Buzzing Stocks: शेयर बाजार में आज कुछ चुनिंदा स्टॉक्स में तेज हलचल देखने को मिली। मेटल शेयरों में खासकर कॉपर से जुड़े शेयरों में जोरदार खरीदारी रही। हिंदुस्तान कॉपर करीब 7 फीसदी की तेजी के साथ आज के प्रमुख बज़िंग स्टॉक्स में शामिल रहा। दूसरी ओर, कैपिटल मार्केट शेयरों में रिकवरी के बावजूद जेफरीज के डाउनग्रेड के बाद BSE के शेयर पर दबाव देखने को मिला। वहीं, कमजोर Q1 नतीजों के बाद जैगल प्रीपेड टेक्नोलॉजीज का शेयर 20 फीसदी के लोअर सर्किट पर पहुंच गया।
हिंदुस्तान कॉपर में क्यों आई तेजी?
हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में तेजी की प्रमुख वजह इंटरनेशनल मार्केट में कॉपर की कीमतों में मजबूती को माना जा रहा है। चीन में कॉपर प्रोडक्शन पर दबाव और कच्चे माल की उपलब्धता को लेकर चिंता ने भी कॉपर की सप्लाई को लेकर बाजार की चिंता बढ़ाई है।
अगस्त में चीन का रिफाइंड कॉपर आउटपुट करीब 1.05 मिलियन टन रहने का अनुमान है। यह पिछले महीने की तुलना में करीब 2.83 फीसदी कम हो सकता है। जुलाई में भी चीन का आउटपुट 3.18 फीसदी घटकर करीब 1.05 करोड़ टन रहा था।
इधर, लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर कॉपर के फ्रंट-मंथ स्प्रेड में करीब 370 डॉलर प्रति टन का प्रीमियम देखने को मिला है। यह 2021 के सप्लाई संकट के बाद सबसे बड़ा वन-मंथ प्रीमियम बताया जा रहा है। इसके अलावा LME कॉपर इन्वेंट्री में लगातार 42 दिनों से गिरावट का रुझान बना हुआ है।
कम होते स्टॉक और सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता से कॉपर की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है। इसका सकारात्मक असर कॉपर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर भी दिखाई दे रहा है।
हिंदुस्तान कॉपर पर निवेशकों की नजर क्यों?
हिंदुस्तान कॉपर भारत की फुली इंटीग्रेटेड कॉपर कंपनियों में शामिल है। कंपनी आने वाले समय में अपना प्रोडक्शन 4 MT से बढ़ाकर 12 MT करने की योजना पर काम कर रही है।
कंपनी ने FY27 में करीब 600 करोड़ रुपये के कैपेक्स का प्लान बनाया है। वहीं FY28 में करीब 1,000 करोड़ रुपये का कैपेक्स करने की योजना है।
कंपनी के हालिया प्रदर्शन की बात करें तो Q1 में मार्जिन करीब 41 फीसदी से बढ़कर 54 फीसदी हो गया। इसी अवधि में कंपनी का PAT यानी टैक्स के बाद मुनाफा 134 करोड़ रुपये से बढ़कर 353 करोड़ रुपये रहा। मुनाफे में इस मजबूत वृद्धि ने भी शेयर को लेकर निवेशकों की धारणा को सपोर्ट किया है।
BSE के शेयर में क्यों दिखी कमजोरी?
आज कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों में व्यापक रिकवरी देखने को मिली, लेकिन BSE के शेयर में कमजोरी बनी रही। जेफरीज की रिपोर्ट के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा और इसमें लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली।
ब्रोकरेज की रिपोर्ट में कंपनी के शेयर को लेकर कई अहम चिंताएं जाहिर की गई हैं, जिनका असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा है।
BSE पर जेफरीज ने क्यों किया डाउनग्रेड?
