Shehzad Poonawalla: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद अब अपने फैसले की वजह विस्तार से बताई है। NDTV से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके फैसले के पीछे मुख्य कारण आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियां हैं। उन्होंने साफ कहा कि राजनीतिक दल अपने कार्यकर्ताओं या प्रवक्ताओं को नियमित वेतन नहीं देते और ऐसे में निजी खर्चों को संभालना उनके लिए मुश्किल हो रहा था।
‘मुझे अपना किराया देना है’
शहजाद पूनावाला ने बातचीत के दौरान अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर बेहद सीधी बात कही। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने रहने का खर्च और किराया खुद देना पड़ता है। उनके मुताबिक, सिर्फ इसलिए मकान मालिक उनसे किराया लेना बंद नहीं करेगा क्योंकि वह BJP से जुड़े हुए हैं।
पूनावाला ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां अपने कार्यकर्ताओं को वेतन नहीं देतीं, जबकि रोजमर्रा की जिंदगी के खर्च लगातार बने रहते हैं। इसी आर्थिक दबाव के बीच उन्होंने निजी क्षेत्र में जाने का फैसला किया है।
उनका कहना है कि उन्होंने BJP को कभी अपना नियोक्ता नहीं माना। पार्टी से उनका जुड़ाव विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति समर्थन के कारण था। इसलिए उनके अनुसार, पार्टी छोड़ने का मतलब उनकी राजनीतिक विचारधारा या प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान खत्म होना नहीं है।
2024 से इस्तीफे पर कर रहे थे विचार
पूनावाला ने यह भी स्पष्ट किया कि BJP छोड़ने का फैसला अचानक नहीं लिया गया। NDTV को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वह 2024 से ही इस्तीफा देने के बारे में सोच रहे थे। यानी उनके अनुसार, यह फैसला लंबे समय से चल रहे विचार-विमर्श का नतीजा है।
उन्होंने पहले भी 30 जुलाई 2026 को पार्टी को अपना इस्तीफा सौंपा था। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने उस समय उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार नहीं किया और उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा गया। इसके बाद उन्होंने दोबारा इस्तीफा देकर इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया।
X की बायो बदलने के बाद शुरू हुई थीं अटकलें
शहजाद पूनावाला के BJP छोड़ने की अटकलें जुलाई के आखिर में तेज हो गई थीं। 31 जुलाई को उन्होंने अपने X अकाउंट की बायो में बदलाव किया और उसमें BJP से जुड़ा उल्लेख हटा दिया। इसके बाद राजनीतिक हलकों में उनके पार्टी छोड़ने की चर्चा शुरू हो गई थी।
हालांकि, उस समय पार्टी की ओर से उनके इस्तीफे को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी। बाद में पूनावाला ने खुद इस्तीफे की प्रक्रिया और उसके कारणों को सार्वजनिक किया।
‘राजनीतिक विरासत से नहीं आते’
पूनावाला ने बातचीत के दौरान अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि उनके जैसे पहली पीढ़ी के और नए दौर के राजनेताओं को लेकर लोगों की धारणा अक्सर पारंपरिक राजनीतिक परिवारों से प्रभावित रहती है।
उनके मुताबिक, लोग राजनीति में ऐसे नेताओं को देखने के आदी हो चुके हैं जो राजनीतिक परिवारों से आते हैं। ऐसे में पहली पीढ़ी के नेताओं की व्यक्तिगत और आर्थिक चुनौतियों को समझना हमेशा आसान नहीं होता।
उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को किसी पारिवारिक राजनीतिक विरासत से अलग बताया और कहा कि ऐसे नेताओं को अपने जीवन और खर्चों की जिम्मेदारी खुद उठानी पड़ती है।
BJP छोड़ेंगे, लेकिन PM Modi का समर्थन जारी रहेगा
इस्तीफे के बाद शहजाद पूनावाला ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी संगठन से अलग होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP की विचारधारा के प्रति उनका समर्थन खत्म नहीं होगा।
BJP अध्यक्ष नितिन नबीन को भेजे अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वह वित्तीय और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण निजी क्षेत्र में जाने वाले हैं, लेकिन जहां और जिस रूप में संभव होगा, प्रधानमंत्री मोदी और BJP के दृष्टिकोण एवं कार्यों का समर्थन करते रहेंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, BJP अध्यक्ष नितिन नबीन और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मान भी जताया है।
अब निजी क्षेत्र में जाने की तैयारी
शहजाद पूनावाला के इस्तीफे से यह स्पष्ट है कि फिलहाल उनका अगला कदम निजी क्षेत्र में जाना है। उन्होंने अपने फैसले को किसी एक राजनीतिक विवाद से जोड़ने के बजाय आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों से जोड़ा है।
उनका बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एक प्रमुख राजनीतिक प्रवक्ता के तौर पर लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने के बाद उन्होंने अपनी रोजमर्रा की आर्थिक जरूरतों को इस्तीफे के प्रमुख कारणों में शामिल किया है। साथ ही उन्होंने यह संदेश भी दिया है कि BJP संगठन से दूरी बनाने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी के कार्यों के प्रति उनका समर्थन बना रहेगा।
डिस्क्लेमर: इस लेख में शहजाद पूनावाला द्वारा NDTV को दिए गए इंटरव्यू और उनके सार्वजनिक रूप से साझा किए गए इस्तीफे से संबंधित जानकारी के आधार पर विवरण दिया गया है। इस्तीफे के कारणों के संबंध में ऊपर कही गई बातें उनके स्वयं के बयानों पर आधारित हैं।


