Sensex-Nifty Closes Red: वीकली एक्सपायरी के दिन घरेलू शेयर बाजार में लगातार छठे कारोबारी सत्र बिकवाली का दबाव देखने को मिला। IT शेयरों में भारी गिरावट के कारण बाजार पर दबाव बढ़ा और BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹2.77 लाख करोड़ घट गया। सेंसेक्स 492.70 अंक और निफ्टी 132.75 अंक टूटकर बंद हुए।
Sensex-Nifty Closes Red: भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला लगातार छठे कारोबारी दिन भी जारी रहा। 18 अगस्त 2026 को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों आधे फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार में कमजोरी की प्रमुख वजह IT शेयरों में तेज बिकवाली, एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को माना गया।
कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स एक समय 493 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी फिसलकर 24,155 के आसपास आ गया। हालांकि व्यापक बाजार में गिरावट का असर अपेक्षाकृत सीमित रहा और निफ्टी स्मॉलकैप 100 लगभग सपाट बंद हुआ।
सेंसेक्स 493 अंक टूटा, निफ्टी 24,155 पर बंद

दिन के कारोबार के अंत में BSE Sensex 492.70 अंक यानी 0.63 फीसदी की गिरावट के साथ 77,235.46 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 77,234.36 के निचले स्तर तक पहुंच गया था।
वहीं NSE Nifty 132.75 अंक यानी 0.55 फीसदी फिसलकर 24,154.90 पर बंद हुआ। निफ्टी भी पूरे सत्र के दौरान दबाव में रहा और 24,155 के आसपास अपना निचला स्तर बनाया।
इस गिरावट के साथ घरेलू बाजार में लगातार छठे कारोबारी सत्र कमजोरी देखने को मिली। निवेशकों के बीच वैश्विक बाजारों के संकेत, कच्चे तेल की कीमत और IT सेक्टर से जुड़ी चिंताओं का असर दिखाई दिया।
IT सेक्टर ने बढ़ाया बाजार का दबाव

18 अगस्त के कारोबार में IT सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहने वाले प्रमुख सेक्टर्स में शामिल रहा। Nifty IT इंडेक्स करीब 2 फीसदी कमजोर हुआ। IT शेयरों में बिकवाली ने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर खासा असर डाला।
इसके अलावा Nifty PSU Bank में भी 1 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली। दूसरी ओर ऑटो सेक्टर में हल्की मजबूती रही। प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भी दबाव दिखाई दिया।
कुल मिलाकर चुनिंदा सेक्टर्स को छोड़कर ज्यादातर प्रमुख निफ्टी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
निवेशकों की दौलत ₹2.77 लाख करोड़ घटी
शेयर बाजार में आई गिरावट का सीधा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर पड़ा। 17 अगस्त 2026 को BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4,93,54,909.78 करोड़ था।
18 अगस्त को कारोबार खत्म होने के बाद यह घटकर ₹4,90,77,822.78 करोड़ रह गया। इस तरह एक ही कारोबारी सत्र में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹2,77,087.01 करोड़ यानी ₹2.77 लाख करोड़ की कमी आई।
यानी आज की बिकवाली में बाजार में निवेशकों की कुल संपत्ति का बड़ा हिस्सा कम हो गया।
सेंसेक्स के 8 शेयरों में रही तेजी
सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 8 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि बाकी शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा।
आज के कारोबार में Axis Bank, Power Grid और M&M प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में रहे। वहीं Asian Paints, HCL Tech और Infosys में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली।
खास तौर पर IT से जुड़े HCL Tech और Infosys में गिरावट ने इंडेक्स पर दबाव बढ़ाया।
4,530 शेयरों में हुई ट्रेडिंग
BSE पर आज कुल 4,530 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें से 1,930 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,384 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं 216 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बाजार में कुछ शेयरों ने नया 52-वीक हाई भी बनाया। आज 180 शेयर अपने एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचे, जबकि 91 शेयर 52-वीक लो पर आ गए।
इसके अलावा 6 शेयर अपर सर्किट पर पहुंचे, जबकि 42 शेयर लोअर सर्किट में बंद हुए।
ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला रुख
बड़े शेयरों में कमजोरी के बावजूद व्यापक बाजार में तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं रही। Nifty Midcap 100 करीब आधा फीसदी कमजोर हुआ, जबकि Nifty Smallcap 100 लगभग सपाट बंद हुआ।
इससे संकेत मिलता है कि आज की गिरावट का बड़ा दबाव चुनिंदा लार्जकैप और खासकर IT शेयरों में देखने को मिला।
क्यों दबाव में रहा बाजार?
बाजार की कमजोरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारकों का असर रहा। एशियाई बाजारों में कमजोर सेंटीमेंट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। इसके अलावा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान से जुड़े बयान के बाद भू-राजनीतिक तनाव को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी।
दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी बाजार के मूड को प्रभावित किया। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत से जुड़े जोखिम बढ़ा सकता है।
इन चिंताओं के बीच IT और PSU बैंक शेयरों में बिकवाली ने बाजार की गिरावट को और गहरा किया।
निवेशकों के लिए आगे क्या अहम?
लगातार छह कारोबारी सत्र की गिरावट के बाद अब निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्र में निफ्टी और सेंसेक्स के प्रदर्शन पर रहेगी। खासतौर पर IT शेयरों में बिकवाली का रुख, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक बाजारों के संकेत बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच केवल एक दिन की गिरावट या तेजी देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन और अपने जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखकर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता है।


