तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने किसानों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। विधानसभा में नियम 110 के तहत घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ₹75,000 तक के सहकारी कृषि ऋण को पूरी तरह माफ किया जाएगा। इसके अलावा ₹75,000 से ₹1 लाख तक के कृषि ऋण पर भी अधिकतम ₹75,000 तक की राहत दी जाएगी। वहीं, ₹1 लाख से अधिक के ऋण पर अधिकतम ₹35,000 तक की छूट देने का फैसला किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत किए बिना राज्य और देश की प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, इसके बावजूद सरकार ने किसानों को अतिरिक्त राहत देने का फैसला किया है।
किसानों के लिए ₹953.06 करोड़ की अतिरिक्त राहत
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के मुताबिक, इस नई घोषणा के तहत सरकार किसानों को कुल ₹953.06 करोड़ की अतिरिक्त सहायता देगी। इससे 1.38 लाख से अधिक किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने मई में सत्ता संभालने के 15 दिनों के भीतर ही ₹50,000 तक के कृषि ऋण माफ किए थे। इसके बाद किसानों से मिले सुझावों और कृषि संगठनों के साथ चर्चा के आधार पर कर्ज राहत का दायरा बढ़ाने का फैसला किया गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, 7 अगस्त 2026 को कृषि संगठनों के साथ हुई बातचीत के बाद किसानों को अतिरिक्त राहत देने का निर्णय लिया गया।
किस किसान को कितनी राहत मिलेगी?
सरकार की घोषणा के मुताबिक किसानों के लिए कर्ज राहत का ढांचा इस तरह है:
| कृषि ऋण | मिलने वाली राहत |
|---|---|
| ₹75,000 तक | पूरा कृषि ऋण माफ |
| ₹75,000 से ₹1 लाख तक | अधिकतम ₹75,000 तक की राहत |
| ₹1 लाख से अधिक | अधिकतम ₹35,000 तक की छूट |
इसका मतलब है कि जिन किसानों का पात्र सहकारी कृषि ऋण ₹75,000 तक है, उन्हें पूरा कर्ज चुकाने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, ₹75,000 से अधिक लेकिन ₹1 लाख तक के ऋण वाले किसानों को अधिकतम ₹75,000 की राहत मिलेगी। ₹1 लाख से ज्यादा के ऋण पर अधिकतम ₹35,000 की छूट का प्रावधान किया गया है।
पहले भी 14.44 लाख किसानों को मिला था फायदा
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि पहले सरकार की ओर से दी गई कृषि ऋण राहत से 14.44 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिला था। अब नई घोषणा के बाद अतिरिक्त रूप से 1.38 लाख से ज्यादा किसानों को राहत मिलने की बात कही गई है।
सरकार के मुताबिक, नई राहत के बाद किसानों को दी जाने वाली कुल ऋण राहत की राशि बढ़कर करीब ₹6,220 करोड़ हो जाएगी और इससे किसानों पर कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिलेगी।
आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार का फैसला
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि तमिलनाडु इस समय आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसके बावजूद सरकार ने किसानों के हित में यह अतिरिक्त राहत देने का फैसला किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय भारतीय रिजर्व बैंक के उन दिशा-निर्देशों के बीच लिया गया है, जिनमें सहकारी बैंकों के ऋण के समय पर निपटारे पर जोर दिया गया है। सरकार का कहना है कि किसानों की स्थिति को देखते हुए उन्हें राहत देना प्राथमिकता है।
किसानों के लिए क्यों अहम है यह घोषणा?
कृषि ऋण माफी से छोटे और सीमांत किसानों को सीधे राहत मिल सकती है। खेती की लागत, मौसम से जुड़ी अनिश्चितता और फसल से होने वाली आय में उतार-चढ़ाव के बीच कर्ज का बोझ किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। ऐसे में ₹75,000 तक के पात्र सहकारी कृषि ऋण की पूर्ण माफी और अन्य ऋण श्रेणियों में छूट से हजारों किसानों की वित्तीय स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।
हालांकि, किसानों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कर्ज राहत किन-किन ऋणों पर लागू होगी और पात्रता की अंतिम शर्तें क्या होंगी, इसकी जानकारी संबंधित सरकारी आदेश और सहकारी संस्थाओं की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष
तमिलनाडु सरकार की नई घोषणा किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। ₹75,000 तक के सहकारी कृषि ऋण की पूरी माफी, ₹75,000 से ₹1 लाख तक के ऋण पर ₹75,000 तक की राहत और ₹1 लाख से अधिक के ऋण पर ₹35,000 तक की छूट का प्रावधान किया गया है। सरकार के अनुसार इस अतिरिक्त राहत पर करीब ₹953.06 करोड़ खर्च होंगे और 1.38 लाख से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिलेगा।


