Kangana Ranaut: कंगना रनौत ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन को ‘Gen Z Protest’ कहे जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल भीड़ में अलग-अलग उम्र के लोग मौजूद थे और इसे पूरी Gen Z का प्रतिनिधित्व बताना सही नहीं है। कंगना ने अपने पुराने ‘Generation Gutter’ वाले बयान का भी बचाव किया।
Kangana Ranaut: जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अपने पुराने ‘Generation Gutter’ बयान पर आलोचना झेलने के बाद कंगना ने अब एक बार फिर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी पूरी Gen Z पीढ़ी के लिए नहीं थी, बल्कि उन्होंने प्रदर्शन के कुछ वीडियो में नजर आए लोगों और उनके व्यवहार को लेकर अपनी राय जाहिर की थी।
कंगना ने गुरुवार को इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि जंतर-मंतर पर हुई सभा को लगातार ‘Gen Z Protest’ क्यों कहा जा रहा है। उनका तर्क था कि प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या भारत की पूरी Gen Z आबादी की तुलना में बेहद कम थी। इसके अलावा प्रदर्शन में केवल युवा ही नहीं, बल्कि अलग-अलग उम्र के लोग भी मौजूद थे।
कंगना ने ‘Gen Z Protest’ कहे जाने पर उठाया सवाल
कंगना ने अपने वीडियो में कहा कि अगर किसी प्रदर्शन को Gen Z का विरोध प्रदर्शन कहा जा रहा है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि उसमें वास्तव में कितने Gen Z लोग शामिल थे। उन्होंने भारत में Gen Z की आबादी का अनुमान लगभग 30 से 35 करोड़ बताया।
कंगना के मुताबिक, जंतर-मंतर पर लगभग 10 हजार लोगों की भीड़ जमा हुई थी। उनका दावा है कि इनमें से बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जो Gen Z आयु वर्ग में नहीं आते। इसी बात को समझाने के लिए उन्होंने अभिनेत्री शबाना आजमी का उदाहरण दिया।
कंगना ने कहा कि जंतर-मंतर पर मौजूद भीड़ में आधे से ज्यादा लोग शबाना आजमी जैसे उम्रदराज लोग थे और वहां अलग-अलग आयु वर्ग के लोग नजर आ रहे थे। उन्होंने सवाल किया कि जब प्रदर्शन में सभी उम्र के लोग शामिल थे, तो इसे पूरी Gen Z का विरोध प्रदर्शन किस आधार पर कहा जा रहा है।
‘लगभग 2 हजार लोग ही Gen Z थे’
कंगना ने अपने बयान में दावा किया कि जंतर-मंतर की सभा में लगभग 2 हजार लोग ही Gen Z आयु वर्ग से संबंधित थे। उन्होंने इसी आंकड़े को आधार बनाते हुए पूछा कि इतनी सीमित संख्या को पूरे देश की Gen Z का प्रतिनिधि कैसे माना जा सकता है।
उन्होंने सवाल किया कि अगर देश में Gen Z की आबादी करोड़ों में है, तो कुछ हजार लोगों के प्रदर्शन को पूरी पीढ़ी की आवाज बताना उचित नहीं है। कंगना का कहना है कि विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों और पूरी पीढ़ी के बीच अंतर किया जाना चाहिए।
यह बयान ऐसे समय आया है जब कंगना की पहले की टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस चल रही है। आलोचकों का आरोप था कि उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं को लेकर व्यापक टिप्पणी की। वहीं कंगना लगातार यह स्पष्ट कर रही हैं कि उन्होंने सभी युवाओं के बारे में ऐसा नहीं कहा था।
कंगना बोलीं- ‘मैं युवा-विरोधी नहीं हो सकती’
कंगना ने अपने नए बयान में यह भी कहा कि वह युवा-विरोधी नहीं हो सकतीं। उन्होंने अपनी पिछली टिप्पणी को प्रदर्शन में नजर आए एक खास वर्ग तक सीमित बताया।
अभिनेत्री ने आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा कि कोई ऐसा बयान दिखाया जाए जिसमें उन्होंने पूरी Gen Z पीढ़ी को निशाना बनाया हो। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बयान को एक बड़े एजेंडे के तहत पेश किया जा रहा है।
