Pahalgam Attack: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बताया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली चिंता हमलावरों की पहचान करना थी। भारत लौटते ही पीएम मोदी ने अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और सबसे पहले पूछा कि इस हमले के पीछे कौन जिम्मेदार है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि हमले के बाद पीएम मोदी की प्राथमिकता यह जानना थी कि इस हमले को अंजाम देने वाले लोग कौन हैं और इसके पीछे किसका हाथ है।
अजीत डोभाल ने ये बातें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित डिस्कवरी की डॉक्यूमेंट्री में बताईं। इस डॉक्यूमेंट्री में भारत सरकार, सेना और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े कई अहम अधिकारियों के बयान शामिल किए गए हैं, जो इस अभियान से सीधे जुड़े रहे थे।
सऊदी अरब यात्रा बीच में छोड़कर लौटे थे पीएम मोदी
NSA अजीत डोभाल के मुताबिक, पहलगाम हमले के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब की यात्रा पर थे। जैसे ही उन्हें आतंकी हमले की जानकारी मिली, उन्होंने अपनी विदेश यात्रा को बीच में छोड़ा और तुरंत भारत लौटने का फैसला किया।
डोभाल ने बताया कि भारत पहुंचने के बाद एयरपोर्ट पर ही अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने सबसे पहले हमले से जुड़े सभी तथ्यों की जानकारी ली।
इसके बाद पीएम मोदी ने अधिकारियों से पहला सवाल पूछा कि “पहलगाम हमले के पीछे कौन है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है?”
डोभाल ने कहा कि प्रधानमंत्री स्पष्ट रूप से चाहते थे कि हमले के जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
खुफिया एजेंसियों ने कम समय में जुटाई जानकारी
अजीत डोभाल ने बताया कि भारत की खुफिया एजेंसियों ने इस मामले में बेहद प्रभावी काम किया। एजेंसियों की मदद से जल्द ही यह स्पष्ट हो गया कि हमले के पीछे कौन लोग शामिल थे।
उन्होंने कहा कि जांच और खुफिया इनपुट के आधार पर भारत इस निष्कर्ष तक पहुंचा कि पहलगाम आतंकी हमले के पीछे किन आतंकी संगठनों और लोगों की भूमिका थी।
‘ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है’
NSA अजीत डोभाल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है, तो इसका मतलब आतंकवाद के खिलाफ भारत की लंबी लड़ाई से है।
उन्होंने बताया कि भारत का लक्ष्य तब तक जारी रहेगा, जब तक आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता नहीं मिलती।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।” इस बयान को पाकिस्तान के लिए भारत का कड़ा संदेश माना गया था।
पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की हुई थी मौत
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
भारत ने इसके जवाब में 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस सैन्य अभियान में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर कार्रवाई की।
भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया।
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ा था तनाव
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव काफी बढ़ गया था। दोनों देशों के बीच कई दिनों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
हालांकि, 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम पर सहमति बनी। इसके बाद सीमा पर तनाव कम हुआ।
अजीत डोभाल के इस बयान से यह साफ होता है कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने किसी भी कार्रवाई से पहले पूरी जानकारी जुटाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान करने को प्राथमिकता दी थी।


