Italy Theft Case: भारतीय फोटोग्राफरों ने बताया कि नोवेंता डि पियावे के मैकआर्थरग्लेन डिजाइनर आउटलेट की पार्किंग में उनकी कार का शीशा तोड़कर लाखों रुपये का कैमरा इक्विपमेंट चोरी कर लिया गया। पुलिस ने रविवार होने का हवाला देते हुए तुरंत कार्रवाई करने से इनकार कर दिया।
इटली घूमने गए दो भारतीय फोटोग्राफरों के लिए यह यात्रा एक बुरे अनुभव में बदल गई, जब उनका करीब 40 लाख रुपये से ज्यादा कीमत का प्रोफेशनल कैमरा गियर चोरी हो गया। फोटोग्राफरों का आरोप है कि चोरी की जानकारी और लाइव ट्रैकर लोकेशन उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें पुलिस से समय पर मदद नहीं मिल सकी।
फोटोग्राफरों ने बताया कि घटना 9 अगस्त को इटली के नोवेंता डि पियावे (Noventa di Piave) स्थित मैकआर्थरग्लेन डिजाइनर आउटलेट की फ्री पार्किंग में हुई। उन्होंने अपनी किराए की कार दोपहर करीब 3:30 बजे पार्क की थी। लगभग 1 घंटे 40 मिनट बाद जब वे वापस लौटे तो कार की पिछली खिड़की टूटी हुई थी और अंदर रखा कैमरा बैग गायब था।
40 लाख रुपये के कैमरे और लेंस चोरी
फोटोग्राफर गणेश बागल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर इस घटना की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि चोरी हुआ सामान दोनों फोटोग्राफरों का था, जिसकी कुल कीमत 40,000 यूरो यानी करीब 40 लाख रुपये से ज्यादा थी।
चोरी हुए सामान में कई महंगे प्रोफेशनल कैमरा बॉडी, लेंस और फोटोग्राफी उपकरण शामिल थे। हालांकि, राहत की बात यह थी कि कुछ सामान में ट्रैकिंग डिवाइस लगे हुए थे, जिससे चोरी हुए सामान की लोकेशन का पता चल रहा था।
ट्रैकर की जानकारी देने के बाद भी नहीं मिली मदद
फोटोग्राफरों के अनुसार, चोरी के बाद वे तुरंत पुलिस के पास पहुंचे और उन्हें ट्रैकर की लाइव लोकेशन दिखाई। उन्होंने पुलिस से साथ चलकर सामान बरामद करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि उस समय रविवार था और शाम करीब 7 बज चुके थे। पुलिस ने कथित तौर पर यह कहते हुए मदद करने से मना कर दिया कि वे उस समय उनके साथ नहीं जा सकते।
ट्रैकर की मदद से उन्हें पता चला कि उनका सामान एक इंडस्ट्रियल एरिया में पहुंच चुका था। इसके बाद दोनों ने खुद वहां जाने का फैसला किया।
खुद पहुंचे लोकेशन पर, मिले सिर्फ पासपोर्ट और खाली बैग
फोटोग्राफरों ने बताया कि किसी दूसरे देश में, भाषा की परेशानी के बीच खुद चोरी हुए सामान की तलाश करना जोखिम भरा था। लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि शायद कैमरे और लेंस वापस मिल जाएं।
जब वे ट्रैकर की लोकेशन पर पहुंचे तो वहां उन्हें अपने दो पासपोर्ट, कुछ निजी सामान और खाली कैमरा बैग मिला। हालांकि, कैमरा बॉडी और लेंस पहले ही गायब किए जा चुके थे।
उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा निराशा इस बात से हुई कि उनके पास चोरी हुए सामान की लाइव लोकेशन मौजूद थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
“हम पूरे इटली को दोष नहीं दे रहे”
फोटोग्राफरों ने साफ किया कि उनका मकसद पूरे इटली को बदनाम करना नहीं है। उन्होंने अपना अनुभव इसलिए साझा किया ताकि दूसरे पर्यटक और फोटोग्राफर सतर्क रहें।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर चोरी हुआ कैमरा गियर कहीं बिक्री के लिए दिखाई दे या सर्विसिंग के लिए भेजा जाए तो इसकी जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान के साथ विदेश यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि कुछ लोगों ने फोटोग्राफरों को कार में महंगा सामान छोड़ने को लेकर सावधान रहने की सलाह दी।
एक यूजर ने लिखा कि 40,000 यूरो के सामान के साथ यात्रा करते समय सिर्फ ट्रैकर पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि सामान को हमेशा अपने पास रखना चाहिए।
वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि यूरोप के कई पर्यटन स्थलों पर कार से चोरी की घटनाएं सामने आती रहती हैं और यात्रियों को पहले से सतर्क रहना चाहिए।
विदेश यात्रा में महंगे सामान को लेकर सावधानी जरूरी
यह घटना विदेश यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक सबक भी है। विशेषज्ञों के अनुसार, महंगे कैमरा, लैपटॉप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान को कभी भी पार्क की गई कार में नहीं छोड़ना चाहिए।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे:
- महंगे सामान का इंश्योरेंस करवाएं।
- सामान की सीरियल नंबर और फोटो सुरक्षित रखें।
- ट्रैकिंग डिवाइस का इस्तेमाल करें।
- पार्किंग में कार छोड़ते समय सामान को नजर से दूर न रखें।
विदेश में चोरी जैसी घटनाओं के दौरान स्थानीय कानून और पुलिस प्रक्रिया को समझना भी बेहद जरूरी होता है।


