Noida Elevated Expressway: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के बाद दिल्ली-नोएडा से जेवर की ओर बढ़ने वाले ट्रैफिक को संभालने के लिए एक बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर की योजना में बदलाव किया गया है। यमुना पुश्ता रोड के किनारे प्रस्तावित यह आठ-लेन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे अब पहले से करीब 19 किलोमीटर लंबा होगा। नया अलाइनमेंट सेक्टर-94 में ओखला बैराज के पास से शुरू होकर YEIDA के सेक्टर-23C तक जाएगा। यहां से इसे फरीदाबाद-जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है।
31 KM से बढ़कर 50 KM हुआ एक्सप्रेसवे
शुरुआत में यमुना पुश्ता एलिवेटेड एक्सप्रेसवे को करीब 31 किलोमीटर लंबा बनाने का प्रस्ताव था। इसका रूट ग्रेटर नोएडा के Chi IV में गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के पास समाप्त होना था, जहां से इसे यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना थी।
अब नए अलाइनमेंट के तहत इस कॉरिडोर को Chi IV से आगे बढ़ाकर करीब 50 किलोमीटर कर दिया गया है। इसका मतलब है कि प्रस्तावित रूट में लगभग 19 किलोमीटर की अतिरिक्त लंबाई जुड़ गई है। नए प्लान में घरभारा, मुरसदपुर और YEIDA के सेक्टर 27, 26, 24, 24A और 23C को भी शामिल किया गया है।
ओखला बैराज से शुरू होगा रूट
नया एलिवेटेड एक्सप्रेसवे सेक्टर-94 में ओखला बैराज के पास से शुरू होगा। इसके बाद यह यमुना तटबंध के समानांतर आगे बढ़ेगा और कई प्रमुख नोएडा सेक्टरों से होकर गुजरेगा।
प्रस्तावित रूट में सेक्टर 95, 125, 126, 127, 128, 129, 130, 131, 132, 133, 134 और 135 शामिल हैं। इस इलाके में कई कॉरपोरेट ऑफिस, प्रीमियम रिहायशी क्षेत्र और गांव आते हैं। ऐसे में नया कॉरिडोर नोएडा के दक्षिणी हिस्से से ग्रेटर नोएडा और जेवर की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध करा सकता है।
एयरपोर्ट के करीब पहुंचेगा एक्सप्रेसवे
नए अलाइनमेंट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एलिवेटेड रोड को YEIDA सेक्टर-23C तक ले जाने की योजना बनाई गई है। यह जगह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लगभग 3 से 5 किलोमीटर की दूरी पर बताई जा रही है।
सेक्टर-23C में करीब 700 एकड़ क्षेत्र में मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित करने का भी प्रस्ताव है। ऐसे में इस एलिवेटेड कॉरिडोर को एयरपोर्ट के आसपास विकसित होने वाले भविष्य के परिवहन नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
NHAI तैयार करेगा DPR
नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए NHAI करीब 4,000 करोड़ रुपये के एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेसवे की विस्तृत योजना के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी NHAI को दी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, नोएडा एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन शुरू होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में यातायात का दबाव तेजी से बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुराने अलाइनमेंट को बदलकर एक्सप्रेसवे को एयरपोर्ट के ज्यादा करीब ले जाने का फैसला किया गया है।
DND तक ले जाने की योजना पर भी हुई चर्चा
यमुना पुश्ता एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव पहली बार सितंबर 2024 में सामने आया था। उस समय नोएडा अथॉरिटी ने नोएडा एक्सप्रेसवे के विकल्प के तौर पर इस कॉरिडोर को नेशनल हाईवे का दर्जा देने की मांग की थी।
इसके बाद कई बार इसके अलाइनमेंट और फिजिबिलिटी प्लान में बदलाव हुए। जुलाई में NHAI के कंसल्टेंट ने इसे DND फ्लाईवे से शुरू करने का विकल्प भी सुझाया था। इससे शुरुआती 31 किलोमीटर के रूट में करीब 5 किलोमीटर और जुड़ने की संभावना थी।
हालांकि, DND तक कॉरिडोर ले जाने के रास्ते में ओखला बर्ड सैंक्चुअरी और दलित प्रेरणा स्थल जैसे महत्वपूर्ण स्थान आने के कारण इस विकल्प को आगे नहीं बढ़ाया गया।
चिल्ला एलिवेटेड रोड से भी जुड़ेगा नेटवर्क
नोएडा में पहले से चल रहे चिल्ला एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट को भी इस पूरे नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। करीब 5.5 किलोमीटर लंबा छह-लेन वाला चिल्ला एलिवेटेड रोड मयूर विहार के पास चिल्ला रेगुलेटर को महामाया फ्लाईओवर से जोड़ेगा।
इस प्रोजेक्ट का करीब 55 फीसदी काम पूरा होने की जानकारी दी गई है और इसके जुलाई 2027 तक चालू होने की उम्मीद है। चूंकि चिल्ला एलिवेटेड रोड महामाया फ्लाईओवर के पास समाप्त होगा, इसलिए इसे प्रस्तावित यमुना पुश्ता एलिवेटेड कॉरिडोर से जोड़ने के लिए करीब 1.4 किलोमीटर लंबी अतिरिक्त एलिवेटेड लिंक रोड बनाने की भी योजना है।
दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक आसान होगा सफर
अगर प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेसवे, चिल्ला एलिवेटेड रोड और लिंक रोड योजनाएं पूरी होती हैं, तो इनसे मिलकर नोएडा एक्सप्रेसवे के लिए एक वैकल्पिक हाई-स्पीड नेटवर्क तैयार हो सकता है।
इससे दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट के बीच सफर करने वाले यात्रियों को मौजूदा मुख्य मार्गों के अलावा एक नया विकल्प मिल सकता है। खासतौर पर नोएडा एयरपोर्ट पर हवाई सेवाओं का विस्तार होने के बाद इस वैकल्पिक कॉरिडोर की उपयोगिता और बढ़ने की उम्मीद है।
फरीदाबाद-जेवर एक्सप्रेसवे भी बनेगा अहम कड़ी
नोएडा एयरपोर्ट को आसपास के शहरों से जोड़ने के लिए फरीदाबाद-जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भी महत्वपूर्ण परियोजना है। करीब 31 किलोमीटर लंबा छह-लेन एक्सप्रेसवे फरीदाबाद के सेक्टर-65 को नोएडा एयरपोर्ट के पास दयानतपुर गांव से जोड़ेगा।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। यमुना पुश्ता एलिवेटेड एक्सप्रेसवे को सेक्टर-23C के पास इस कॉरिडोर से जोड़ने की योजना बनने से दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों से एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए एक नया कनेक्टिविटी नेटवर्क तैयार हो सकता है।
क्या बदलेगा?
कुल मिलाकर, 31 किलोमीटर से बढ़ाकर करीब 50 किलोमीटर किए गए यमुना पुश्ता एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का उद्देश्य नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के साथ-साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जेवर एयरपोर्ट से बेहतर तरीके से जोड़ना है। हालांकि, परियोजना का अंतिम अलाइनमेंट, लागत, निर्माण की समयसीमा और अन्य तकनीकी पहलू DPR तथा आगे की मंजूरियों के बाद स्पष्ट होंगे।


