Skyways Air IPO: स्काईवेज एयर सर्विसेज लिमिटेड का ₹582.8 करोड़ का आईपीओ 24 अगस्त 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। कंपनी ने इश्यू का प्राइस बैंड ₹131 से ₹138 प्रति शेयर तय किया है। प्राइस बैंड की घोषणा के बाद ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ को लेकर गतिविधियां बढ़ गई हैं। बाजार सूत्रों के मुताबिक, Skyways Air IPO GMP ₹28 के आसपास है, जो अपर प्राइस बैंड ₹138 के मुकाबले करीब 20.3% का प्रीमियम है। हालांकि, GMP अनऑफिशियल संकेतक है और इसमें लगातार बदलाव हो सकता है।
एयर फ्रेट फॉरवर्डिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में काम करने वाली स्काईवेज एयर सर्विसेज इस इश्यू से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कर्ज कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतें पूरी करने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की आय 25% बढ़ी है, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा 32% बढ़कर ₹63.52 करोड़ पहुंच गया।
24 अगस्त को खुलेगा Skyways Air IPO
स्काईवेज एयर सर्विसेज का आईपीओ 24 अगस्त 2026 को खुलेगा और इसमें निवेशक 27 अगस्त 2026 तक बोली लगा सकेंगे। शेयर अलॉटमेंट को 28 अगस्त को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। कंपनी के शेयरों की NSE और BSE पर लिस्टिंग प्रस्तावित है और संभावित लिस्टिंग डेट 1 सितंबर 2026 है।
आईपीओ से पहले एंकर निवेशकों के लिए बोली प्रक्रिया भी आयोजित की जाएगी। इश्यू के बुक-रनिंग लीड मैनेजर होलानी कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड हैं, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड रजिस्ट्रार की भूमिका निभा रहा है।
₹582.8 करोड़ के इश्यू में क्या है?
Skyways Air IPO का कुल साइज करीब ₹582.8 करोड़ है। इसमें कंपनी 2.89 करोड़ नए शेयर जारी करेगी, जिनसे करीब ₹398.8 करोड़ जुटाने का लक्ष्य है। इसके अलावा करीब 1.33 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसकी कीमत लगभग ₹184 करोड़ है।
निवेशक कम से कम 100 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इसके बाद आवेदन 100 शेयरों के गुणक में किया जा सकेगा।
₹131 के फ्लोर प्राइस पर वित्त वर्ष 2026 के डायल्यूटेड EPS के आधार पर कंपनी का P/E करीब 36.80 गुना बैठता है। वहीं ₹138 के अपर प्राइस बैंड पर P/E करीब 38.76 गुना है।
कंपनी के आईपीओ दस्तावेजों के मुताबिक, संबंधित इंडस्ट्री कंपनियों का औसत P/E करीब 491 गुना बताया गया है। पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान कंपनी का भारित औसत RoNW करीब 14.83% रहा।
IPO से मिले पैसे का क्या करेगी कंपनी?
Skyways Air Services के लिए आईपीओ का एक प्रमुख उद्देश्य कर्ज का बोझ कम करना है। कंपनी और उसकी सहायक कंपनी Forin Container Line Pvt Ltd के कुछ कर्ज के पूरे या आंशिक भुगतान तथा प्री-पेमेंट के लिए करीब ₹216.79 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
कर्ज कम होने से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होने और ब्याज एवं वित्तीय लागत का बोझ घटने की उम्मीद है।
इसके अलावा कंपनी ने ₹130 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए निर्धारित किए हैं। लॉजिस्टिक्स कारोबार में रोजाना के परिचालन, इन्वेंट्री, ट्रांसपोर्टेशन और अन्य खर्चों के लिए वर्किंग कैपिटल महत्वपूर्ण होती है।
आईपीओ से मिलने वाली शुद्ध रकम में से कुल करीब ₹346.79 करोड़ निर्धारित उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। बची हुई रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए खर्च की जाएगी।
वित्त वर्ष 2026 में 25% बढ़ी कंपनी की आय
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में स्काईवेज एयर सर्विसेज की कुल आय 25% बढ़कर ₹2,839.67 करोड़ हो गई। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की आय ₹2,270.99 करोड़ थी।
मुनाफे में इससे भी तेज वृद्धि देखने को मिली। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा यानी PAT 32% बढ़कर ₹63.52 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले यह ₹48.14 करोड़ था।
इससे पता चलता है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में न सिर्फ कारोबार बढ़ाया, बल्कि मुनाफे में भी अच्छी ग्रोथ दर्ज की।
1984 से लॉजिस्टिक्स कारोबार में सक्रिय
स्काईवेज एयर सर्विसेज की स्थापना 1984 में हुई थी। कंपनी एयर फ्रेट फॉरवर्डिंग और लॉजिस्टिक्स कारोबार में सक्रिय है और समय के साथ इसने अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ाया है।
