Mutual Funds Return: लंबे समय तक निवेश बनाए रखने पर कंपाउंडिंग की ताकत किस तरह बड़ा फंड तैयार कर सकती है, इसका उदाहरण दो पुराने इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के प्रदर्शन से मिलता है। अगस्त 2004 में लॉन्च हुई ICICI Prudential Value Fund और HSBC Midcap Fund ने 22 साल का सफर पूरा कर लिया है। इस दौरान दोनों स्कीम्स ने निवेशकों को मजबूत सालाना रिटर्न दिया है।
शेयर बाजार में इस दौरान कई बार तेजी और बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद जिन निवेशकों ने घबराकर अपना निवेश नहीं निकाला और लंबे समय तक बने रहे, उनके निवेश में कंपाउंडिंग का बड़ा असर देखने को मिला। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इन स्कीम्स में लॉन्च के समय लगाया गया ₹5 लाख का एकमुश्त निवेश करीब ₹2.3 करोड़ तक पहुंच गया।
ICICI Prudential Value Fund: ₹5 लाख बढ़कर ₹2.33 करोड़
ICICI Prudential Value Fund वैल्यू कैटेगरी का एक प्रमुख एक्टिवली मैनेज्ड इक्विटी फंड है। यह फंड वैल्यू इन्वेस्टिंग रणनीति पर काम करता है, यानी ऐसे शेयरों की तलाश करता है जिनकी बाजार कीमत उनकी संभावित वास्तविक वैल्यू की तुलना में आकर्षक हो सकती है।
अगस्त 2004 में लॉन्च से लेकर 31 जुलाई 2026 तक इस फंड ने करीब 19.11% का CAGR रिटर्न दिया है।
₹1 लाख का निवेश कितना हुआ?
लॉन्च के समय अगर किसी निवेशक ने इस फंड में ₹1 लाख एकमुश्त लगाए होते, तो 31 जुलाई 2026 तक उसकी वैल्यू करीब ₹46.6 लाख हो गई होती।
तुलना के लिए इसी अवधि में Nifty 50 TRI में ₹1 लाख का निवेश करीब 14.63% CAGR की दर से बढ़कर लगभग ₹20.1 लाख हुआ।
₹5 लाख का निवेश बना ₹2.33 करोड़
यही कंपाउंडिंग अगर ₹5 लाख के निवेश पर लागू होती है, तो लॉन्च के समय लगाए गए ₹5 लाख की वैल्यू करीब ₹2.33 करोड़ तक पहुंच जाती।
इससे समझा जा सकता है कि लंबी अवधि में रिटर्न पर मिलने वाला रिटर्न यानी कंपाउंडिंग किस तरह निवेश की रकम को कई गुना बढ़ा सकती है।
फंड का AUM कितना है?
31 जुलाई 2026 तक उपलब्ध AMFI आंकड़ों के मुताबिक, ICICI Prudential Value Fund का AUM करीब ₹61,102.29 करोड़ था। यह पूरी वैल्यू कैटेगरी के कुल एसेट्स का लगभग 28% बताया गया है।
HSBC Midcap Fund: ₹5 लाख हुए ₹2.26 करोड़
दूसरी 22 साल पुरानी स्कीम HSBC Midcap Fund है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, यह फंड मुख्य रूप से मिड-कैप कंपनियों में निवेश करता है और बॉटम-अप अप्रोच के जरिए कंपनियों का चयन करता है।
अगस्त 2004 से 31 जुलाई 2026 तक इस फंड ने करीब 18.92% का CAGR रिटर्न दिया है।
₹1 लाख से ₹45.15 लाख
लॉन्च के समय HSBC Midcap Fund में लगाए गए ₹1 लाख की वैल्यू 31 जुलाई 2026 तक बढ़कर लगभग ₹45.15 लाख हो गई।
वहीं, अगर शुरुआत में ₹5 लाख लगाए गए होते, तो निवेश की वैल्यू करीब ₹2.26 करोड़ तक पहुंच जाती।
अलग-अलग अवधि में कैसा रहा प्रदर्शन?
HSBC Midcap Fund के अलग-अलग समयावधि के रिटर्न पर नजर डालें तो:
- 1 साल: 17.83%
- 3 साल: 23.17% CAGR
- 5 साल: 17.71% CAGR
- 10 साल: 16.44% CAGR
- 22 साल: 18.92% CAGR
ये आंकड़े बताते हैं कि फंड ने लंबी अवधि में मजबूत प्रदर्शन किया है, हालांकि किसी भी अवधि का पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं होता।
₹10,000 की SIP से बन जाते ₹2.43 करोड़!
HSBC Midcap Fund में अगर किसी निवेशक ने शुरुआत से ही हर महीने ₹10,000 की SIP शुरू की होती और उसे लगातार जारी रखा होता, तो उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार आज उसका निवेश करीब ₹2.43 करोड़ तक पहुंच सकता था।
यह उदाहरण खास तौर पर दिखाता है कि नियमित निवेश और लंबी अवधि का संयोजन किस तरह बड़ा कॉर्पस बनाने में मदद कर सकता है।
HSBC Midcap Fund का पोर्टफोलियो
31 जुलाई 2026 तक HSBC Midcap Fund का कुल AUM करीब ₹15,578 करोड़ था। फंड का पोर्टफोलियो लगभग 55 इक्विटी शेयरों में फैला हुआ है।
इसमें इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, रिटेलिंग, इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग, NBFC और प्राइवेट बैंक जैसे सेक्टरों पर प्रमुख फोकस देखने को मिलता है।
फंड मैनेजर ने क्या कहा?
HSBC Midcap Fund की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और फंड मैनेजर चीनू गुप्ता के मुताबिक, फंड के 22 साल पूरे होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके अनुसार, निवेश रणनीति में टिकाऊ कमाई और लंबी अवधि में ग्रोथ की क्षमता रखने वाले क्वालिटी बिजनेस पर फोकस किया गया है।
उन्होंने मिड-कैप सेगमेंट के मध्यम अवधि के आउटलुक को लेकर भी सकारात्मक रुख जताया है।
क्या सीख मिलती है निवेशकों को?
इन दोनों म्यूचुअल फंड्स का लंबा प्रदर्शन कंपाउंडिंग और अनुशासित निवेश की अहमियत को समझने में मदद करता है। 22 साल तक 18-19% के आसपास CAGR जैसे रिटर्न का असर एकमुश्त निवेश पर बहुत बड़ा दिखाई देता है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर म्यूचुअल फंड या हर निवेशक को भविष्य में इसी तरह का रिटर्न मिलेगा। इक्विटी म्यूचुअल फंड बाजार के उतार-चढ़ाव से जुड़े होते हैं और रिटर्न समय के साथ काफी बदल सकता है।
इसलिए किसी भी फंड में निवेश करने से पहले उसकी रिस्क प्रोफाइल, निवेश रणनीति, खर्च, पोर्टफोलियो और अपने वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखना जरूरी है।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचना और शिक्षा के उद्देश्य से है। म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। पिछले प्रदर्शन को भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं माना जा सकता। निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता के अनुसार योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


