CSK New Coach: चेन्नई सुपर किंग्स और स्टीफन फ्लेमिंग का करीब 18 साल पुराना साथ खत्म हो चुका है। फ्लेमिंग के जाने के बाद अब CSK नए हेड कोच की तलाश में है। इस बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर और चयनकर्ता क्रिस श्रीकांत ने टीम के अगले कोच को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने माइकल हसी को नए हेड कोच के लिए बेहतर विकल्प बताया है। साथ ही श्रीकांत ने कहा कि नए कोच का फैसला करने से पहले यह स्पष्ट होना जरूरी है कि आने वाले समय में एमएस धोनी की टीम में क्या भूमिका होगी।
फ्लेमिंग के कार्यकाल में CSK ने जीती 5 ट्रॉफी
स्टीफन फ्लेमिंग और चेन्नई सुपर किंग्स का रिश्ता आईपीएल इतिहास के सबसे सफल कोच-टीम संयोजनों में गिना जाता है। न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान फ्लेमिंग ने करीब 18 सीजन तक CSK के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली। उनके कार्यकाल में टीम ने पांच बार आईपीएल का खिताब अपने नाम किया।
फ्लेमिंग की कोचिंग में CSK ने लंबे समय तक निरंतर प्रदर्शन किया और फ्रेंचाइजी को आईपीएल की सबसे सफल टीमों में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। ऐसे में उनके जाने के बाद नए कोच की नियुक्ति CSK के लिए एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।
मॉर्गन के नाम पर क्रिस श्रीकांत ने जताई असहमति
फ्लेमिंग के संभावित रिप्लेसमेंट के तौर पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान इयोन मॉर्गन का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, क्रिस श्रीकांत ने मॉर्गन को CSK के अगले हेड कोच के तौर पर अपनी पसंद नहीं बताया।
अपने यूट्यूब चैनल पर श्रीकांत ने मॉर्गन की कप्तानी और खिलाड़ी के तौर पर उपलब्धियों को स्वीकार करते हुए कहा कि वह उन्हें कोचिंग की भूमिका के लिए सही विकल्प नहीं मानते। उन्होंने यहां तक कहा कि मॉर्गन के लिए कमेंट्री करना ज्यादा बेहतर रहेगा।
श्रीकांत की राय के मुताबिक, CSK को नए कोच के लिए केवल बड़े नाम पर निर्भर रहने के बजाय ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदारी देनी चाहिए जो पहले से टीम की कार्यप्रणाली और माहौल को अच्छी तरह समझता हो।
माइकल हसी को बनाना चाहिए हेड कोच
क्रिस श्रीकांत ने स्टीफन फ्लेमिंग की जगह माइकल हसी को CSK का अगला मुख्य कोच बनाए जाने का समर्थन किया है। हसी पहले से ही चेन्नई सुपर किंग्स के कोचिंग सेटअप का हिस्सा हैं और बल्लेबाजी कोच के रूप में टीम के साथ काम कर चुके हैं।
श्रीकांत का मानना है कि हसी को टीम की संरचना, खिलाड़ियों और CSK की क्रिकेट संस्कृति की अच्छी समझ है। ऐसे में फ्रेंचाइजी को बाहर से किसी नए व्यक्ति को लाने के बजाय अपने मौजूदा कोचिंग स्टाफ में मौजूद अनुभवी विकल्प पर भरोसा करना चाहिए।
हसी का टीम के साथ पुराना जुड़ाव भी उनके पक्ष में जाता है। वह CSK के लिए बतौर खिलाड़ी भी खेल चुके हैं और बाद में कोचिंग स्टाफ का हिस्सा बने। इसलिए ड्रेसिंग रूम और फ्रेंचाइजी की कार्यशैली से उनकी परिचितता नए कोच के तौर पर उनके लिए फायदेमंद हो सकती है।
धोनी की भूमिका तय करना क्यों जरूरी?
क्रिस श्रीकांत की टिप्पणी का सबसे अहम हिस्सा एमएस धोनी की भविष्य की भूमिका को लेकर है। उनका कहना है कि CSK को नए हेड कोच पर फैसला लेने से पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि आने वाले समय में धोनी टीम के साथ किस भूमिका में रहेंगे।
धोनी लंबे समय से CSK की रणनीति और टीम संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। ऐसे में अगर उनकी भूमिका में बदलाव होता है या वह किसी अलग जिम्मेदारी में नजर आते हैं, तो नए कोच की प्रोफाइल और काम करने का तरीका भी उसी हिसाब से तय किया जा सकता है।
यही वजह है कि श्रीकांत के मुताबिक धोनी की भूमिका स्पष्ट होने के बाद कोच के चयन को लेकर फ्रेंचाइजी के लिए फैसला लेना आसान होगा।
CSK के सामने बड़ी चुनौती
फ्लेमिंग जैसे लंबे समय तक सफल रहे कोच के जाने के बाद CSK के सामने सबसे बड़ी चुनौती टीम की पुरानी क्रिकेट संस्कृति और निरंतरता को बनाए रखना होगी। नए कोच को न सिर्फ खिलाड़ियों के साथ तालमेल बैठाना होगा, बल्कि फ्रेंचाइजी की रणनीतिक सोच के साथ भी खुद को जोड़ना होगा।
ऐसे में माइकल हसी जैसे अंदरूनी विकल्प को जिम्मेदारी देना CSK के लिए अपेक्षाकृत सहज रास्ता हो सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला फ्रेंचाइजी को ही लेना है और उससे पहले धोनी की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, CSK के नए हेड कोच का चयन सिर्फ फ्लेमिंग के उत्तराधिकारी की तलाश नहीं है, बल्कि यह टीम के अगले दौर की दिशा तय करने वाला फैसला भी हो सकता है। इसी कारण धोनी की भूमिका और नए कोच का चुनाव आपस में जुड़े हुए नजर आ रहे हैं।