कंपनी की प्रमुख सेवाओं में एयर फ्रेट फॉरवर्डिंग, ओशन फ्रेट फॉरवर्डिंग, ट्रकिंग, वेयरहाउसिंग, कस्टम्स ब्रोकिंग और टेक्नोलॉजी आधारित एक्सप्रेस कार्गो एवं पार्सल डिलीवरी शामिल हैं।
इसके अलावा कंपनी लॉजिस्टिक्स प्लानिंग और मैनेजमेंट, कार्गो हैंडलिंग, इन्वेंट्री मैनेजमेंट, दस्तावेजीकरण, कस्टम्स क्लियरेंस और एंड-टू-एंड डिस्ट्रीब्यूशन जैसी वैल्यू-एडेड सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।
एयर इंडिया कार्गो और लुफ्थांसा जैसे नामों से कनेक्शन
कंपनी की कारोबारी पहुंच भारत तक सीमित नहीं है। स्काईवेज एयर सर्विसेज कई अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और गठबंधनों के साथ काम करती है। इनमें वर्ल्ड कार्गो अलायंस, एयर एंड ओशन पार्टनर्स, कंबाइंड लॉजिस्टिक्स नेटवर्क्स, मल्टी ग्रुप लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, ग्लोबल फ्रेट अलायंस और ट्रांसपोर्ट वर्ल्डवाइड इंटरनेशनल ग्रुप जैसे नेटवर्क शामिल हैं।
कंपनी ने सऊदी कार्गो, एयर इंडिया कार्गो, टर्किश एयरलाइंस और लुफ्थांसा जैसी प्रमुख एयरलाइंस के साथ प्रदर्शन आधारित समझौते भी किए हैं। इससे कंपनी को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कनेक्टिविटी और सेवा कवरेज बढ़ाने में मदद मिलती है।
फार्मा और तापमान-संवेदनशील कार्गो पर भी फोकस
स्काईवेज एयर सर्विसेज ने अपने कारोबार को मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स मॉडल की दिशा में विकसित किया है। कंपनी के पास इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास फार्मास्युटिकल और तापमान-संवेदनशील कार्गो के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं हैं।
कंपनी एयर और ओशन फ्रेट के साथ सड़क परिवहन और एक्सप्रेस डिलीवरी को भी एकीकृत प्लेटफॉर्म के जरिए उपलब्ध कराती है। इसके संचालन में टेक्नोलॉजी आधारित सिस्टम की भूमिका महत्वपूर्ण है, जिससे कार्गो हैंडलिंग और लॉजिस्टिक्स प्रक्रिया को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद मिलती है।
बढ़ रही है कर्मचारियों की संख्या
कंपनी के विस्तार का असर उसके कर्मचारियों की संख्या में भी दिखाई देता है। 31 दिसंबर 2024 तक कंपनी और उसकी सहायक कंपनियों में कुल 1,035 कर्मचारी थे।
इससे पहले 31 मार्च 2024 को कर्मचारियों की संख्या 950, 31 मार्च 2023 को 840 और 31 मार्च 2022 को 712 थी। यानी कंपनी के साथ कर्मचारियों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है।
Skyways Air IPO GMP ₹28, लेकिन निवेशकों को सावधान रहना चाहिए
प्राइस बैंड की घोषणा के बाद ग्रे मार्केट में Skyways Air IPO को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है। बाजार सूत्रों के अनुसार, IPO GMP करीब ₹28 बताया जा रहा है। ₹138 के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले यह करीब 20.3% का प्रीमियम है।
अगर यही GMP लिस्टिंग तक बना रहता है, तो ग्रे मार्केट के हिसाब से शेयर की संभावित कीमत करीब ₹166 हो सकती है। हालांकि, यह सिर्फ एक अनुमान है। GMP आधिकारिक नहीं होता और लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं देता। ग्रे मार्केट प्रीमियम बाजार की धारणा, आईपीओ की मांग और लिस्टिंग से पहले बदल सकता है।
Skyways Air IPO: जरूरी तारीखें एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| कंपनी | Skyways Air Services Ltd |
| IPO साइज | ₹582.8 करोड़ |
| प्राइस बैंड | ₹131-₹138 प्रति शेयर |
| IPO खुलने की तारीख | 24 अगस्त 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 27 अगस्त 2026 |
| न्यूनतम लॉट | 100 शेयर |
| फ्रेश इश्यू | 2.89 करोड़ शेयर |
| OFS | 1.33 करोड़ शेयर |
| अलॉटमेंट | 28 अगस्त 2026 (संभावित) |
| लिस्टिंग | 1 सितंबर 2026 (संभावित) |
| GMP | करीब ₹28* |
नोट: GMP अनऑफिशियल और तेजी से बदलने वाला आंकड़ा है। निवेश का फैसला केवल GMP देखकर नहीं करना चाहिए।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी के DRHP/RHP, वित्तीय आंकड़ों, वैल्यूएशन, जोखिमों और अपने वित्तीय सलाहकार की राय पर विचार करें। ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक संकेतक नहीं है और इससे वास्तविक लिस्टिंग कीमत का अनुमान निश्चित नहीं लगाया जा सकता। विशेषज्ञों द्वारा दी गई सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं। ये NewsJagran.in के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते।