जेफरीज ने BSE के शेयर की रेटिंग को Hold से घटाकर Underperform कर दिया है। इसके साथ ही ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस 3,520 रुपये से घटाकर 2,940 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। मौजूदा स्तरों से करीब 16 फीसदी डाउनसाइड का अनुमान जताया गया है।
जेफरीज ने FY27-FY29 के EPS अनुमान में भी करीब 5-12 फीसदी की कटौती की है। ब्रोकरेज की सबसे बड़ी चिंता घरेलू प्रॉप ट्रेडर्स से होने वाली कमाई पर संभावित दबाव को लेकर है।
घरेलू प्रॉप ट्रेडर्स BSE के करीब 50 फीसदी नॉशनल टर्नओवर में योगदान करते हैं। ऐसे में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT में बढ़ोतरी को भी कंपनी के कारोबार के लिए नकारात्मक माना गया है।
इसके अलावा RBI के बैंक गारंटी से जुड़े नियमों को भी ब्रोकरेज ने नकारात्मक संकेत बताया है। अगस्त में ऑप्शंस का एवरेज डेली टर्नओवर जुलाई की तुलना में करीब 12 फीसदी कम रहने की बात कही गई है।
जेफरीज के मुताबिक T+0 और T+1 सेगमेंट को छोड़कर मार्केट शेयर में बढ़ोतरी की रफ्तार आगे धीमी पड़ सकती है।
हालांकि, बाजार की राय पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। उपलब्ध ब्रोकरेज कवरेज में 18 में से 11 एनालिस्ट की राय Buy है। वहीं, Bloomberg का औसत टारगेट करीब 4,014 रुपये प्रति शेयर बताया गया है, जो जेफरीज के 2,940 रुपये के लक्ष्य से काफी ऊपर है।
जैगल प्रीपेड का शेयर 20% लोअर सर्किट पर
जैगल प्रीपेड टेक्नोलॉजीज के शेयर में आज भारी बिकवाली देखने को मिली। कंपनी के Q1 नतीजे बाजार की उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहने के बाद शेयर सुबह से ही 20 फीसदी के लोअर सर्किट पर रहा।
स्टॉक के हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो यह 5 दिनों में करीब 22 फीसदी, एक महीने में 23 फीसदी, 6 महीने में 38 फीसदी और एक साल में करीब 61 फीसदी टूट चुका है।
कमजोर शेयर प्रदर्शन के बावजूद कंपनी ने अपनी FY27 ग्रोथ गाइडेंस को बरकरार रखा है।
जैगल प्रीपेड की FY27 गाइडेंस क्या है?
कंपनी के PROPEL बिजनेस का रेवेन्यू करीब 42.5 फीसदी बढ़ा है। इसके अलावा DICE कॉन्ट्रैक्ट से Q2 में रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।
FY27 के लिए कंपनी ने अपनी रेवेन्यू गाइडेंस में कोई बदलाव नहीं किया है। कंपनी को उम्मीद है कि FY27 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू ग्रोथ करीब 25-30 फीसदी रह सकती है।
वहीं, कंसोलिडेटेड आधार पर FY27 में रेवेन्यू ग्रोथ करीब 40 फीसदी रहने का अनुमान है। हालांकि, कमजोर Q1 नतीजों के कारण फिलहाल बाजार का फोकस कंपनी की आगे की ग्रोथ और मार्जिन प्रदर्शन पर रहेगा।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
आज के Buzzing Stocks में हिंदुस्तान कॉपर, BSE और जैगल प्रीपेड तीन अलग-अलग वजहों से चर्चा में रहे। कॉपर की अंतरराष्ट्रीय कीमतों और सप्लाई से जुड़ी चिंताओं ने हिंदुस्तान कॉपर को सपोर्ट दिया है। दूसरी ओर, जेफरीज के डाउनग्रेड के बाद BSE में दबाव देखने को मिला। जैगल प्रीपेड में कमजोर Q1 नतीजों ने बिकवाली बढ़ा दी।
इन शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को केवल एक दिन की तेजी या गिरावट के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन, आगे की ग्रोथ और जोखिमों का आकलन करने के बाद ही निवेश संबंधी निर्णय लेना बेहतर है।
डिस्क्लेमर: newsjagran.in पर दी गई जानकारी बाजार रिपोर्ट्स और उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


