जून 2026 के इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया था।
इन विषयों के प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद से जुड़ी कई गलतियां सामने आई थीं। इसके बाद NTA की परीक्षा प्रक्रिया और क्वेश्चन पेपर तैयार करने की व्यवस्था पर सवाल उठे थे।
परीक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का निर्देश
समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने NTA को तय परीक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, एजेंसी के पूरे परीक्षा सिस्टम का ऑडिट करने और सुधार के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशंस यानी CONOPS आर्किटेक्चर में व्यापक बदलाव को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। इसका मकसद परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी और प्रक्रियाओं को अनधिकृत पहुंच, साइबर जोखिम और मानवीय गलतियों से सुरक्षित करना है।
इन सुधारों के बाद NTA की कोशिश परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की है। आने वाले समय में नई भर्ती, प्रश्नपत्रों की चार स्तरीय जांच और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था लागू होने के बाद एजेंसी की परीक्षा प्रणाली में कितना सुधार होता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।


