Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन में देश के कई हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। झारखंड और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों पर बना डिप्रेशन अब मौसम को तेजी से प्रभावित कर रहा है। इसके कारण उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उठा डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़कर झारखंड और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच गया है। इसके अगले 24 घंटे में झारखंड और बिहार के ऊपर से आगे बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है।
इसके अलावा उत्तर हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पंजाब के आसपास ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। मानसूनी ट्रफ भी सामान्य स्थिति के आसपास सक्रिय है। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है।
दक्षिण-पूर्वी यूपी, पूर्वी MP और झारखंड में सबसे ज्यादा असर
IMD ने दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड के कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। वहीं उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड में 18 अगस्त को बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश का खतरा है।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
IMD के अनुसार, पिछले 24 घंटे में भी देश के कई हिस्सों में मानसून काफी सक्रिय रहा। उत्तराखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 21 सेमी से अधिक की अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा छत्तीसगढ़, असम और मेघालय, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड हुई।
कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में भी 7 से 11 सेमी तक बारिश दर्ज की गई।
यूपी और उत्तर भारत में कब तक रहेगा बारिश का दौर?
उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में 18 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 अगस्त, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 और 20 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में भी अलग-अलग दिनों में तेज बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
उत्तराखंड में 18 से 24 अगस्त तक गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
MP और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का अलर्ट
मध्य भारत में भी मानसून की सक्रियता बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 20 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। वहीं छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 18 से 22 अगस्त के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
बारिश के दौरान बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है।
झारखंड और ओडिशा में तेज हवाओं के साथ बारिश
झारखंड में 18 अगस्त को भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। IMD के अनुसार, यहां हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है।
ओडिशा में भी 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 से 20 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों में 24 अगस्त तक बारिश
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। असम और मेघालय में 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18 से 24 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
इन राज्यों में लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों का क्या हाल?
पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 18 से 24 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कई हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 18 और 19 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।
इन इलाकों में हवा के झोंकों की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी दी गई है।
अगले 48 घंटे क्यों हैं अहम?
मौसम विभाग के मुताबिक मौजूदा डिप्रेशन के कारण पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियां काफी बढ़ सकती हैं। इसका असर धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में भी दिखाई देगा।
खास तौर पर 18 और 19 अगस्त को दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और पूर्वी-मध्य भारत के कुछ हिस्सों में अत्यधिक बारिश का खतरा है। वहीं अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत, पूर्वोत्तर, पश्चिमी तट और दक्षिण भारत के कई राज्यों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है।
भारी बारिश के दौरान लोगों को नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जाती है।
डिस्क्लेमर: मौसम से जुड़ी परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। किसी भी यात्रा या बाहरी गतिविधि की योजना बनाने से पहले IMD और स्थानीय प्रशासन की ताजा चेतावनी जरूर देखें।


