बिहारी लाल इंजीनियरिंग IPO ने शेयर बाजार में जबरदस्त हलचल मचा दी है। करीब 302 करोड़ रुपये के इस आईपीओ को आखिरी दिन 118.07 गुना सब्सक्राइब किया गया। यानी बिक्री के लिए रखे गए शेयरों की तुलना में निवेशकों ने 118 गुना से ज्यादा मांग दिखाई। कुल 74.12 लाख शेयरों के मुकाबले करीब 80.38 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं।
सब्सक्रिप्शन के साथ-साथ कंपनी के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी निवेशकों का ध्यान खींच रहा है। मौजूदा GMP करीब 83 रुपये बताया जा रहा है। कंपनी का ऊपरी प्राइस बैंड 285 रुपये है। इस हिसाब से GMP के आधार पर अनुमानित लिस्टिंग प्राइस करीब 368 रुपये बनता है। यानी मौजूदा GMP के आधार पर करीब 29% प्रीमियम पर लिस्टिंग का संकेत मिल रहा है।
हालांकि, GMP अनऑफिशियल इंडिकेटर है और यह वास्तविक लिस्टिंग प्राइस या मुनाफे की गारंटी नहीं देता।
आखिरी दिन 118 गुना के पार पहुंचा सब्सक्रिप्शन
बिहारी लाल इंजीनियरिंग IPO को शुरुआत से ही निवेशकों की मजबूत प्रतिक्रिया मिली। दूसरे दिन तक इश्यू 8.47 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। उस समय रिटेल निवेशकों की कैटेगरी 9.52 गुना सब्सक्राइब हुई थी।
तीसरे और आखिरी दिन निवेशकों की भारी भागीदारी देखने को मिली और कुल सब्सक्रिप्शन 118.07 गुना तक पहुंच गया। कैटेगरी के हिसाब से देखें तो QIB हिस्सा 222.04 गुना, NII हिस्सा 167.95 गुना और रिटेल हिस्सा 54.12 गुना सब्सक्राइब हुआ।
कुल 74.12 लाख शेयरों के मुकाबले करीब 80.38 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई गई। QIB कैटेगरी में 20.36 लाख, NII में 16.12 लाख और रिटेल कैटेगरी में 37.63 लाख शेयरों के लिए बोलियां आईं।
83 रुपये का GMP, 368 रुपये की अनुमानित लिस्टिंग
आईपीओ का ऊपरी प्राइस बैंड 285 रुपये प्रति शेयर है। वहीं ग्रे मार्केट में शेयर करीब 83 रुपये के GMP पर कारोबार कर रहा है। इस आधार पर संभावित लिस्टिंग प्राइस:
285 रुपये + 83 रुपये = 368 रुपये
यानी अगर लिस्टिंग तक GMP करीब 83 रुपये बना रहता है, तो 285 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले शेयर लगभग 29% प्रीमियम पर सूचीबद्ध हो सकता है।
लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि ग्रे मार्केट आधिकारिक बाजार का हिस्सा नहीं है। GMP बाजार की धारणा का एक अनौपचारिक संकेत भर है। लिस्टिंग वाले दिन मांग, बाजार की दिशा और निवेशकों की धारणा के आधार पर वास्तविक कीमत इससे अलग हो सकती है।
302 करोड़ रुपये का है IPO
बिहारी लाल इंजीनियरिंग IPO का कुल आकार करीब 302 करोड़ रुपये है। इसमें लगभग 93 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और करीब 209 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल है। OFS के तहत लगभग 73.20 लाख इक्विटी शेयर बेचे गए।
कंपनी ने आईपीओ के लिए 271 रुपये से 285 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था।
इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से करीब 90.48 करोड़ रुपये जुटाए थे। एंकर निवेशकों को 285 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर 31.75 लाख इक्विटी शेयर आवंटित किए गए। एंकर बुक में टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस, पाइनब्रिज ग्लोबल फंड्स, एमिकॉर्प कैपिटल (मॉरीशस), व्हाइटओक कैपिटल और बंधन म्यूचुअल फंड जैसे निवेशक शामिल रहे।
17 अगस्त को अलॉटमेंट, 19 अगस्त को लिस्टिंग
बिहारी लाल इंजीनियरिंग IPO के शेयरों का अलॉटमेंट 17 अगस्त 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद शेयरों की लिस्टिंग 19 अगस्त 2026 को NSE और BSE पर संभावित है।
इश्यू के बुक-रनिंग लीड मैनेजर की जिम्मेदारी एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के पास है, जबकि एमयूएफजी इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड आईपीओ का रजिस्ट्रार है।
जिन निवेशकों ने आईपीओ में आवेदन किया है, वे अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद रजिस्ट्रार या संबंधित स्टॉक एक्सचेंज की वेबसाइट पर अपना स्टेटस चेक कर सकेंगे।
IPO से मिले पैसे का इस्तेमाल कहां होगा?
कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपनी मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं को मजबूत करने में करेगी। इसमें नए उपकरण और मशीनरी खरीदना और उनकी स्थापना शामिल है।
कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में जरूरी सिविल वर्क पर भी पैसा खर्च करेगी। इसके अलावा दोनों मौजूदा विनिर्माण सुविधाओं में रूफटॉप सोलर पैनल लगाने की योजना है।
आईपीओ से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा कुछ कर्जों के भुगतान या समय से पहले भुगतान और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा।
ब्रोकरेज की क्या है राय?
बिहारी लाल इंजीनियरिंग IPO को लेकर ब्रोकरेज हाउसों का रुख भी सकारात्मक रहा है। आनंद राठी ने कंपनी के आईपीओ को ‘सब्सक्राइब-लॉन्ग टर्म’ रेटिंग दी थी। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी का वैल्यूएशन उचित दिखाई देता है।
ब्रोकरेज ने कंपनी की इन-हाउस इंजीनियरिंग, डिजाइन और मटेरियल डेवलपमेंट क्षमता को प्रमुख ताकतों में गिना है। कंपनी गुणवत्ता नियंत्रण और ग्राहक योग्यता की प्रक्रियाओं पर भी जोर देती है।
एसबीआई सिक्योरिटीज ने भी आईपीओ में निवेश की सलाह दी थी। ब्रोकरेज के अनुसार कंपनी भारत की प्रमुख मेटल रोल निर्माता कंपनियों में शामिल है और फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मौजूदा प्लांट्स में कैपेक्स के साथ-साथ विस्तार के लिए कर रही है।
कंपनी की रणनीति ज्यादा वैल्यू वाले उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने की है। नई उत्पादन क्षमता और बेहतर उत्पाद मिश्रण से भविष्य में कारोबार के पैमाने और मार्जिन में सुधार की उम्मीद जताई गई है।
पंजाब में दो प्लांट, तीसरी फैक्ट्री पर काम
बिहारी लाल इंजीनियरिंग की मौजूदा दो मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में हैं। कंपनी ने फतेहगढ़ साहिब जिले में अपनी तीसरी विनिर्माण सुविधा का निर्माण भी शुरू किया है।
कंपनी स्टील, पावर और हैवी इंजीनियरिंग जैसे उद्योगों के लिए मेटल रोल, इंजीनियरिंग कास्टिंग, अलॉय स्टील उत्पाद और फोर्जिंग इंगॉट्स बनाती है।
कंपनी की विस्तार योजना, तीसरी फैक्ट्री, नए उपकरणों में निवेश और ज्यादा वैल्यू वाले उत्पादों पर फोकस ने निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ाई है। यही वजह है कि आईपीओ को 118 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला है और GMP भी मजबूत बना हुआ है।
क्या 19 अगस्त को मिलेगा GMP जैसा रिटर्न?
बिहारी लाल इंजीनियरिंग IPO की कहानी फिलहाल मजबूत सब्सक्रिप्शन और सकारात्मक GMP के कारण आकर्षक नजर आ रही है। 285 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड के मुकाबले 83 रुपये का GMP करीब 29% संभावित प्रीमियम का संकेत देता है।
लेकिन निवेशकों को केवल GMP देखकर लिस्टिंग गेन का अनुमान नहीं लगाना चाहिए। बाजार की स्थिति, लिस्टिंग के समय मांग और कंपनी के शेयर में वास्तविक खरीदारी इसके प्रदर्शन को प्रभावित करेगी।
अब निवेशकों की नजर 17 अगस्त के अलॉटमेंट और 19 अगस्त की संभावित लिस्टिंग पर है। असली तस्वीर लिस्टिंग के दिन ही साफ होगी कि ग्रे मार्केट का उत्साह वास्तविक बाजार में कितना कायम रहता है।
अस्वीकरण: विशेषज्ञों द्वारा दी गई सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं। ये NewsJagran.in के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