कंगना के मुताबिक, उनका मुद्दा पूरी पीढ़ी नहीं, बल्कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों की भाषा और व्यवहार था। वह लगातार इस बात पर जोर दे रही हैं कि उनके बयान को संदर्भ से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए।
‘Generation Gutter’ बयान से शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना ने जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के व्यवहार और भाषा को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की थी।
कंगना ने कहा था कि उन्होंने अपनी जिंदगी में किसी एक जगह पर इतनी ‘बदसूरती’ नहीं देखी। उन्होंने Gen Z से जुड़े प्रदर्शन के वीडियो देखने के बाद अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों को ‘Generation Gutter’ तक कह दिया था।
उनकी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली। आलोचकों ने आरोप लगाया कि कंगना ने कुछ प्रदर्शनकारियों के व्यवहार के आधार पर पूरी Gen Z पीढ़ी को निशाना बनाया। इसके बाद कंगना को अपने बयान पर सफाई देनी पड़ी।
‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी पर भी दे चुकी हैं सफाई
कंगना ने इससे पहले अपनी ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया था। उन्होंने कहा था कि उनका बयान उन लोगों के संदर्भ में था, जो खुद को कॉकरोच कह रहे थे।
कंगना ने तर्क दिया कि अगर कोई व्यक्ति खुद को कॉकरोच कहता है तो उसके इस बयान को उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद को कॉकरोच नहीं मानतीं और इसलिए उनके लिए इस तरह की तुलना स्वीकार्य नहीं है।
अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया था कि उनके बयान को सभी युवाओं पर लागू करना गलत है। उनके अनुसार, उन्होंने प्रदर्शन में मौजूद कुछ लोगों या कुछ महिलाओं के बारे में अपनी प्रतिक्रिया दी थी, न कि देश के सभी युवाओं के बारे में।
शबाना आजमी भी प्रदर्शन में हुई थीं शामिल
जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन में अभिनेत्री शबाना आजमी भी शामिल हुई थीं। 75 वर्षीय अभिनेत्री ने प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए थे।
इन तस्वीरों और वीडियो में शबाना आजमी प्रदर्शनकारियों के साथ नजर आई थीं। वह एक ट्रक में यात्रा करती और प्रदर्शनकारियों के साथ आगे बढ़ती भी दिखाई दी थीं। कंगना ने इसी उदाहरण का इस्तेमाल करते हुए कहा कि प्रदर्शन में केवल Gen Z के लोग मौजूद नहीं थे।
प्रदर्शन के दौरान अभिनेता प्रकाश राज भी शबाना आजमी के साथ नजर आए थे। इस तरह प्रदर्शन में मनोरंजन जगत से जुड़े कई चर्चित चेहरे भी शामिल हुए थे।
विवाद की असली वजह क्या है?
इस पूरे विवाद का केंद्र कंगना की भाषा और उनके बयान का दायरा है। कंगना का कहना है कि उन्होंने प्रदर्शन में नजर आए कुछ लोगों के व्यवहार की आलोचना की थी। वहीं आलोचकों का कहना है कि ‘Generation Gutter’ जैसे शब्दों से पूरी Gen Z के बारे में नकारात्मक धारणा बनती है।
कंगना अब अपने ताजा बयान के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश कर रही हैं कि किसी प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों को पूरी पीढ़ी का प्रतिनिधि मानना उचित नहीं है। उन्होंने प्रदर्शन में मौजूद अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों का उदाहरण देते हुए ‘Gen Z Protest’ नाम दिए जाने पर सवाल उठाया है।
फिलहाल, कंगना के बयान ने सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। एक तरफ उनके समर्थक उनके इस तर्क से सहमत नजर आ रहे हैं कि कुछ हजार प्रदर्शनकारियों को पूरी Gen Z का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता। दूसरी ओर आलोचकों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं और कलाकारों को किसी समूह के बारे में टिप्पणी करते समय शब्दों के चयन में सावधानी बरतनी चाहिए।


