Chamoli Tunnel Accident: उत्तराखंड के चमोली जिले में हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन सुरंग में पानी और गाद भरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। वहीं, छह मजदूरों के लापता होने की सूचना है और उन्हें तलाशने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
सुरंग में अचानक घुसा पानी और मलबा
यह हादसा चमोली जिले के पिपलकोटी क्षेत्र में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) के हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सुरंग के भीतर अचानक पानी और मलबा भरने से मजदूर फंस गए।
बताया गया कि घटना के समय सुरंग के अंदर करीब 22 मजदूर मौजूद थे। बचाव अभियान के दौरान मजदूरों को बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में सात मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 11 मजदूर घायल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रोजेक्ट का निर्माण हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) द्वारा किया जा रहा है।
छाती तक पहुंचा पानी, शव निकालने में हुई मुश्किल
VIDEO | Uttarakhand: 22 rescued in the Chamoli district's THDC tunnel incident; 7 dead and 11 injured. At least 6 remain missing as rescue operation continues.
Inspector, NDRF, Amrit Lal Meena says, "As soon as we received the information, our team reached the site and initiated… pic.twitter.com/6q23f0V5N6
— Press Trust of India (@PTI_News) August 13, 2026 हादसे के बाद सुरंग के अंदर पानी का स्तर काफी बढ़ गया था। NDRF इंस्पेक्टर अमृत लाल मीणा के मुताबिक, सुरंग के भीतर पानी छाती तक पहुंच गया था। ऐसे हालात में रेस्क्यू टीमों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
बचावकर्मी पानी के बीच सुरंग के अंदर पहुंचे। कुछ टीम सदस्यों के पास पानी के भीतर काम करने के लिए विशेष उपकरण भी थे। रेस्क्यू टीम ने पानी में डूबे शवों को बाहर निकाला, जो ऊपर से दिखाई नहीं दे रहे थे।
अधिकारियों के मुताबिक, बचाव अभियान के दौरान टीमों ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम किया और सुरंग के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की।
NDRF, SDRF और सेना समेत कई एजेंसियां जुटीं
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके अलावा सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) और अन्य राहत एजेंसियों को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया।
बचाव अभियान को मजबूत करने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) और सेना की टीमें भी तैनात की गईं। सुरंग के अंदर पानी और गाद की स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू टीमों को सावधानी के साथ अभियान चलाना पड़ रहा है।
लापता मजदूरों की तलाश जारी
हादसे के बाद छह मजदूरों के अभी भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। राहत और बचाव दल सुरंग के अंदर संभावित स्थानों पर लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सुरंग के भीतर पानी और मलबा बड़ी चुनौती बना हुआ है। रेस्क्यू टीमों की प्राथमिकता लापता मजदूरों तक पहुंचना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।
मुख्यमंत्री धामी ने दिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू के निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली में हुए हादसे पर चिंता जताई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को राहत एवं बचाव अभियान को युद्धस्तर पर तेज करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटरों के जरिए पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त रेस्क्यू टीमें और संसाधन मौके पर भेजे जाएंगे।
फिलहाल प्रशासन और बचाव एजेंसियों का पूरा ध्यान सुरंग में फंसे या लापता मजदूरों की तलाश और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर है।


