Ashok Leyland Q1 Results: कमर्शियल व्हीकल बनाने वाली कंपनी अशोक लीलैंड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है, हालांकि मुनाफे में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। नतीजों के बाद 14 अगस्त को कंपनी के शेयरों में दबाव देखने को मिला और स्टॉक करीब 4 फीसदी तक गिर गया।
जून तिमाही में अशोक लीलैंड का मुनाफा ₹615.81 करोड़
अशोक लीलैंड ने बताया कि जून 2026 तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.77 फीसदी बढ़कर 615.81 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 611.07 करोड़ रुपये था।
वहीं, कंपनी के ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। अप्रैल-जून 2026 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 11.6 फीसदी बढ़कर 13,069.59 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि जून 2025 तिमाही में यह आंकड़ा 11,708.54 करोड़ रुपये था।
खर्च बढ़ने से EBITDA मार्जिन पर दबाव
कंपनी के मुताबिक जून 2026 तिमाही में कुल खर्च बढ़कर 12,314.66 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 10,920.53 करोड़ रुपये था। इनपुट कॉस्ट में करीब 8.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अशोक लीलैंड का EBITDA जून तिमाही में 969 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 970 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA मार्जिन घटकर 10.1 फीसदी रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 11.1 फीसदी था।
दो सहयोगी कंपनियों में निवेश को मंजूरी
अशोक लीलैंड के बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी Optare Plc. UK में निवेश को मंजूरी दी है। कंपनी इसमें एक या उससे ज्यादा किश्तों में 2.5 करोड़ पाउंड (करीब 325 करोड़ रुपये) तक का इक्विटी निवेश करेगी।
इसके अलावा कंपनी ने अपनी स्टेप-डाउन सब्सिडियरी हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड में भी 500 करोड़ रुपये तक निवेश करने की मंजूरी दी है। यह निवेश हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस लिमिटेड से शेयर खरीदकर किया जाएगा।
हिंदुजा हाउसिंग फाइनेंस, हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस की 100 फीसदी स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी है। दोनों निवेश संबंधित पक्षों (Related Party Transactions) से जुड़े हैं।
नतीजों के बाद Ashok Leyland शेयर में गिरावट
Q1 नतीजों के बाद 14 अगस्त को अशोक लीलैंड के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। BSE पर कंपनी का शेयर दिन के कारोबार में पिछले बंद भाव से करीब 4 फीसदी गिरकर 169.90 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया।
कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। अशोक लीलैंड का शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है और इसकी फेस वैल्यू 1 रुपये है।
हालांकि, लंबी अवधि में शेयर ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में अशोक लीलैंड के शेयर में करीब 42 फीसदी की तेजी आई है। जून 2026 के अंत तक कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 51.51 फीसदी थी।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
अशोक लीलैंड के तिमाही नतीजों में रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत रही है, लेकिन बढ़ती लागत और मार्जिन में गिरावट निवेशकों की चिंता का कारण बन सकती है। कमर्शियल व्हीकल सेक्टर में मांग, लागत नियंत्रण और कंपनी के नए निवेश आने वाली तिमाहियों में स्टॉक की दिशा तय करने वाले अहम फैक्टर रहेंगे।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। NewsJagran किसी भी व्यक्ति को शेयर खरीदने या बेचने की सलाह नहीं देता है।


